NTPC Green Share Price: एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी को बिजली की पीक डिमांड पूरी करने से जुड़े एक बड़े टेंडर में सफलता मिली है। कंपनी को 500 मेगावाट की कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता हासिल हुई है। इस खबर का असर सोमवार को एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयरों पर भी देखने को मिला और स्टॉक इंट्रा-डे में करीब 2.70% तक उछल गया। हालांकि, शेयर अभी भी अपने आईपीओ प्राइस से नीचे कारोबार कर रहा है।
नीलामी में NTPC Green को मिली बड़ी सफलता
एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी NTPC Renewable Energy Limited (NTPC REL) को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण टेंडर में 500 मेगावाट की कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता मिली है।
यह टेंडर इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम यानी ISTS से जुड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए था। इसका उद्देश्य ऐसे समय में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना है जब देश में बिजली की मांग अपने उच्च स्तर पर होती है।
टेंडर के लिए ई-रिवर्स ऑक्शन 21 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया था। इसमें पीक डिमांड के दौरान चार घंटे तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुल 1,500 मेगावाट प्रति घंटे की क्षमता के हिसाब से 6,000 MWh बिजली की व्यवस्था से जुड़ी बोलियां आमंत्रित की गई थीं।
एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी ने इस प्रक्रिया में 500 मेगावाट की क्षमता हासिल की है। इसके तहत कंपनी SECI को तय शर्तों के अनुसार ₹6 प्रति यूनिट की दर से बिजली की आपूर्ति करेगी।
हाई डिमांड के समय बिजली सप्लाई पर फोकस
इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि इसका फोकस सामान्य समय में बिजली उत्पादन के बजाय पीक डिमांड के दौरान बिजली उपलब्ध कराने पर है। भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और गर्मियों तथा अन्य पीक अवधि में ग्रिड पर दबाव भी बढ़ जाता है।
ऐसे में रिन्यूएबल एनर्जी के साथ स्टोरेज और पीक-आवर सप्लाई की क्षमता का महत्व बढ़ रहा है। यही वजह है कि इस तरह के कॉन्ट्रैक्ट एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों के लिए रणनीतिक रूप से अहम माने जा सकते हैं।
कंपनी के लिए यह उपलब्धि सिर्फ एक नया कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने तक सीमित नहीं है। इससे उसके रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो और भविष्य की परियोजनाओं के लिए भी सकारात्मक संकेत मिलते हैं।
खबर आते ही शेयरों में आया जोश
नीलामी में सफलता की खबर सामने आने के बाद एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर 2.70% तक चढ़कर ₹93.80 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया।
हालांकि, बाद में तेजी कुछ कम हुई। बीएसई पर शेयर 1.19% की बढ़त के साथ ₹92.42 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
शेयर में यह तेजी ऐसे समय आई है जब स्टॉक अपने आईपीओ प्राइस से नीचे बना हुआ है। इसलिए निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी की परियोजनाओं में बढ़ोतरी और नए कॉन्ट्रैक्ट आने वाले समय में शेयर की वैल्यूएशन को कितना सपोर्ट देते हैं।
जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत
एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत भी मजबूत रही है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने मुनाफे और राजस्व दोनों मोर्चों पर अच्छी ग्रोथ दर्ज की।
कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 38.3% बढ़कर ₹304.84 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से प्राप्त राजस्व में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली।
जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 62.7% बढ़कर ₹1,106.86 करोड़ हो गया। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी के मौजूदा कारोबार में विस्तार के साथ-साथ उसकी आय क्षमता में भी सुधार हुआ है।
ऑपरेटिंग प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का EBITDA 63.8% बढ़कर ₹988.7 करोड़ रहा। इसी अवधि में EBITDA मार्जिन भी 88.7% से बढ़कर 89.3% हो गया।
रेवेन्यू, मुनाफे और EBITDA में एक साथ वृद्धि कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है। हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश का फैसला सिर्फ एक तिमाही के नतीजों या किसी एक कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
आईपीओ में ₹108 के भाव पर जारी हुए थे शेयर
एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का आईपीओ नवंबर 2024 में आया था। कंपनी के करीब ₹10,000 करोड़ के आईपीओ में शेयरों का इश्यू प्राइस ₹108 प्रति शेयर था।
कंपनी के शेयरों की बाजार में लिस्टिंग 27 नवंबर 2024 को हुई थी। लिस्टिंग के बाद शुरुआती दिनों में स्टॉक में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और निवेशकों को कम समय में अच्छा रिटर्न मिला।
4 दिसंबर 2024 को एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का शेयर ₹155.30 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। यानी आईपीओ प्राइस की तुलना में उस समय शेयर करीब 44% से ज्यादा ऊपर पहुंच चुका था।
लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। ऊंचे स्तरों से शेयर में लगातार बिकवाली का दबाव देखने को मिला और स्टॉक अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे आ गया।
रिकॉर्ड हाई से करीब 46% तक टूट चुका है शेयर
4 दिसंबर 2024 के ₹155.30 के रिकॉर्ड हाई से करीब 14 महीने के दौरान शेयर में बड़ी गिरावट आई। 2 फरवरी 2026 को एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का शेयर ₹84.08 के रिकॉर्ड लो तक पहुंच गया।
यह स्तर उसके ₹108 के आईपीओ प्राइस से करीब 22.15% नीचे था।
यानी आईपीओ के बाद शुरुआती तेजी में निवेशकों को शानदार रिटर्न देने वाला यह स्टॉक बाद में इतनी गिरावट का शिकार हुआ कि आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशक भी नुकसान में आ गए।
अब शेयर रिकॉर्ड लो से ऊपर है, लेकिन अभी भी आईपीओ प्राइस से नीचे कारोबार कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के लिए आगे की चाल में कंपनी की कमाई, नए प्रोजेक्ट, ऑर्डर बुक और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की ग्रोथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
NTPC Green Energy के लिए आगे क्या मायने रखता है?
भारत में रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सोलर और विंड एनर्जी के साथ-साथ बिजली स्टोरेज और पीक डिमांड के दौरान सप्लाई की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।
NTPC Green Energy इसी बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। SECI के टेंडर में 500 मेगावाट की क्षमता हासिल करना कंपनी के लिए इसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।
नए कॉन्ट्रैक्ट से भविष्य में कंपनी की परियोजना पाइपलाइन मजबूत हो सकती है। साथ ही, अगर कंपनी लगातार प्रतिस्पर्धी दरों पर बड़े प्रोजेक्ट हासिल करती है और उन्हें समय पर पूरा करती है, तो इससे उसके कारोबार की ग्रोथ को सपोर्ट मिल सकता है।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों के कारोबार में बड़े प्रोजेक्ट के साथ पूंजीगत खर्च, परियोजना क्रियान्वयन, फाइनेंसिंग और नियामकीय परिस्थितियों जैसी चुनौतियां भी रहती हैं।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
NTPC Green Energy के शेयर में हालिया तेजी को देखते हुए निवेशकों के लिए कुछ प्रमुख संकेतक महत्वपूर्ण रहेंगे।
पहला, कंपनी को आगे कितने बड़े रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट मिलते हैं।
दूसरा, नई परियोजनाओं से कंपनी की आय और मुनाफे में कितनी तेजी आती है।
तीसरा, कंपनी का EBITDA मार्जिन और कैश फ्लो किस तरह रहता है।
चौथा, शेयर ₹108 के आईपीओ प्राइस के ऊपर टिकने में कब सफल होता है।
पांचवां, रिकॉर्ड हाई से आई बड़ी गिरावट के बाद स्टॉक तकनीकी रूप से किस तरह का ट्रेंड बनाता है।
इसलिए केवल एक टेंडर मिलने के आधार पर शेयर में लगातार तेजी की उम्मीद करना उचित नहीं होगा। कंपनी के फंडामेंटल प्रदर्शन और बाजार की स्थिति को साथ में देखना जरूरी है।
निष्कर्ष
NTPC Renewable Energy को SECI के टेंडर में 500 मेगावाट की कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता मिलना NTPC Green Energy के लिए निश्चित तौर पर एक सकारात्मक खबर है। इस खबर के बाद शेयर में इंट्रा-डे तेजी भी देखने को मिली।
कंपनी की जून 2026 तिमाही में मुनाफे, राजस्व और EBITDA में मजबूत वृद्धि भी सकारात्मक संकेत देती है। हालांकि, शेयर अभी भी अपने ₹108 के आईपीओ प्राइस से नीचे है और दिसंबर 2024 के ₹155.30 के रिकॉर्ड हाई से काफी दूर है।
आने वाले समय में नए ऑर्डर, परियोजनाओं का निष्पादन, वित्तीय नतीजे और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मांग शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा जरूरत होने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं करता।


