Bangladesh Hindu Family Murder: बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, दो युवकों ने कथित तौर पर घर की छत पर याबा ड्रग्स का सेवन किया और परिवार के मुखिया के विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उनकी पत्नी और दोनों बच्चों को भी कथित तौर पर मार दिया गया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और 23 अगस्त की रात उन्होंने अदालत में धारा 164 के तहत कथित कबूलनामा भी दिया।
बंद घर में मिले परिवार के चार शव
रंगपुर शहर के माछुआपाड़ा इलाके में 22 अगस्त की रात एक घर से चार लोगों के शव बरामद किए गए थे। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी आगामी चक्रवर्ती और बेटे प्रियम चक्रवर्ती के रूप में हुई। गणपति चक्रवर्ती रंगपुर जिला स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक थे।
शुरुआती जांच में पुलिस को घर में सामान बिखरा हुआ मिला था और पहले इसे लूटपाट से जुड़ी वारदात माना गया। हालांकि, आगे की जांच में पुलिस ने हत्या के पीछे ड्रग्स सेवन को लेकर हुए विवाद को मुख्य वजह बताया।
छत पर याबा लेने से रोकने पर विवाद
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद के अनुसार, मुघ्धा दास और सिद्धार्थ दास कथित तौर पर पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के निर्माणाधीन मकान की छत पर पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि दोनों वहां याबा का सेवन कर रहे थे।
गणपति चक्रवर्ती ने उन्हें ऐसा करने से रोका। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर गमछे से उनका गला घोंट दिया। उनकी चीख सुनकर पत्नी प्रीतिलता बाहर आईं और बाद में बेटी भी वहां पहुंचने की कोशिश करने लगीं। पुलिस का आरोप है कि दोनों की भी हत्या कर दी गई। इसके बाद घर में मौजूद बेटे को भी मार दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को डर था कि परिवार के सदस्य उन्हें पहचान लेंगे। इसलिए कथित तौर पर सभी चार लोगों को निशाना बनाया गया। हालांकि, हत्या की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।
हत्या के बाद घर में ही रुके रहने का दावा
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की ओर से सामने आई यह जानकारी है कि आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या के तुरंत बाद घर नहीं छोड़ा।
स्थानीय मीडिया में पुलिस के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ने घर में नहाया, फ्रिज से खजूर और खीरा निकालकर खाया और कथित तौर पर दोबारा याबा का सेवन किया। इसके बाद उन्होंने घर का सामान इधर-उधर फैला दिया, ताकि घटना को चोरी या लूट के दौरान हुई हत्या जैसा दिखाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी शुक्रवार की नमाज से पहले सड़कें अपेक्षाकृत खाली होने के दौरान वहां से निकल गए। जांचकर्ताओं को घटनास्थल से कथित तौर पर याबा सेवन से जुड़ी सामग्री भी मिली।
मोबाइल फोन और दूसरे सबूतों को लेकर भी जांच
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों ने परिवार के मोबाइल फोन अपने साथ ले लिए थे और उन्हें डिटर्जेंट मिले पानी में डुबोया गया। जांचकर्ताओं को घर में एक सोने के कंगन को आग के जरिए जांचने की कोशिश के संकेत भी मिले।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से मिले इन सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और मुघ्धा दास तथा सिद्धार्थ दास को हिरासत में लिया गया। बाद में दोनों को गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपियों ने अदालत में क्या कहा?
24 अगस्त को सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अदालत में धारा 164 के तहत कथित इकबालिया बयान दिया है। अदालत ने बयान दर्ज करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया। इस मामले में मृतक गणपति चक्रवर्ती के बड़े भाई ने भी हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस के दावे और आरोपियों के कथित कबूलनामे जांच का हिस्सा हैं। मामले में अंतिम दोष सिद्धि अदालत के फैसले के बाद ही मानी जाएगी।
कौन थे आरोपी?
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मुघ्धा दास रंगपुर के सिटी बाजार इलाके में मछली की दुकान पर काम करता था, जबकि सिद्धार्थ दास एक आभूषण की दुकान में कारीगर के रूप में काम करता था। दोनों आरोपी माछुआपाड़ा इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।
पढ़ाई में भी आगे था परिवार
मृतक परिवार के मुखिया गणपति चक्रवर्ती पिछले वर्ष रंगपुर जिला स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी बेटी आगामी ने उच्च शिक्षा पूरी की थी, जबकि उनका बेटा प्रियम स्कूल में पढ़ता था। परिवार के चारों सदस्यों की मौत की खबर से इलाके में शोक का माहौल है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में भी नाराजगी देखने को मिली। परिवार के साथ हुई इस घटना ने रंगपुर में सुरक्षा और नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस की जांच अभी जारी
पुलिस, CID और अन्य जांच एजेंसियां मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। शुरुआती तौर पर ड्रग्स सेवन को लेकर हुए विवाद को हत्या की वजह बताया गया है, लेकिन जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई दूसरा मकसद था।
फिलहाल दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और अदालत में उनके कथित कबूलनामे के बाद जांच एक अहम चरण में पहुंच गई है। मामले की आगे की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात की पूरी साजिश कैसे रची गई और इसमें आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी।


