Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत से पहले ग्लोबल संकेतों और घरेलू खबरों पर नजर रखना जरूरी है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अमेरिकी बाजारों में तेजी और गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 अंकों की बढ़त से घरेलू बाजार के सेंटीमेंट को सहारा मिल रहा है। वहीं वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव, अमेरिका-ईरान के बीच टकराव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
इसके अलावा आज Lenskart और Meesho में संभावित ब्लॉक डील, मोबाइल PLI 2.0 स्कीम और एशियाई बाजारों के संकेतों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। ऐसे में कोई भी ट्रेड लेने से पहले इन प्रमुख खबरों पर एक नजर डाल लेना बेहतर होगा।
बाजार में आज कैसी रह सकती है शुरुआत?
गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 अंकों की बढ़त घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत के संकेत दे रही है। हालांकि, बाजार की दिशा केवल शुरुआती बढ़त से तय नहीं होगी। कच्चे तेल की कीमतें, वेस्ट एशिया तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिकवाली आज बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है।
21 अगस्त को भारतीय बाजार सीमित दायरे में कारोबार के बाद लगभग सपाट बंद हुए थे। मेटल, PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जबकि ऑटो, IT, मीडिया और फार्मा शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 3.11 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 20.15 अंक यानी 0.08% बढ़कर 24,252 पर पहुंचा।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता
वेस्ट एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बाजार के लिए सबसे अहम वैश्विक संकेतों में शामिल है। अमेरिका की ओर से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कार्रवाई और ईरान की ओर से संभावित जवाबी कदम की चेतावनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ की श्रेणी में बताया है। साथ ही अमेरिका का समर्थन करने वाले देशों को भी निशाना बनाए जाने की चेतावनी दी गई है।
इस घटनाक्रम का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई की उम्मीदों और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट पर पड़ सकता है। इसलिए आज ऑयल, एनर्जी, एविएशन और अन्य संवेदनशील सेक्टरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कच्चे तेल में नरमी, सोना 4,600 डॉलर के पार
वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल कुछ नरमी देखने को मिल रही है। क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के नीचे कारोबार कर रहा है। भारतीय बाजार के लिए यह राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि लंबे समय तक महंगा क्रूड रहने से महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर के पार पहुंच गया है। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने को सहारा मिल रहा है।
अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.7% के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बनी हुई है, जबकि डॉलर इंडेक्स 99 के नीचे है। इन सभी संकेतकों पर भारतीय बाजार के निवेशकों की नजर रहेगी।
अमेरिकी बाजारों में तेजी, एशिया में मिला-जुला कारोबार
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली। Dow Jones में 500 अंकों से ज्यादा का उछाल आया। Nasdaq और S&P 500 में भी बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि, एशियाई बाजारों में तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं है। दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 1.25% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि जापान का Nikkei लगभग सपाट रहा।
एशियाई बाजारों के ये संकेत भारतीय बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं।
एशियाई करेंसी में रुपये को क्या संकेत?
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में मजबूती देखी गई। इंडोनेशियाई रुपिया करीब 0.305% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।
इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन 0.216%, ताइवान डॉलर 0.154%, थाई बाहत 0.141%, चीनी रेनमिनबी 0.051%, जापानी येन 0.044% और मलेशियाई रिंगित 0.017% मजबूत हुए।
सिंगापुर डॉलर में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, जबकि फिलीपींस पेसो में डॉलर के मुकाबले करीब 0.092% की कमजोरी देखी गई।
एशियाई करेंसी की चाल डॉलर और उभरते बाजारों में विदेशी फंड फ्लो के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
Lenskart में ₹2,800 करोड़ की ब्लॉक डील पर नजर
आज Lenskart में करीब ₹2,800 करोड़ की ब्लॉक डील संभावित है। रिपोर्ट के मुताबिक, डील के लिए करीब 4% डिस्काउंट पर ₹635 का फ्लोर प्राइस तय किया गया है।
बड़े निवेशकों की ओर से हिस्सेदारी बिक्री होने की स्थिति में शेयर की कीमत पर शुरुआती दबाव देखने को मिल सकता है। इसलिए Lenskart के शेयर में आज ट्रेड करने वाले निवेशकों को ब्लॉक डील से जुड़े अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
Meesho में भी करीब ₹957 करोड़ की ब्लॉक डील
Lenskart के अलावा Meesho में भी करीब ₹957 करोड़ की ब्लॉक डील संभावित है। इसके लिए करीब 4% तक के डिस्काउंट पर ₹197 के आसपास फ्लोर प्राइस तय किए जाने की बात सामने आई है।
दोनों कंपनियों में बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री बाजार के लिए अहम घटनाक्रम होगी। ब्लॉक डील के बाद शेयर में वॉल्यूम और कीमत दोनों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।
मोबाइल PLI 2.0 स्कीम से Dixon और Amber पर फोकस
सरकार ने मोबाइल PLI 2.0 स्कीम का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस स्कीम के तहत सरकार करीब ₹62,500 करोड़ के इंसेंटिव देगी।
यह योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जा रही है और वित्त वर्ष 2031 तक चलेगी। इसके तहत पात्र कंपनियों को 5% तक इंसेंटिव मिलने की व्यवस्था है।
इस खबर के बाद मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के रडार पर रहेंगी। खासतौर पर Dixon Technologies और Amber Enterprises के शेयरों में आज हलचल देखने को मिल सकती है।
FII और DII फंड फ्लो भी अहम
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा के लिए लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
21 अगस्त को DII ने लगातार नौवें कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी और करीब ₹2,124 करोड़ के शेयर खरीदे। दूसरी ओर, FII लगातार दूसरे सत्र में नेट सेलर रहे और उन्होंने करीब ₹543 करोड़ की बिकवाली की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार को सपोर्ट दे रही है, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी एक महत्वपूर्ण जोखिम बनी हुई है।
आज ट्रेडर्स को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
आज बाजार में ट्रेडिंग से पहले इन प्रमुख संकेतकों को जरूर ट्रैक करें:
- गिफ्ट निफ्टी की चाल और बाजार की शुरुआती दिशा
- कच्चे तेल की कीमत
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी खबरें
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स
- एशियाई बाजारों का रुख
- Lenskart और Meesho की संभावित ब्लॉक डील
- मोबाइल PLI 2.0 से जुड़ी खबरें
- FII और DII की खरीद-बिकवाली
- बैंकिंग, IT, मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर की चाल
निष्कर्ष
कुल मिलाकर आज भारतीय शेयर बाजार के लिए शुरुआती संकेत सकारात्मक नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में बढ़त और अमेरिकी बाजारों की मजबूती बाजार को सहारा दे सकती है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी घरेलू सेंटीमेंट के लिए राहत देने वाली है।
हालांकि, अमेरिका-ईरान तनाव और वेस्ट एशिया की स्थिति बाजार के लिए सबसे बड़ा ग्लोबल रिस्क बनी हुई है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली और संभावित ब्लॉक डील्स शेयरों में अचानक उतार-चढ़ाव ला सकती हैं। ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स को किसी भी पोजीशन से पहले ग्लोबल संकेतों और संबंधित शेयरों में वॉल्यूम पर नजर रखनी चाहिए।


