Market Trend: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती बढ़त के बाद बिकवाली हावी हो गई। निफ्टी 24,150 के नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल इंडेक्स एक सीमित दायरे में रह सकता है और निचले स्तरों पर खरीदारी तथा ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। ऐसे में ट्रेडर्स को खासकर एक्सपायरी के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 168.49 अंक यानी 0.22% गिरकर 77,200.62 के आसपास रहा। वहीं निफ्टी 75.90 अंक यानी 0.31% की गिरावट के साथ 24,143.15 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,100-24,500
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक बाजार में फिलहाल सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए शॉर्ट टर्म रेंज 24,100 से 24,500 के बीच रह सकती है।
उन्होंने कहा कि निफ्टी से ज्यादा गतिविधियां अभी मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में देखने को मिल रही हैं। कॉरपोरेट गतिविधियों से जुड़ी खबरों और रिपोर्ट्स के चलते इन सेगमेंट के कुछ शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिल रही है।
ब्रॉडर मार्केट में सकारात्मक खबरों वाले शेयरों पर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। बाजार में तेजी का फायदा उठाने की कोशिश में विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII भी कुछ मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में खरीदारी करते नजर आ रहे हैं।
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध बढ़ा सकते हैं चिंता
बाजार के लिए एक और चिंता का विषय ईरान से जुड़ी स्थिति है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों और उसके साथ कारोबार करने वाले देशों पर संभावित सेकेंडरी प्रतिबंधों की आशंका से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
अगर कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे स्तरों पर बनी रहती हैं तो इसका असर भारतीय बाजार की तेजी पर भी पड़ सकता है। महंगा क्रूड भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का विषय रहता है और इससे महंगाई तथा कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
एक्सपायरी के कारण बढ़ सकती है वोलैटिलिटी
थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी के मुताबिक हाल के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बाजार में फिलहाल सुस्ती बनी रह सकती है। आज मंथली एक्सपायरी के कारण ट्रेडर्स को अहम टेक्निकल और ऑप्शन-पोजीशनिंग लेवल के आसपास तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
टेक्निकल आधार पर 24,000-24,100 का स्तर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट जोन है। वहीं 24,300-24,400 का क्षेत्र अहम रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
अगर निफ्टी 24,000-24,100 के सपोर्ट जोन को तोड़कर इसके नीचे टिकता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। दूसरी तरफ 24,300-24,400 के ऊपर मजबूती से टिकने पर बाजार में नई खरीदारी देखने को मिल सकती है।
ऐसे माहौल में ट्रेडर्स को आक्रामक पोजीशन लेने के बजाय सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ लेवल-बेस्ड रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार के मुताबिक निफ्टी के लिए अहम स्तर इस तरह हैं:
- पहला रेजिस्टेंस: 24,282-24,327
- बड़ा रेजिस्टेंस: 24,366-24,419
- पहला बेस: 24,157-24,119
- बड़ा बेस: 24,071-24,018
इन स्तरों के आसपास निफ्टी की चाल आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
Bank Nifty के लिए क्या हैं अहम लेवल?
बैंक निफ्टी पर वीरेंद्र कुमार के मुताबिक पहला रेजिस्टेंस 57,531-57,640 के बीच है। इसके ऊपर अगला बड़ा रेजिस्टेंस 57,860-58,045/58,189 के जोन में है।
वहीं बैंक निफ्टी के लिए पहला बेस 57,261-57,151 और बड़ा बेस 57,010-56,937 के स्तर पर है।
शॉर्ट टर्म के लिए इन 2 शेयरों पर नजर
बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में तकनीकी आधार पर खरीदारी के मौके नजर आ रहे हैं। मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने दो शेयरों पर खरीदारी की रणनीति बताई है।
1. Cochin Shipyard
कोचीन शिपयार्ड में करीब ₹1,514 के स्तर पर खरीदारी की सलाह दी गई है। इसके लिए ₹1,492 का स्टॉप लॉस रखा गया है, जबकि ₹1,552 का टारगेट दिया गया है।
इस तरह ट्रेड लेने वाले निवेशकों को एंट्री, स्टॉप लॉस और टारगेट के बीच जोखिम-रिवार्ड को ध्यान में रखना चाहिए।
2. Amber Enterprises India
दूसरा शेयर अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया है। इसमें करीब ₹7,378 के स्तर पर खरीदारी की सलाह दी गई है। इसका स्टॉप लॉस ₹7,296 और टारगेट ₹7,502 रखा गया है।
हालांकि, बाजार में एक्सपायरी के दौरान तेज उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए किसी भी ट्रेड में पोजीशन साइज और स्टॉप लॉस का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
मौजूदा बाजार माहौल में निफ्टी एक स्पष्ट ट्रेंड के बजाय सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आ रहा है। ऐसे में केवल इंडेक्स की दिशा देखकर आक्रामक ट्रेड लेने के बजाय अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
24,100 के आसपास निफ्टी को सपोर्ट मिलता है तो निचले स्तरों पर खरीदारी की संभावना बन सकती है। वहीं 24,300-24,400 का जोन पार करने पर बाजार में तेजी को मजबूती मिल सकती है। इसके उलट सपोर्ट टूटने पर सावधानी बढ़ाना जरूरी होगा।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दिए गए शेयरों के टारगेट, स्टॉप लॉस और बाजार से जुड़े विचार संबंधित एक्सपर्ट्स के हैं। newsjagran.in पर प्रकाशित जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग का फैसला लेने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।


