Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में सड़क की चौड़ाई को निर्माण की अनुमति से जोड़ने की तैयारी है। 18 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़क से जुड़े प्लॉट पर कई तरह के निर्माण के लिए अधिक FAR मिल सकता है। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए प्लॉट का आकार, जमीन का इस्तेमाल और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
दिल्ली में आने वाले समय में जमीन पर निर्माण के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में अलग-अलग तरह के विकास और निर्माण के लिए प्लॉट के आकार के साथ-साथ उसके सामने मौजूद सड़क की चौड़ाई को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, 18 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़क से जुड़े भूखंडों पर कुछ श्रेणियों में ज्यादा फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की अनुमति मिल सकती है।
इसका सीधा मतलब यह है कि समान आकार के दो प्लॉट होने के बावजूद उनकी निर्माण क्षमता अलग हो सकती है, अगर दोनों के सामने वाली सड़क की चौड़ाई अलग-अलग है। हालांकि, सिर्फ 18 मीटर चौड़ी सड़क होना पर्याप्त नहीं होगा। जमीन का उपयोग, प्लॉट का क्षेत्रफल और संबंधित विकास नियम भी पूरे करने होंगे।
समूह आवास के लिए 18 मीटर सड़क जरूरी
मास्टर प्लान-2047 के प्रस्तावित नियमों में समूह आवास के लिए कम से कम 3,000 वर्गमीटर के प्लॉट और कम से कम 18 मीटर चौड़ी सड़क की शर्त रखी गई है।
ऐसे भूखंड पर कुल जमीन के अधिकतम 40 प्रतिशत हिस्से में निर्माण की अनुमति होगी और FAR 200 तक रखा गया है। वहीं, किफायती किराये के मकानों के लिए FAR को 300 तक रखने का प्रावधान किया गया है।
इससे बड़े आवासीय प्रोजेक्ट के लिए सड़क की चौड़ाई की अहमियत और बढ़ जाएगी। डेवलपर्स को प्रोजेक्ट की योजना बनाते समय केवल उपलब्ध जमीन ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी सड़क की क्षमता को भी ध्यान में रखना होगा।
स्थानीय और सेवा बाजार के लिए भी सड़क की शर्त
स्थानीय बाजार के विकास के लिए भी कम से कम 3,000 वर्गमीटर का भूखंड और 18 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी होगी। अनधिकृत क्षेत्र में स्थानीय बाजार के लिए अधिकतम FAR 150 रखा गया है।
वहीं, सेवा बाजार के लिए भी 18 मीटर चौड़ी सड़क की आवश्यकता होगी और यहां FAR 100 तक रखने का प्रावधान है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग प्रकार के बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों को पर्याप्त सड़क कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में विकसित करना हो सकता है।
होटल के लिए 30 मीटर सड़क पर ज्यादा FAR
होटल और सर्विस अपार्टमेंट के निर्माण के लिए भी सड़क की चौड़ाई महत्वपूर्ण होगी।
18 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़े होटल के प्लॉट पर FAR 325 तक निर्माण की अनुमति मिल सकती है। अगर होटल का प्लॉट 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़क से जुड़ा है, तो FAR की सीमा बढ़कर 375 हो सकती है।
यानी होटल परियोजनाओं के मामले में सड़क चौड़ी होने पर निर्माण क्षमता में महत्वपूर्ण अंतर आ सकता है।
सर्विस अपार्टमेंट के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर का प्लॉट और 18 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी होगी। ऐसे प्रोजेक्ट में अधिकतम FAR 225 तक निर्माण की अनुमति का प्रावधान है।
स्कूलों के लिए भी 18 मीटर सड़क जरूरी
मास्टर प्लान-2047 में शिक्षण संस्थानों के लिए भी सड़क की चौड़ाई को अहम मानदंड बनाया गया है।
छठी कक्षा तक के स्कूल के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन और 18 मीटर चौड़ी सड़क की जरूरत होगी। इसमें जमीन के अधिकतम 40 प्रतिशत हिस्से पर निर्माण किया जा सकेगा और FAR 150 तक हो सकता है।
वहीं, 12वीं कक्षा तक के स्कूल के लिए कम से कम 4,000 वर्गमीटर का प्लॉट और 18 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी होगी। ऐसे स्कूलों के लिए FAR 180 तक रखा गया है।
कॉलेज, रिसर्च सेंटर और अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए FAR 225 तक का प्रावधान किया गया है। इनके लिए भी कम से कम 18 मीटर चौड़ी सड़क की शर्त लागू होगी।
क्या है FAR और क्यों है महत्वपूर्ण?
FAR यानी Floor Area Ratio वह अनुपात है जो बताता है कि किसी प्लॉट के कुल क्षेत्रफल के मुकाबले उस पर कितने कुल फ्लोर एरिया का निर्माण किया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी 1,000 वर्गमीटर के प्लॉट के लिए FAR 200 है, तो नियमों के अनुसार कुल अनुमत फ्लोर एरिया 2,000 वर्गमीटर हो सकता है। यह जरूरी नहीं कि पूरा निर्माण एक ही मंजिल पर किया जाए; मंजिलों की संख्या और अन्य निर्माण शर्तें अलग नियमों पर निर्भर करती हैं।
इसी वजह से FAR में बढ़ोतरी किसी प्लॉट की संभावित निर्माण क्षमता को काफी प्रभावित कर सकती है।
जमीन खरीदने वालों के लिए क्या बदलेगा?
मास्टर प्लान-2047 के इन प्रावधानों का असर दिल्ली में जमीन खरीदने और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट की योजना पर भी पड़ सकता है। किसी प्लॉट की कीमत और उपयोगिता तय करते समय केवल उसका क्षेत्रफल देखना पर्याप्त नहीं होगा।
सड़क की चौड़ाई, जमीन का निर्धारित उपयोग, प्लॉट का आकार और लागू FAR भी महत्वपूर्ण होंगे। खासतौर पर कमर्शियल, होटल, शिक्षण संस्थान और बड़े आवासीय प्रोजेक्ट के लिए सड़क की चौड़ाई भविष्य में एक अहम फैक्टर बन सकती है।
हालांकि, किसी भी प्लॉट पर निर्माण की वास्तविक अनुमति संबंधित लागू नियमों, भूमि उपयोग और अन्य स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी। इसलिए केवल 18 मीटर सड़क होने के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर प्लॉट पर स्वतः अधिक FAR या अतिरिक्त मंजिलों की अनुमति मिल जाएगी।
18 मीटर सड़क क्यों बन रही है अहम?
मास्टर प्लान-2047 में 18 मीटर सड़क की शर्त कई अलग-अलग श्रेणियों में दिखाई देती है। समूह आवास से लेकर बाजार, होटल, सर्विस अपार्टमेंट और शिक्षण संस्थानों तक, बड़े या विशेष उपयोग वाले प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त चौड़ी सड़क को महत्वपूर्ण माना गया है।
इसका फायदा यह हो सकता है कि ज्यादा निर्माण क्षमता वाले प्रोजेक्ट उन क्षेत्रों में विकसित हों जहां सड़क और परिवहन का बुनियादी ढांचा अपेक्षाकृत बेहतर हो।
कुल मिलाकर, Delhi Master Plan 2047 के प्रस्तावित प्रावधानों में सड़क की चौड़ाई और FAR के बीच सीधा संबंध दिखाई देता है। ऐसे में दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने या निर्माण की योजना बनाने वालों के लिए भविष्य में प्लॉट के सामने वाली सड़क की चौड़ाई पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।


