Share Market Crash: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन घरेलू शेयर बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 350 अंकों से ज्यादा टूट गया। वहीं निफ्टी 50 भी फिसलकर 24,200 के करीब पहुंच गया। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है।
इससे एक दिन पहले यानी 17 अगस्त को सेंसेक्स 281.09 अंक यानी 0.36% गिरकर 77,728.16 पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी 50 में 78.35 अंक यानी 0.32% की गिरावट आई थी और यह 24,287.65 के स्तर पर बंद हुआ था। आज बाजार की शुरुआत भी लाल निशान में हुई।
बाजार में कितनी गिरावट?
मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 272.71 अंक यानी 0.35% गिरकर 77,455.45 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 में 55.90 अंक यानी 0.23% की गिरावट थी और यह 24,231.75 पर ट्रेड कर रहा था।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 365.97 अंक तक टूटकर 77,362.19 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी 76.55 अंक गिरकर 24,211.10 के स्तर तक फिसल गया।
ब्रॉडर मार्केट की तस्वीर हालांकि पूरी तरह कमजोर नहीं है। निफ्टी मिडकैप 100 में दबाव है, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखा रहा है।
Share Market Crash की 5 बड़ी वजहें
1. ट्रंप के बयान से बढ़ा जियो-पॉलिटिकल तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ समझौते को आगे बढ़ाने को लेकर दिए गए बयान से बाजार की चिंता बढ़ी है। इसके अलावा लेबनान में फिर से शुरू हुई लड़ाई ने भी पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाया है।
निवेशकों को आशंका है कि अगर क्षेत्रीय तनाव ज्यादा बढ़ता है तो इसका असर कच्चे तेल की सप्लाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी चिंता के कारण एशियाई शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला और इसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई है। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
भारत अपनी जरूरत के बड़े हिस्से के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है। ऐसे में क्रूड की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से देश के इंपोर्ट बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि तेल की तेजी को शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
3. IT Stocks में भारी बिकवाली
आज बाजार की गिरावट में आईटी शेयरों की बड़ी भूमिका है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स 1% से ज्यादा टूट गया।
आईटी सेक्टर में बिकवाली बढ़ने से निफ्टी पर भी दबाव बना है। इसके उलट निफ्टी ऑटो में करीब आधे फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। यानी बाजार में गिरावट के बावजूद सभी सेक्टरों में एक जैसी बिकवाली नहीं है।
4. FIIs की भारी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में 2,535.10 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की।
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने इस बिकवाली का मुकाबला करते हुए 5,101.46 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। इसके बावजूद विदेशी फंडों की लगातार बिकवाली से बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बना हुआ है।
5. Nifty की Weekly Expiry
आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी भी है। डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पोजिशन एडजस्ट और स्क्वेयर-ऑफ होने के कारण एक्सपायरी के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
ऐसे में पहले से कमजोर सेंटीमेंट, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच वीकली एक्सपायरी ने बाजार की चाल को और तेज कर दिया है।
निवेशकों की नजर अब 24,200 के स्तर पर
निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर फिलहाल अहम माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है तो बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। वहीं, इस स्तर के आसपास खरीदारी लौटने पर निफ्टी में रिकवरी की कोशिश दिखाई दे सकती है।
फिलहाल बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया का तनाव, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और आईटी शेयरों का प्रदर्शन अहम भूमिका निभाएंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या वित्तीय उत्पाद में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in की ओर से किसी भी निवेश की सलाह नहीं दी जाती है।


