Lenskart Block Deal: लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में सोमवार को बड़ी ब्लॉक डील देखने को मिली। कंपनी के करीब 4.5 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ, जो लेंसकार्ट की कुल हिस्सेदारी का लगभग 2.5 फीसदी है। इस बड़े सौदे के बीच शेयर में शुरुआती तेजी के बाद दबाव देखने को मिला और स्टॉक लाल निशान में पहुंच गया।
ब्लॉक डील के बाद फिसला Lenskart का शेयर
लेंसकार्ट सॉल्यूशंस का शेयर सोमवार के कारोबार में पहले तेजी के साथ खुला। स्टॉक करीब 2 फीसदी की बढ़त के साथ BSE पर 673.35 रुपये के हाई तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद बिकवाली हावी हो गई और शेयर 1.2 फीसदी तक गिरकर 653.20 रुपये के लो पर आ गया।
ब्लॉक डील में करीब 4.5 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ है। ये कंपनी की लगभग 2.5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं। हालांकि, अभी तक एक्सचेंज की ओर से यह आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि इन शेयरों की बिक्री किसने की और इन्हें किसने खरीदा।
SoftBank Vision Fund से जुड़ी थी हिस्सेदारी बिक्री की खबर
शनिवार को CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि SoftBank Vision Fund (SVF) II Lightbulb (Cayman) Ltd लेंसकार्ट में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित ट्रांजेक्शन के लिए फ्लोर प्राइस करीब 635 रुपये प्रति शेयर रखा जा सकता था। इस कीमत के आधार पर करीब 30 करोड़ डॉलर के शेयरों की बिक्री हो सकती थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि शेयर बेचने वाले निवेशक पर बाकी हिस्सेदारी को लेकर 45 दिन का लॉक-अप पीरियड लागू हो सकता है।
Lenskart में प्रमोटर्स और पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी
जून 2026 तिमाही के अंत तक लेंसकार्ट में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 17.53 फीसदी थी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास करीब 82.05 फीसदी हिस्सेदारी थी।
स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, SVF II Lightbulb (Cayman) Ltd के पास करीब 9.86 फीसदी हिस्सेदारी थी। ऐसे में ब्लॉक डील को लेकर बाजार की नजर इस बात पर बनी हुई है कि इसमें किस बड़े निवेशक की हिस्सेदारी बदली है।
2026 में अब तक करीब 50% चढ़ चुका है शेयर
लेंसकार्ट सॉल्यूशंस का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। कंपनी ने 10 नवंबर 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसका IPO करीब 7,278.02 करोड़ रुपये का था।
शेयर ने 2026 में अब तक मजबूत प्रदर्शन किया है और साल की शुरुआत से इसकी कीमत करीब 50 फीसदी बढ़ चुकी है। वहीं, पिछले तीन महीनों में स्टॉक में लगभग 28 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
हाल ही में MSCI India Index में लेंसकार्ट सॉल्यूशंस को शामिल किया गया। इसके साथ Laurus Labs, Adani Energy Solutions और Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures जैसे नाम भी इंडेक्स में शामिल हुए हैं।
21 एनालिस्ट्स में से 17 ने दी ‘Buy’ रेटिंग
लेंसकार्ट के शेयर को कवर करने वाले 21 एनालिस्ट्स में से 17 ने Buy रेटिंग दी है। वहीं, 3 एनालिस्ट्स ने Hold और एक ने Sell की सलाह दी है। इससे स्टॉक को लेकर ब्रोकरेज हाउसों का कुल मिलाकर सकारात्मक रुख दिखाई देता है।
Jefferies ने लेंसकार्ट पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर 680 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी के लिए फिलहाल मांग से ज्यादा सप्लाई एक अहम चुनौती बनी हुई है।
वहीं, Citi ने 650 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर Neutral रेटिंग कायम रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के मार्जिन को बेहतर एवरेज सेलिंग प्राइस, प्रोडक्ट मिक्स में सुधार, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज से फायदा मिल रहा है।
Citi को उम्मीद है कि स्टोर्स की संख्या बढ़ने और नए ग्राहकों को जोड़ने से कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार आगे भी मजबूत रह सकती है।
HSBC ने भी लेंसकार्ट पर Hold रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक का टारगेट प्राइस 575 रुपये प्रति शेयर रखा है। HSBC ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए कंपनी के EBITDA अनुमानों में क्रमशः 6 फीसदी और 5 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
निवेशकों की नजर अब ब्लॉक डील के असर पर
लेंसकार्ट के शेयर में हाल के महीनों में तेज तेजी के बाद यह ब्लॉक डील निवेशकों के लिए अहम है। बड़ी हिस्सेदारी के लेनदेन से बाजार में कुछ समय के लिए उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि, शेयर की आगे की दिशा कंपनी के कारोबार, तिमाही प्रदर्शन, मार्जिन और बड़े निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी निर्भर करेगी।
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