Benjamin Netanyahu: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बड़ा और गंभीर दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या करने की कोशिश की थी। नेतन्याहू ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव बेहद गंभीर बना हुआ है। उन्होंने अपने परिवार को दी जा रही कड़ी सुरक्षा का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई लग्जरी नहीं, बल्कि वास्तविक खतरे को देखते हुए जरूरी है।
नेतन्याहू ने इंटरव्यू में क्या कहा?
नेतन्याहू ने सोमवार, 24 अगस्त को इजरायली चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू के दौरान यह दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे को निशाना बनाया और उसकी हत्या की कोशिश की।
नेतन्याहू ने कथित खतरे को अपनी सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि उनके परिवार को दी जा रही सुरक्षा किसी विशेष सुविधा या दिखावे के लिए नहीं है। उनके मुताबिक, अगर सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती तो हमलावर अपने मकसद में सफल हो सकते थे।
हालांकि, प्रधानमंत्री ने यह नहीं बताया कि कथित हत्या की कोशिश कब हुई, किस स्थान पर हुई या हमले के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि उनके किस बेटे को निशाना बनाया गया था।
किस बेटे को बनाया गया निशाना?
बेंजामिन नेतन्याहू के दो बेटे हैं—याइर नेतन्याहू और अवनेर नेतन्याहू। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि कथित ईरानी साजिश का निशाना दोनों में से कौन था।
रॉयटर्स के मुताबिक, नेतन्याहू के बड़े बेटे याइर फिलहाल मियामी में रहते हैं, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कथित हमले का निशाना वही थे। इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा को लेकर क्यों उठे सवाल?
नेतन्याहू का बयान उनके परिवार को मिलने वाली सुरक्षा पर चर्चा के दौरान सामने आया। उन्होंने कहा कि ईरान से वास्तविक खतरा मौजूद है और इसी वजह से परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को कम नहीं किया जा सकता।
इजरायल में प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा से जुड़े कई विवरण सार्वजनिक नहीं किए जाते। इसलिए नेतन्याहू के दावे के बावजूद कथित साजिश के बारे में विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। रॉयटर्स के अनुसार, ईरानी मिशन ने इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
जुलाई में भी बढ़ाई गई थी परिवार की सुरक्षा
नेतन्याहू के ताजा बयान से पहले जुलाई में उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू और दोनों बेटों की सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी दिए जाने की खबर सामने आई थी। यह फैसला परिवार के सामने मौजूद सुरक्षा चिंताओं के बीच लिया गया था।
हालांकि, उस समय सुरक्षा बढ़ाने के पीछे किसी खास कथित हमले या साजिश का सार्वजनिक रूप से विस्तृत विवरण नहीं दिया गया था। अब नेतन्याहू ने खुद ईरान की ओर से अपने एक बेटे को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का दावा किया है।
ईरान-इजरायल तनाव के बीच आया बयान
नेतन्याहू का यह दावा इजरायल और ईरान के बीच चल रहे गंभीर संघर्ष के बीच आया है। रॉयटर्स के अनुसार, फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हुई है। ऐसे माहौल में नेतन्याहू के परिवार को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का दावा तनाव की गंभीरता को और उजागर करता है।
साथ ही, इजरायल में आगामी 27 अक्टूबर के आम चुनाव को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म है। नेतन्याहू ने अपने बयान में सुरक्षा के मुद्दे को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की सुरक्षा से भी जोड़ते हुए सभी प्रमुख उम्मीदवारों को पर्याप्त सुरक्षा दिए जाने की जरूरत पर जोर दिया।
अभी सामने नहीं आए कथित साजिश के पूरे तथ्य
नेतन्याहू के आरोप को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने कथित हत्या की कोशिश के बारे में कोई विस्तृत सबूत या ऑपरेशन की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। न तो हमले की तारीख बताई गई है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि कथित साजिश को किस एजेंसी ने नाकाम किया।
इजरायली मीडिया में इस कथित मामले को लेकर कुछ रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि निशाना याइर थे या अवनेर। इसलिए फिलहाल यह मामला नेतन्याहू के दावे के रूप में ही सामने है और इससे जुड़े कई अहम सवालों के जवाब सार्वजनिक होना बाकी हैं।
निष्कर्ष: नेतन्याहू के इस दावे ने इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने अपने परिवार की कड़ी सुरक्षा को जायज ठहराते हुए कहा है कि खतरा वास्तविक है। हालांकि, कथित हत्या की कोशिश के बारे में विस्तृत तथ्य और स्वतंत्र पुष्टि अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।


