Milky Mist IPO Listing: मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयरों ने मंगलवार को शेयर बाजार में शानदार एंट्री की। ₹140 के इश्यू प्राइस के मुकाबले BSE और NSE पर शेयर ₹165 पर लिस्ट हुआ। यानी IPO निवेशकों को शुरुआत में ही 17.86% का लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर ₹170.25 तक पहुंच गया। कंपनी की मजबूत ग्रोथ, वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स और IPO से मिलने वाली पूंजी पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
Milky Mist IPO Listing: मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयरों ने मंगलवार, 18 अगस्त को घरेलू शेयर बाजार में दमदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों पर ₹165 के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि IPO का इश्यू प्राइस ₹140 था। इस तरह IPO निवेशकों को शुरुआती कारोबार में 17.86% का लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर ने और तेजी दिखाई और BSE पर यह ₹170.25 तक पहुंच गया, जिससे IPO निवेशकों का मुनाफा बढ़कर करीब 21.61% हो गया।
मिल्की मिस्ट का ₹1,553 करोड़ का IPO 11 से 13 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और अंतिम आंकड़ों के मुताबिक इसे करीब 59 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। IPO में शेयरों का प्राइस बैंड ₹133-₹140 रखा गया था और ऊपरी बैंड पर शेयर जारी किए गए।
IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पांस
मिल्की मिस्ट IPO में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली थी। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में जोरदार मांग रही, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों ने भी बड़ी संख्या में बोली लगाई।
IPO की मजबूत मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इश्यू के अंतिम दिन तक यह करीब 59.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में भी शेयर को लेकर सकारात्मक सेंटीमेंट बना हुआ था।
मिल्की मिस्ट IPO से मिले पैसे कहां खर्च होंगे?
मिल्की मिस्ट के ₹1,553 करोड़ के IPO में करीब ₹1,428 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹125 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल था। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को विस्तार देने और कर्ज कम करने में करेगी।
कंपनी के मुताबिक फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से:
- ₹496.86 करोड़ कर्ज के भुगतान के लिए इस्तेमाल होंगे।
- ₹469.24 करोड़ पेरुंदुरई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे।
- ₹155.31 करोड़ विजी कूलर्स, आइसक्रीम फ्रीजर्स और चॉकलेट कूलर्स की तैनाती पर लगाए जाएंगे।
- बची हुई रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
इससे साफ है कि IPO से जुटाई गई पूंजी का बड़ा हिस्सा कंपनी के कर्ज घटाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा।
क्या करती है Milky Mist Dairy Food?
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का फोकस मुख्य रूप से वैल्यू-एडेड डेयरी और पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स पर है। कंपनी दूध के सामान्य कारोबार के बजाय पनीर, चीज, दही, मक्खन, घी, योगर्ट, आइसक्रीम और दूसरे प्रोसेस्ड डेयरी प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान देती है।
इसके अलावा कंपनी UHT प्रोडक्ट्स, फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-ईट, रेडी-टू-कुक और चॉकलेट जैसे सेगमेंट में भी मौजूद है। कंपनी अपने मुख्य Milky Mist ब्रांड के अलावा SmartChef और Capella समेत कई सब-ब्रांड्स के जरिए उत्पाद बेचती है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल फार्म-टू-कंज्यूमर इंटीग्रेशन पर आधारित है। यह किसानों से दूध की सोर्सिंग करने के बाद अपनी मैन्युफैक्चरिंग और कोल्ड-चेन व्यवस्था के जरिए वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स तैयार करती है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक उसके IPO से जुड़े दस्तावेजों में 31 मार्च 2026 तक की वित्तीय जानकारी भी उपलब्ध है।
मुनाफे की रफ्तार क्यों है खास?
मिल्की मिस्ट की वित्तीय ग्रोथ IPO की कहानी का अहम हिस्सा है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कंपनी की कुल आय FY2024 में करीब ₹1,826.86 करोड़ और FY2025 में करीब ₹2,354.79 करोड़ रही। इसी दौरान शुद्ध मुनाफा ₹19.44 करोड़ से बढ़कर ₹46.07 करोड़ हो गया।
FY2026 में कंपनी की ग्रोथ और तेज हुई और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल आय करीब ₹3,145 करोड़ तथा शुद्ध मुनाफा करीब ₹127 करोड़ तक पहुंचा। यानी कंपनी के मुनाफे में पिछले वित्त वर्षों की तुलना में काफी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली।
हालांकि, निवेशकों को सिर्फ मुनाफे की तेज रफ्तार देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी के कारोबार में डेयरी कच्चे माल की कीमत, प्रतिस्पर्धा, कर्ज, मार्जिन और वैल्यूएशन जैसे जोखिम भी महत्वपूर्ण हैं।
IPO के बाद निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
शानदार लिस्टिंग के बाद अब मिल्की मिस्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस ग्रोथ को बनाए रखना होगी। IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कर्ज घटाने और दूसरा हिस्सा उत्पादन क्षमता बढ़ाने में लगाया जाना है। अगर कंपनी इन निवेशों से बिक्री और मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी कर पाती है, तो यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
दूसरी तरफ, IPO के बाद शेयर में तेज उछाल आने से वैल्यूएशन भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसलिए सिर्फ लिस्टिंग गेन या शुरुआती तेजी के आधार पर शेयर खरीदने के बजाय निवेशकों को कंपनी की आगामी तिमाही आय, मार्जिन, कर्ज में बदलाव और कैश फ्लो पर नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
मिल्की मिस्ट के शेयरों की ₹165 पर लिस्टिंग ने IPO निवेशकों को 17.86% का शुरुआती फायदा दिया और लिस्टिंग के बाद ₹170.25 तक पहुंचने पर मुनाफा करीब 21.61% हो गया। मजबूत IPO सब्सक्रिप्शन, बढ़ती आय और मुनाफे के साथ-साथ कंपनी का वैल्यू-एडेड डेयरी कारोबार इसकी प्रमुख ताकत है। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में निवेश करने से पहले वैल्यूएशन और कंपनी की आगे की ग्रोथ को जरूर परखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से अध्ययन करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी शेयर में निवेश या बिक्री की व्यक्तिगत सलाह नहीं देता।


