Lalithaa Jewellery IPO Listing: दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूत पकड़ रखने वाली ललिता ज्वैलरी मार्ट के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार एंट्री की है। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त रिस्पांस मिला था और इश्यू 66 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। ₹201 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर करीब 32% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। लिस्टिंग के बाद भी शेयरों में तेजी देखने को मिली और भाव ₹273 के पार पहुंच गया।
32% प्रीमियम पर हुई Lalithaa Jewellery की लिस्टिंग
ललिता ज्वैलरी मार्ट का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ 17 से 19 अगस्त 2026 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। निवेशकों ने इस इश्यू में जमकर पैसा लगाया और आईपीओ को कुल 66.63 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
कंपनी ने आईपीओ के तहत शेयरों का इश्यू प्राइस ₹201 प्रति शेयर तय किया था। सोमवार को लिस्टिंग के दौरान BSE पर शेयर ₹265.30 और NSE पर ₹265.00 के भाव पर खुले। इस तरह आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को शुरुआत में ही करीब 32% का लिस्टिंग गेन मिला।
लिस्टिंग के बाद शेयरों में तेजी और बढ़ गई। BSE पर स्टॉक बढ़कर ₹273.80 तक पहुंच गया। इस स्तर पर आईपीओ निवेशकों का मुनाफा करीब 36.22% हो जाता है।
कर्मचारियों को मिला अतिरिक्त फायदा
ललिता ज्वैलरी के कर्मचारियों के लिए आईपीओ में अलग से आरक्षण रखा गया था। साथ ही उन्हें इश्यू प्राइस पर ₹19 प्रति शेयर का डिस्काउंट दिया गया। इस वजह से पात्र कर्मचारियों को लिस्टिंग के बाद सामान्य आईपीओ निवेशकों की तुलना में अतिरिक्त लाभ मिला।
66 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ IPO
ललिता ज्वैलरी मार्ट के आईपीओ को सभी निवेशक वर्गों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। आंकड़ों के मुताबिक, कुल इश्यू 66.63 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- QIB: 153.80 गुना
- NII: 78.17 गुना
- रिटेल निवेशक: 12.51 गुना
- कर्मचारी: 9.10 गुना
खास बात यह रही कि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में मांग बेहद मजबूत रही। इससे आईपीओ के प्रति बड़े संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
ललिता ज्वैलरी मार्ट के ₹1,700 करोड़ के आईपीओ में ₹1,200 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए ₹5 फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की बिक्री की गई।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं मिलती, बल्कि यह हिस्सा बेचने वाले शेयरधारक को प्राप्त होता है। वहीं, नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार के लिए करेगी।
कंपनी के मुताबिक, करीब ₹1,033.23 करोड़ का इस्तेमाल 10 नए स्टोर्स स्थापित करने के लिए किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
दक्षिण भारत में मजबूत है कंपनी की पकड़
ललिता ज्वैलरी मार्ट का मुख्य कारोबार ज्वैलरी रिटेल से जुड़ा है। कंपनी दक्षिण भारत के खास तौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है।
कंपनी सोने, चांदी, हीरे और दूसरी ज्वैलरी कैटेगरी में कारोबार करती है। छोटे शहरों में ज्वैलरी की मजबूत मांग और स्टोर नेटवर्क का विस्तार कंपनी के लिए भविष्य में ग्रोथ का अहम आधार हो सकता है।
वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो हाल के वर्षों में कारोबार और मुनाफे में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024-26 की अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 67% से अधिक CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 22% CAGR से बढ़कर ₹25,039.80 करोड़ हो गई।
मार्च 2026 तिमाही के अंत में कंपनी पर कुल करीब ₹1,604.14 करोड़ का कर्ज था। वहीं, कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹2,679.74 करोड़ थे।
Listing Gain के बाद क्या करें निवेशक?
ललिता ज्वैलरी मार्ट के शेयरों की मजबूत लिस्टिंग ने आईपीओ निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी आने के बावजूद निवेशकों को केवल शुरुआती मुनाफे को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।
कंपनी की भविष्य की ग्रोथ, नए स्टोर्स से होने वाली बिक्री, मार्जिन, कर्ज की स्थिति और ज्वैलरी सेक्टर में सोने की कीमतों के प्रभाव जैसे पहलुओं पर नजर रखना जरूरी होगा। खासकर आईपीओ के बाद शेयर की कीमत में तेज उछाल आने पर वैल्यूएशन भी निवेश के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन और अपने निवेश लक्ष्य का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


