Sham Foam IPO Listing: शैम फोम पीयू (पॉलीयूरेथेन) फोम, गद्दे और आराम से जुड़े दूसरे घरेलू प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी है। कंपनी के शेयरों ने आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर कमजोर शुरुआत की। ₹130 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹104 पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को सीधे 20% का लिस्टिंग नुकसान उठाना पड़ा। लिस्टिंग के बाद भी शेयर में गिरावट जारी रही और यह ₹101.55 तक पहुंच गया।
20% डिस्काउंट पर हुई Sham Foam की लिस्टिंग
शैम फोम का करीब ₹40 करोड़ का आईपीओ 11 से 13 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। आईपीओ में कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले 31.14 लाख नए शेयर जारी किए थे। इसका इश्यू प्राइस ₹130 प्रति शेयर तय किया गया था।
आईपीओ को निवेशकों की तरफ से कुल मिलाकर 2.40 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII कैटेगरी 2.17 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 2.62 गुना भरा था।
हालांकि, इस सब्सक्रिप्शन के बावजूद लिस्टिंग के दिन शेयर ने निवेशकों को निराश किया। BSE SME पर ₹104 की लिस्टिंग का मतलब है कि ₹130 के इश्यू प्राइस पर शेयर खरीदने वाले निवेशकों को शुरुआत में ही ₹26 प्रति शेयर का नुकसान हुआ।
इसके बाद शेयर और फिसला और ₹101.55 के स्तर तक पहुंच गया। इस भाव पर इश्यू प्राइस के मुकाबले निवेशकों का नुकसान करीब 21.88% हो जाता है।
IPO से जुटाए पैसे का कंपनी कैसे करेगी इस्तेमाल?
शैम फोम के आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी कारोबारी क्षमता बढ़ाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
कंपनी के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली रकम में से करीब ₹14.72 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीद तथा सिविल कंस्ट्रक्शन पर खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा करीब ₹14.25 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
इस तरह कंपनी का फोकस नई पूंजी के जरिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत करने और कारोबार के लिए जरूरी कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने पर है।
क्या कारोबार करती है Sham Foam?
शैम फोम पीयू यानी पॉलीयूरेथेन फोम, गद्दे और आराम से जुड़े कई अन्य प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी घरेलू ग्राहकों के अलावा अलग-अलग इंडस्ट्रीज के लिए इंडस्ट्रियल ग्रेड पीयू फोम भी तैयार करती है।
इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल फर्नीचर, कपड़े, स्पोर्ट्स गुड्स और ऑटोमोटिव जैसे क्षेत्रों में होता है। कंपनी अपने मैट्रेस प्रोडक्ट्स को Featherfresh और Restivia ब्रांड के तहत बेचती है।
कंपनी खुद को वर्टिकली इंटीग्रेटेड बिजनेस के तौर पर संचालित करती है। इसका मतलब है कि प्रोडक्ट डिजाइन और इंजीनियरिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और कस्टमर एंगेजमेंट तक वैल्यू चेन के कई हिस्सों को कंपनी खुद मैनेज करती है।
कंपनी के प्रोडक्ट्स बिहार, चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई शहरों में सप्लाई किए जाते हैं।
Sham Foam की वित्तीय सेहत कैसी है?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो हाल के वर्षों में मुनाफे में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 71% CAGR की दर से बढ़कर ₹8.65 करोड़ पहुंच गया।
इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 12% CAGR की दर से बढ़कर ₹92.39 करोड़ हो गई।
मार्च 2026 के अंत में कंपनी पर करीब ₹3.99 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं, कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹12.74 करोड़ थे।
यानी कंपनी के कारोबार में मुनाफे की ग्रोथ मजबूत रही है, लेकिन शेयर की कमजोर लिस्टिंग ने IPO निवेशकों को फिलहाल निराश किया है। SME शेयरों में लिस्टिंग के बाद कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है, इसलिए केवल IPO सब्सक्रिप्शन या लिस्टिंग प्रदर्शन के आधार पर कंपनी की भविष्य की क्षमता का आकलन करना उचित नहीं होगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Sham Foam की IPO लिस्टिंग से एक बार फिर यह बात सामने आती है कि अच्छा सब्सक्रिप्शन हमेशा मजबूत लिस्टिंग की गारंटी नहीं देता। इस इश्यू को कुल 2.40 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, लेकिन शेयर इश्यू प्राइस से 20% नीचे लिस्ट हुआ।
निवेशकों को SME कंपनियों में निवेश करते समय कारोबार की ग्रोथ, मुनाफा, कर्ज, कैश फ्लो, वैल्यूएशन, प्रमोटर होल्डिंग और लिस्टिंग के बाद शेयर में आने वाली लिक्विडिटी जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक या IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से आकलन करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran किसी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


