Job Change News: बेहतर सैलरी, करियर ग्रोथ और नई जिम्मेदारियों की उम्मीद में नौकरी बदलना आज के दौर में आम बात है। लेकिन कई बार कर्मचारी का प्रदर्शन नहीं, बल्कि कंपनी के प्रोजेक्ट, क्लाइंट या बजट में अचानक आया बदलाव उसकी नौकरी पर भारी पड़ जाता है। एक डेटा इंजीनियर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। करीब पांच साल पुरानी नौकरी छोड़कर उसने नई कंपनी जॉइन की, लेकिन सिर्फ 30 दिन बाद ही उसे इस्तीफा देने के लिए कह दिया गया।
इस घटना ने उसे दोबारा नौकरी तलाशने के साथ-साथ यह सोचने पर भी मजबूर कर दिया कि क्या उसे अपनी पुरानी कंपनी से वापस संपर्क करना चाहिए। उसने Reddit पर अपनी कहानी साझा करते हुए लोगों से सलाह मांगी।
बेहतर करियर की उम्मीद में छोड़ी 5 साल पुरानी नौकरी
टेक प्रोफेशनल के मुताबिक, वह करीब पांच वर्षों से एक कंपनी में डेटा इंजीनियर के तौर पर काम कर रहा था। वहां उसकी नौकरी स्थिर थी और किसी तरह के खराब प्रदर्शन या विवाद की वजह से उसे कंपनी छोड़ने की जरूरत नहीं थी।
इसके बावजूद बेहतर करियर अवसरों की तलाश में उसने नौकरी बदलने का फैसला किया। नई कंपनी में जाने के पीछे उसका मकसद नई चुनौतियां, बेहतर संभावनाएं और करियर में आगे बढ़ना था। उसने पुरानी नौकरी छोड़कर नई कंपनी जॉइन कर ली।
उसे शायद ही अंदाजा रहा होगा कि यह बदलाव इतनी जल्दी परेशानी में बदल जाएगा।
नई नौकरी में सिर्फ एक महीना हुआ था
नई कंपनी में काम शुरू किए अभी करीब एक महीना ही हुआ था कि परिस्थितियां बदल गईं। उसके मुताबिक, प्रोजेक्ट और क्लाइंट से जुड़ी स्थिति में बदलाव आया और कंपनी को बजट की समस्या का सामना करना पड़ा।
इसका सीधा असर उसके काम पर पड़ा। जिस प्रोजेक्ट के लिए उसे नियुक्त किया गया था, वह उपलब्ध नहीं रहा और उसके पास काम करने के लिए कोई नया प्रोजेक्ट भी नहीं बचा।
इसके बाद उसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया।
यानी जिस नौकरी को उसने बेहतर भविष्य की उम्मीद में चुना था, वह महज 30 दिनों में ही खत्म होने की स्थिति में पहुंच गई।
क्या पुरानी नौकरी छोड़ने का अब हो रहा अफसोस?
इस मामले की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि डेटा इंजीनियर ने अपनी पुरानी कंपनी किसी खराब प्रदर्शन या विवाद के कारण नहीं छोड़ी थी। वहां वह लगभग पांच साल से काम कर रहा था और उसकी नौकरी अपेक्षाकृत स्थिर थी।
अब अचानक बेरोजगारी की स्थिति आने के बाद उसके सामने बड़ा सवाल है कि क्या उसे अपने पुराने नियोक्ता से दोबारा संपर्क करना चाहिए।
एक तरफ उसे डर है कि पुरानी कंपनी छोड़ने के बाद वापस नौकरी मांगना उसके करियर के लिए गलत संकेत माना जा सकता है। दूसरी तरफ, पांच साल तक कंपनी में काम करने और अच्छा प्रदर्शन करने का उसका अनुभव उसके पक्ष में भी जा सकता है।
सिर्फ एक महीने की नौकरी को इंटरव्यू में कैसे समझाए?
टेक प्रोफेशनल की एक और चिंता यह है कि भविष्य के जॉब इंटरव्यू में वह नई कंपनी में सिर्फ एक महीने काम करने की वजह को कैसे समझाएगा।
हालांकि, अगर नौकरी प्रोजेक्ट या बजट में बदलाव के कारण खत्म हुई है, तो यह कर्मचारी के प्रदर्शन से जुड़ा मामला नहीं है। ऐसे में इंटरव्यू के दौरान स्थिति को ईमानदारी से समझाया जा सकता है।
दरअसल, कंपनियों में प्रोजेक्ट कैंसिल होना, क्लाइंट बदलना, बजट कम होना या किसी बिजनेस यूनिट को बंद करना जैसी परिस्थितियां अचानक पैदा हो सकती हैं। इनका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जिनका प्रदर्शन अच्छा रहा हो।
Reddit यूजर्स ने दी दोनों विकल्प खुले रखने की सलाह
डेटा इंजीनियर ने Reddit पर लोगों से पूछा कि उसे आगे क्या करना चाहिए। क्या उसे पुरानी कंपनी से संपर्क करना चाहिए या पूरी तरह नई नौकरी तलाशनी चाहिए?
कई यूजर्स ने उसे सलाह दी कि उसे दोनों रास्ते खुले रखने चाहिए।
उनके मुताबिक, नई कंपनियों में आवेदन करना जारी रखना चाहिए और साथ ही पुराने सहकर्मियों, मैनेजर या कंपनी के HR से संपर्क करने में भी कोई नुकसान नहीं है।
अगर पुरानी कंपनी में उसके संबंध अच्छे रहे हैं और उसका रिकॉर्ड मजबूत है, तो वहां दोबारा नौकरी मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एक यूजर ने भी शेयर किया अपना अनुभव
Reddit पर एक यूजर ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि कोविड के दौरान उसने भी नई कंपनी जॉइन की थी। करीब छह महीने काम करने के बाद उसका प्रोजेक्ट बंद हो गया और उसे छंटनी का सामना करना पड़ा।
इसके बाद वह अपनी पुरानी कंपनी में वापस चला गया।
उसके मुताबिक, पुरानी कंपनी ने उसके पिछले छह महीनों के अंतराल को स्किलिंग के लिए ‘सैबेटिकल’ की तरह दिखाने में भी मदद की। इस उदाहरण से पता चलता है कि अगर कर्मचारी और पुराने नियोक्ता के बीच अच्छे संबंध हों, तो कंपनी छोड़ने के बाद वापस लौटना हमेशा असंभव नहीं होता।
‘Boomerang Employee’ बनना भी हो सकता है विकल्प
करियर की दुनिया में ऐसे कर्मचारियों के लिए ‘Boomerang Employee’ शब्द इस्तेमाल किया जाता है जो कंपनी छोड़ने के बाद किसी समय उसी कंपनी में वापस लौटते हैं।
पहले किसी कंपनी में वापस लौटने को कई लोग करियर में पीछे जाना मानते थे, लेकिन अब यह सोच बदल रही है। किसी पुराने कर्मचारी के पास कंपनी, उसके सिस्टम और काम करने के तरीके की पहले से जानकारी होती है। वहीं कंपनी भी उसके कौशल और काम करने के तरीके से परिचित होती है।
इसलिए अगर दोनों पक्षों के बीच संबंध अच्छे रहे हों, तो वापसी दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
नौकरी बदलने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
इस घटना से नौकरी बदलने वाले प्रोफेशनल्स के लिए कुछ महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं। नई नौकरी स्वीकार करने से पहले सिर्फ सैलरी और पद को देखना पर्याप्त नहीं है। कंपनी की वित्तीय स्थिति, प्रोजेक्ट की स्थिरता, क्लाइंट पर निर्भरता और नियुक्ति का वास्तविक कारण भी समझना जरूरी है।
नौकरी छोड़ने से पहले कर्मचारी को यह भी देखना चाहिए कि उसके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड है या नहीं। इसके अलावा, पुराने नियोक्ता और सहकर्मियों से अच्छे संबंध बनाए रखना भी लंबे करियर में काम आ सकता है।
नौकरी चली जाना हमेशा कर्मचारी की गलती नहीं
इस पूरी घटना से सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आती है कि नौकरी जाने का मतलब हमेशा कर्मचारी का खराब प्रदर्शन नहीं होता।
कई बार प्रोजेक्ट खत्म होना, क्लाइंट का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होना, बजट में कटौती, बिजनेस रणनीति बदलना या कंपनी की प्राथमिकताओं में बदलाव जैसे कारण कर्मचारियों की स्थिति बदल देते हैं।
ऐसी स्थिति में पुरानी कंपनी में वापसी की कोशिश करना किसी तरह की शर्म की बात नहीं है। अगर वहां पांच साल का अच्छा रिकॉर्ड रहा है, तो पुराने नियोक्ता से संपर्क करना एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।
साथ ही, सिर्फ पुरानी कंपनी पर निर्भर रहने के बजाय नई नौकरियों की तलाश जारी रखना भी समझदारी होगी। इस तरह कर्मचारी के पास एक साथ कई विकल्प खुले रहेंगे और अचानक आई बेरोजगारी को करियर के लिए नई शुरुआत में बदला जा सकता है।


