Stock Crash: जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों के बाद कई स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। Automobile Corporation of Goa, Ion Exchange (India) और Sheela Foam के शेयर 8% से 15% तक टूट गए। हालांकि कुछ कंपनियों ने अच्छी बिक्री और रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन कमजोर मुनाफा, घटते मार्जिन और भविष्य के कारोबार को लेकर चिंता के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की। अगर आपके पोर्टफोलियो में इनमें से कोई शेयर शामिल है, तो इनके ताजा नतीजों और आगे के आउटलुक को जरूर समझ लें।
Q1 रिजल्ट के बाद क्यों टूटा Ion Exchange का शेयर?
जून तिमाही के नतीजों के बाद Ion Exchange (India) के शेयरों में करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने रेवेन्यू में मजबूत बढ़त दिखाई, लेकिन मुनाफे में बड़ी गिरावट ने निवेशकों को निराश किया।
कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹700.5 करोड़ रहा। इसके बावजूद EBITDA घटकर ₹31.7 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग आधा है। इसके चलते EBITDA मार्जिन 10.7% से घटकर 4.5% पर आ गया।
सबसे ज्यादा झटका कंपनी के मुनाफे में देखने को मिला। नेट प्रॉफिट 93% गिरकर केवल ₹3.1 करोड़ रह गया। कंपनी ने बताया कि कच्चे माल की बढ़ती लागत का सीधा असर उसकी कमाई पर पड़ा। हालांकि सकारात्मक पक्ष यह रहा कि वित्त वर्ष के अंत में कंपनी के पास ₹2,643.3 करोड़ का ऑर्डर बुक मौजूद है, जो आने वाले समय में कारोबार को सहारा दे सकता है।
Sheela Foam में ऑपरेशनल मजबूती के बावजूद शेयर क्यों फिसला?
Sheela Foam के शेयर भी नतीजों के बाद लगभग 8% तक टूट गए। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन बाजार की उम्मीदों के मुकाबले नतीजे कमजोर रहने और वैल्यूएशन को लेकर चिंता के चलते शेयर दबाव में आ गया।
कंपनी ने बताया कि Kurl-On के अधिग्रहण से ग्रोथ को लगातार फायदा मिल रहा है। मैट्रेस कारोबार में वॉल्यूम 6% और वैल्यू 15% बढ़ी, जबकि फोम बिजनेस में वॉल्यूम 4% और वैल्यू 26% की वृद्धि दर्ज की गई।
डिजिटल कारोबार भी मजबूत रहा। कंपनी की वेबसाइट से बिक्री 69% बढ़ी, जबकि ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के जरिए बिक्री में 19% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विदेशी कारोबार में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला, जहां ऑस्ट्रेलिया में EBITDA मार्जिन 12.8% और स्पेन में 14.7% रहा।
Automobile Corporation of Goa में सबसे बड़ी गिरावट
इन तीनों शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट Automobile Corporation of Goa में देखने को मिली। कंपनी के शेयर 15% तक टूट गए, जिससे यह दिन का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला स्मॉलकैप स्टॉक बन गया।
कंपनी ने जून तिमाही में 2,712 बस बॉडी की डिलीवरी की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,784 यूनिट था। कंपनी ने बताया कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय कारोबार प्रभावित हुआ, जिससे कुल प्रदर्शन पर असर पड़ा।
हालांकि कंपनी ने कहा कि घरेलू बाजार में मांग स्थिर बनी हुई है। साथ ही वह लागत नियंत्रण, ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने और लंबी अवधि की टिकाऊ ग्रोथ पर फोकस कर रही है। कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि शेयरधारकों ने FY26 के लिए प्रति शेयर ₹22.50 के अंतिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी है, जिसका भुगतान 20 अगस्त को किया जाएगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
सिर्फ शेयर की कीमत में आई गिरावट देखकर निवेश का फैसला लेना सही रणनीति नहीं होती। किसी भी कंपनी में निवेश से पहले उसके रेवेन्यू, प्रॉफिट, मार्जिन, ऑर्डर बुक, मैनेजमेंट की गाइडेंस और भविष्य की ग्रोथ का आकलन करना जरूरी है। अगर आपके पोर्टफोलियो में ये तीनों में से कोई शेयर है, तो तिमाही नतीजों और आगे के बिजनेस आउटलुक पर नजर बनाए रखें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


