Stock Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त को शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिला। मेटल, आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली के बीच सेंसेक्स इंट्रा-डे में 243 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 24,100 के करीब पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार का सेंटीमेंट कमजोर किया।
सुबह 10:25 बजे सेंसेक्स 231.64 अंक यानी 0.30% की गिरावट के साथ 77,137.47 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 में 99.50 अंक यानी 0.41% की गिरावट थी और यह 24,119.55 पर पहुंच गया था। इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 243.20 अंक टूटकर 77,125.91 और निफ्टी 103.60 अंक गिरकर 24,115.45 के स्तर तक आ गया।
ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव देखने को मिला और निफ्टी मिडकैप 100 तथा निफ्टी स्मॉलकैप 100 में कमजोरी नजर आई। आइए जानते हैं बाजार में गिरावट की चार बड़ी वजहें।
Stock Market Fall: ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए उसके ऑयल, डिजिटल एसेट, टेक्नोलॉजी, गोल्ड, एविएशन और शिपिंग सेक्टर से जुड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। अमेरिका की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि ईरान का साथ देने वाले देशों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम से ग्लोबल मार्केट में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है। दूसरी ओर ईरान ने डॉलर आधारित सिस्टम से बाहर निकलने की चेतावनी दी है और अमेरिकी कदम को गंभीर कार्रवाई बताया है। निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का असर जोखिम वाले एसेट्स पर दिखाई दे रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर करीब 91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय होता है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और महंगाई तथा चालू खाते पर भी दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। यही वजह है कि क्रूड में तेजी के बीच शेयर बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ।
एक्सपायरी का दबाव भी बाजार पर हावी
आज निफ्टी, बैंक निफ्टी समेत इंडेक्स और स्टॉक्स से जुड़े डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है। ऐसे में ट्रेडर्स अपनी मंथली पोजिशन को स्क्वेयर ऑफ करने में जुटे हैं।
एक्सपायरी के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव आम तौर पर बढ़ सकता है। इसके अलावा यह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS व्यवस्था लागू होने के बाद पहली मंथली एक्सपायरी है। ऐसे में बाजार की गतिविधियों पर ट्रेडर्स की खास नजर है।
मेटल, आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह चुनिंदा सेक्टर्स में बिकवाली भी रही। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल करीब 1% तक कमजोर हुआ। इसके अलावा निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो में भी आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
मेटल शेयरों में कमजोरी ने इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया, जबकि आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली ने बाजार की चौड़ाई को प्रभावित किया। इन प्रमुख सेक्टर्स में कमजोरी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव बना रहा।
निवेशकों को आगे किन संकेतों पर नजर रखनी चाहिए?
फिलहाल बाजार के लिए ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, डेरिवेटिव एक्सपायरी और सेक्टर आधारित बिकवाली अहम संकेत बने हुए हैं। अगर क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रहती है और अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है, तो बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। वहीं, एक्सपायरी के बाद बाजार की दिशा में कुछ स्थिरता आने की उम्मीद की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक या अन्य वित्तीय उत्पाद में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in की ओर से किसी निवेश या शेयर की खरीद-बिक्री की सलाह नहीं दी जाती है।


