Gold Loan Stocks: सोने की कीमतों में जोरदार तेजी का असर गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दे रहा है। 24 अगस्त को मुथूट फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और IIFL फाइनेंस के शेयरों में 4.5% तक की बढ़त देखने को मिली। इंटरनेशनल मार्केट में सोना तीन महीने से ज्यादा समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और निवेशकों की बढ़ती सुरक्षित निवेश की मांग ने गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट दिया है।
सोने की कीमतों में जोरदार तेजी
बीते हफ्ते सोने में लगातार तीसरी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई और इसकी कीमत में 5% से ज्यादा की तेजी आई। 24 अगस्त को सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड करीब 0.8% बढ़कर 4,639.6 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। इससे पहले 21 अगस्त को भी सोने में करीब 1.9% की तेजी आई थी।
सोने की इस तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में हुए घटनाक्रम को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से लंबी अवधि के सरकारी कर्ज की बायबैक बढ़ाने की घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर दबाव देखने को मिला। कमजोर डॉलर आम तौर पर डॉलर में कीमत वाले सोने को दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सस्ता बनाता है, जिससे इसकी मांग को सपोर्ट मिल सकता है।
200-डे मूविंग एवरेज के ऊपर पहुंचा गोल्ड
सोने की कीमत अब अपने कई अहम तकनीकी स्तरों के ऊपर कारोबार कर रही है। गोल्ड ने करीब 4,513 डॉलर प्रति औंस के 200-डे मूविंग एवरेज को भी पार कर लिया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर सोने की तेजी आगे भी बनी रहती है तो अगला अहम स्तर 4,700 डॉलर प्रति औंस के आसपास हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर में दोबारा मजबूती और रियल यील्ड में बढ़ोतरी सोने की तेजी के लिए जोखिम बनी रह सकती है।
TD Securities के कमोडिटी स्ट्रैटेजी के ग्लोबल हेड बार्ट मेलेक के मुताबिक, सोने में तेजी की एक बड़ी वजह तकनीकी मजबूती है, लेकिन हालिया उछाल में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में भी तेजी
सोने की कीमतों में बढ़ोतरी का फायदा गोल्ड लोन कारोबार करने वाली कंपनियों के शेयरों को भी मिला है।
24 अगस्त को:
- मुथूट फाइनेंस का शेयर करीब 4.4% चढ़कर ₹3,153 के आसपास पहुंच गया।
- मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर में करीब 2.7% की तेजी देखने को मिली।
- IIFL फाइनेंस का शेयर करीब 2.2% ऊपर कारोबार करता दिखा।
गोल्ड लोन कंपनियों के लिए सोने की कीमतों में बढ़ोतरी कई मायनों में सकारात्मक हो सकती है। ग्राहक के पास मौजूद सोने के बदले मिलने वाले लोन की वैल्यू बढ़ सकती है। हालांकि, कंपनियों के शेयरों पर सिर्फ सोने की कीमत का असर नहीं पड़ता। ब्याज दरें, लोन ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गोल्ड ETF में भी बढ़ी खरीदारी
गोल्ड की तेजी को निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से भी सपोर्ट मिल रहा है। ब्लूमबर्ग द्वारा ट्रैक किए जाने वाले गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी Gold ETFs में पिछले हफ्ते 28 टन से ज्यादा सोना जुड़ा। यह जनवरी के बाद सबसे बड़ा साप्ताहिक एडिशन बताया जा रहा है।
इससे संकेत मिलता है कि निवेशक एक बार फिर सोने में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। सोने में बढ़ती ETF खरीदारी कीमतों को अतिरिक्त सपोर्ट दे सकती है।
सोने की तेजी में अभी और गुंजाइश?
Oversea-Chinese Banking Corp के स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वोंग का मानना है कि ETF में बड़ी मात्रा में निवेश का आना निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत है। हालांकि, हालिया तेज उछाल के बाद सोने की कीमतों में कुछ समय के लिए ठहराव आना भी स्वाभाविक हो सकता है।
नियर टर्म में अमेरिकी डॉलर और रियल यील्ड सोने की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर रहेंगे। अगर डॉलर कमजोर रहता है और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नरमी की उम्मीद बढ़ती है, तो सोने को आगे भी सपोर्ट मिल सकता है।
रे डैलियो ने भी सोने-चांदी को लेकर दी राय
Bridgewater Associates के फाउंडर रे डैलियो ने हाल ही में निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में सोने और चांदी जैसी एसेट्स को जगह देने की सलाह दी। उन्होंने अमेरिकी कर्ज से जुड़े जोखिमों के बीच निवेशकों को बॉन्ड होल्डिंग्स कम करने और पोर्टफोलियो के एक हिस्से को सोने-चांदी में रखने की बात कही।
उनकी टिप्पणी से भी सोने को लेकर निवेशकों की धारणा को सपोर्ट मिला है।
Gold Loan Stocks में तेजी का क्या मतलब?
सोने की कीमतों में तेजी गोल्ड लोन कंपनियों के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती है। बढ़ती गोल्ड वैल्यू के कारण ग्राहकों की उधार लेने की क्षमता बढ़ सकती है और कंपनियों को समान मात्रा के सोने के बदले ज्यादा लोन देने का अवसर मिल सकता है।
लेकिन निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सोने की कीमत बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि गोल्ड लोन कंपनी का शेयर निश्चित रूप से बढ़ेगा। कंपनी की लोन बुक, ब्याज आय, एनपीए, क्रेडिट कॉस्ट और वैल्यूएशन जैसे दूसरे फैक्टर भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल कमजोर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने की कीमतों को मजबूत सपोर्ट दिया है। सोने के तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के साथ मुथूट फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और IIFL फाइनेंस जैसे गोल्ड लोन शेयरों में भी तेजी देखने को मिली है। आगे सोने की चाल के साथ-साथ डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
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