ICMR On H1N1 Surge: देश में इन्फ्लूएंजा A (H1N1) के बढ़ते मामलों के बीच लोगों में नए स्ट्रेन को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, ICMR के सूत्रों के मुताबिक फिलहाल देश में H1N1 वायरस का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की निगरानी लगातार जारी है और लोगों को घबराने के बजाय जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में इन दिनों फ्लू जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दिल्ली में H1N1 के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ी है। इसी बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की ओर से सामने आई जानकारी ने कुछ राहत दी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मौजूदा H1N1 वायरस को कोई नया स्ट्रेन नहीं माना जा रहा है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने भी H1N1 को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जारी की है। विभाग की ओर से लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं
ICMR के सूत्रों के मुताबिक, इस समय देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा A (H1N1) pdm09 वायरस पहले से निगरानी में मौजूद वायरस से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा वायरस में ऐसे बदलाव सामने नहीं आए हैं, जिन्हें पूरी तरह नया H1N1 स्ट्रेन कहा जाए।
यानी H1N1 के मामलों में वृद्धि को किसी नए और अधिक खतरनाक वायरस के अचानक सामने आने के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। विशेषज्ञ वायरस की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत के मुताबिक स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं स्वाइन फ्लू के मामले?
H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। फ्लू वायरस के प्रसार में मौसम, लोगों के बीच संपर्क, संक्रमण की जांच और जागरूकता जैसे कारकों की भूमिका रहती है। अधिक लोगों के जांच कराने से भी सामने आने वाले मामलों की संख्या बढ़ सकती है।
फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में परेशानी, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में संक्रमण गंभीर नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों में जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है।
खास तौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
दिल्ली में भी बढ़ी निगरानी
दिल्ली में H1N1 और अन्य सांस संबंधी संक्रमणों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए सावधानी संबंधी जानकारी जारी की है। आधिकारिक स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर H1N1 को लेकर सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
लोगों से साफ-सफाई का ध्यान रखने, बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतना भी फायदेमंद हो सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर फ्लू जैसे लक्षण लगातार बने रहते हैं, तेजी से बिगड़ते हैं या मरीज की स्थिति सामान्य नहीं हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर हाई-रिस्क ग्रुप में शामिल लोगों को लक्षणों के दौरान अधिक सतर्क रहना चाहिए।
दिल्ली सरकार की उपलब्ध H1N1 गाइडलाइन में भी फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की चिकित्सकीय जांच और उनकी स्थिति के अनुसार निगरानी की बात कही गई है।
बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा शुरू करने से बचना चाहिए। मरीज की उम्र, लक्षण और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर डॉक्टर ही उचित उपचार की सलाह दे सकते हैं।
सरकार ने भी तैयारियों की समीक्षा की
H1N1 समेत मौसमी फ्लू के मामलों पर स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार नजर रख रही हैं। केंद्र और राज्य स्तर पर निगरानी के साथ-साथ अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों का भी आकलन किया जा रहा है।
ऐसे में फिलहाल उपलब्ध जानकारी का संदेश यही है कि H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए। संक्रमण के लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना और सामान्य बचाव उपाय अपनाना सबसे जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध सरकारी/स्वास्थ्य विभागीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। यह चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षण की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें।


