Kunal Kohli: फिल्ममेकर कुणाल कोहली ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे से एक दिलचस्प अपील की है। उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी को लेकर चल रही जांच सिर्फ रेस्टोरेंट, होटल और फूड आउटलेट तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि घरों की किचन शेल्फ और फ्रिज में रखे सामान की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि कई भारतीय घरों में सालों पुराने एक्सपायर्ड खाने-पीने के सामान अब भी रखे मिल सकते हैं।
फिल्ममेकर कुणाल कोहली ने रविवार, 23 अगस्त को इंस्टाग्राम पर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने तुकाराम मुंडे से अपील करते हुए कहा कि देशभर के भारतीय घरों में किचन की शेल्फ और फ्रिज की भी जांच की जानी चाहिए। उनकी इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा।
कुणाल कोहली ने क्या कहा?
कुणाल कोहली ने अपनी पोस्ट में घरों में लंबे समय से रखे खाने-पीने के सामान की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि कई बार लोग ऐसे प्रोडक्ट्स को सिर्फ इसलिए संभालकर रखते रहते हैं क्योंकि वे अच्छी तरह पैक और साफ-सुथरे दिखाई देते हैं।
उनके मुताबिक, कुछ सामान ऐसे भी हो सकते हैं जो कई साल पहले एक्सपायर हो चुके हैं, लेकिन उनकी बोतलें और पैकेट नियमित रूप से साफ किए जाते हैं और फिर वापस किचन शेल्फ या फ्रिज में रख दिए जाते हैं।
कोहली ने इसी बात को सामने रखते हुए लोगों से अपनी किचन की जांच खुद करने की अपील की। उन्होंने इसे मजेदार अंदाज में ‘तुकाराम मुंडे स्टाइल’ किचन क्लीनिंग का नाम दिया।
घर में रखे एक्सपायर्ड सामान पर उठाया सवाल
किचन में मसाले, सॉस, अचार, ड्रिंक्स, पैकेज्ड फूड और दूसरे खाद्य उत्पाद लंबे समय तक रखे रहना आम बात है। कई बार इस्तेमाल नहीं होने की वजह से इनकी एक्सपायरी डेट पर ध्यान ही नहीं जाता।
कुणाल कोहली का संदेश इसी लापरवाही की ओर ध्यान दिलाता है। उनका कहना है कि फूड सेफ्टी सिर्फ बाहर मिलने वाले खाने तक सीमित मुद्दा नहीं है। घर में रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट पर भी लोगों को नजर रखनी चाहिए।
महाराष्ट्र FDA क्यों कर रहा है फूड सेफ्टी की जांच?
कुणाल कोहली की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की ओर से खाद्य सुरक्षा को लेकर जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभाग रेस्टोरेंट, होटल, स्ट्रीट फूड आउटलेट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमों के पालन की जांच कर रहा है।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी के जरिए खाना उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठान भी इस तरह की जांच के दायरे में आते हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नोटिस, सुधारात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
मिलावटी दूध और प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद भी जांच के दायरे में
फूड सेफ्टी अभियान के तहत सिर्फ रेस्टोरेंट के खाने की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि मिलावटी दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच की जा रही है। स्कूलों के आसपास बिकने वाले जंक फूड पर भी विभाग की नजर है।
इसके अलावा प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू वाले पान मसाला के निर्माण और बिक्री के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में कुणाल कोहली ने फूड सेफ्टी अभियान को घरों तक ले जाने का सुझाव देकर एक अलग पहलू सामने रखा है।
कुणाल कोहली का फिल्मी करियर
कुणाल कोहली बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर हैं। उन्होंने साल 2002 में ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘हम तुम’, ‘फना’, ‘थोड़ा प्यार थोड़ा मैजिक’ और ‘तेरी मेरी कहानी’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘नेक्स्ट एंती?’ के साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी काम किया। इसके अलावा वह ‘लाहौर कॉन्फिडेंशियल’ और ‘बॉबी और ऋषि की लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों से भी जुड़े रहे हैं।
कुणाल कोहली की ताजा पोस्ट भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में की गई हो, लेकिन उन्होंने इसके जरिए घरों में रखे खाद्य सामान की एक्सपायरी डेट जांचने का जरूरी संदेश दिया है। अगर किचन में लंबे समय से कोई पैकेट, बोतल या खाने की दूसरी चीज रखी है, तो उसे इस्तेमाल करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग जरूर जांच लेना चाहिए।


