Milky Mist Dairy Food IPO: आईपीओ बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक और बड़ा मौका सामने आया है। पैकेज्ड फूड और डेयरी प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का ₹1,553 करोड़ का आईपीओ आज यानी 11 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी के इस इश्यू में निवेशक 13 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जहां शेयर अपर प्राइस बैंड से करीब 15 फीसदी के प्रीमियम पर कारोबार करता बताया जा रहा है।
कंपनी का आईपीओ ऐसे समय में आया है जब प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड डेयरी और वैल्यू-एडेड फूड प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में काम करती है और इसके पोर्टफोलियो में पनीर, चीज, बटर, दही, घी, योगर्ट, आइसक्रीम और कई तरह के रेडी-टू-ईट तथा रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट्स शामिल हैं।
₹1,553 करोड़ का है IPO
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का यह आईपीओ कुल ₹1,553 करोड़ का है। इसमें ₹1,428 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹125 करोड़ का ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल है।
फ्रेश इश्यू के तहत कंपनी करीब 10.20 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जबकि OFS के जरिए लगभग 0.89 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने और दूसरी कारोबारी जरूरतों में इस्तेमाल की जाएगी।
₹133 से ₹140 रखा गया प्राइस बैंड
कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹133 से ₹140 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों के लिए एक लॉट में 107 शेयर रखे गए हैं।
अगर कोई रिटेल निवेशक अपर प्राइस बैंड यानी ₹140 प्रति शेयर के हिसाब से एक लॉट के लिए आवेदन करता है, तो उसे कम से कम ₹14,980 का निवेश करना होगा।
आईपीओ में 11 अगस्त से 13 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। शेयर अलॉटमेंट का आधार 14 अगस्त को तय होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर 18 अगस्त को लिस्टिंग होने की संभावना है।
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी करीब ₹465.29 करोड़ जुटाए हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी को आमतौर पर किसी इश्यू के प्रति संस्थागत निवेशकों की शुरुआती रुचि के संकेत के तौर पर देखा जाता है।
GMP से मिल रहा है करीब 15% लिस्टिंग गेन का संकेत
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में भी सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसका GMP ₹140 के अपर प्राइस बैंड से करीब 15 फीसदी ऊपर चल रहा है।
अगर आईपीओ की लिस्टिंग तक यही प्रीमियम बना रहता है, तो निवेशकों को लिस्टिंग पर अच्छा मुनाफा मिल सकता है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि GMP आधिकारिक या गारंटीड रिटर्न का संकेत नहीं होता। ग्रे मार्केट का प्रीमियम लिस्टिंग से पहले बदल सकता है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकती है।
इसलिए केवल GMP देखकर आईपीओ में निवेश का फैसला करना सही रणनीति नहीं माना जाता। कंपनी का वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार की संभावनाएं और आईपीओ की कीमत भी निवेश के फैसले में अहम भूमिका निभाते हैं।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले वित्त वर्ष के दौरान मजबूत सुधार देखने को मिला है। कंपनी की आय सालाना आधार पर करीब 34 फीसदी बढ़कर ₹3,145.01 करोड़ हो गई।
इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 176 फीसदी बढ़कर ₹127.01 करोड़ पहुंच गया। मुनाफे में इतनी तेज वृद्धि कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार की ओर इशारा करती है।
हालांकि, निवेशकों को केवल एक वित्त वर्ष के आंकड़ों के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी के पिछले वर्षों के प्रदर्शन, मार्जिन, कर्ज, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं को भी देखना चाहिए।
क्या करती है Milky Mist Dairy Food?
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड की शुरुआत जुलाई 2014 में हुई थी। कंपनी का फोकस प्रीमियम और वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर है।
इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कई अलग-अलग कैटेगरी शामिल हैं। कंपनी चीज, पनीर, बटर, दही, घी और योगर्ट जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स के अलावा आइसक्रीम और UHT प्रोडक्ट्स भी बेचती है।
इसके अलावा कंपनी फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-ईट, रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट्स और चॉकलेट्स जैसे सेगमेंट में भी मौजूद है। प्रोडक्ट्स की यह विविधता कंपनी को सिर्फ पारंपरिक डेयरी बाजार तक सीमित नहीं रखती और वैल्यू-एडेड फूड कैटेगरी में विस्तार का अवसर देती है।
क्या आपको Milky Mist IPO सब्सक्राइब करना चाहिए?
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड आईपीओ को लेकर निवेशकों के सामने तस्वीर के दोनों पहलू हैं। एक तरफ कंपनी के राजस्व और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हुई है और ग्रे मार्केट में भी करीब 15 फीसदी प्रीमियम का संकेत मिल रहा है। दूसरी तरफ, आईपीओ में निवेश से पहले इसके वैल्यूएशन और कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को समझना जरूरी है।
अगर आपका उद्देश्य सिर्फ लिस्टिंग गेन कमाना है, तो GMP पर नजर रखना जरूरी होगा, लेकिन इसे निश्चित रिटर्न नहीं माना जा सकता। वहीं, लॉन्ग टर्म निवेशक कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा और डेयरी एवं पैकेज्ड फूड बाजार में विस्तार की संभावनाओं का अध्ययन करने के बाद ही फैसला लें।
किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है। सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहे GMP या लिस्टिंग गेन के अनुमान के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए।


