Infosys Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों के बाद शेयरों में दबाव देखने को मिला। शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 2.6% गिरकर ₹1,027 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। कमजोर ग्रोथ गाइडेंस और ऑर्गेनिक ग्रोथ में सुस्ती के चलते कई ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने अपने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं।
हालांकि, CNBC-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का मानना है कि कंपनी के नतीजे उम्मीद से कमजोर जरूर हैं, लेकिन इन्हें “डिजास्टर” कहना सही नहीं होगा। उनका कहना है कि फिलहाल इस शेयर में ऊपर जाने का कोई बड़ा ट्रिगर नहीं दिख रहा, लेकिन मौजूदा वैल्युएशन इसे नीचे भी मजबूत सपोर्ट दे सकता है।
Q1 नतीजों में क्या रहा कमजोर?
इन्फोसिस की पहली तिमाही के नतीजों में सबसे बड़ा झटका कंपनी की ऑर्गेनिक ग्रोथ से मिला।
मुख्य बातें:
- ऑर्गेनिक ग्रोथ -0.1% रही।
- कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) के आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ 1% रही।
- इसमें 1.1% योगदान अधिग्रहण (Acquisition) का रहा।
- एक बड़े क्लाइंट का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से लगभग 50 बेसिस पॉइंट का असर पड़ा।
- FY27 के लिए Revenue Growth Guidance की ऊपरी सीमा 3.5% से घटाकर 3% कर दी गई।
- नई गाइडेंस 1.5% से 3% के बीच रखी गई है।
- ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस 20% से 22% पर बरकरार रखी गई है।
अनुज सिंघल: नतीजे खराब हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं
अनुज सिंघल के मुताबिक,
“इन्फोसिस का ADR करीब 2.4% नीचे बंद हुआ। कंपनी की ऑर्गेनिक ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रही है, लेकिन इसे पूरी तरह खराब कहना सही नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि:
- AI बिजनेस की आय अब 8.2% तक पहुंच चुकी है।
- AI से जुड़ा कारोबार तिमाही आधार पर डबल डिजिट ग्रोथ दिखा रहा है।
- कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता ऑर्गेनिक ग्रोथ रही है।
उनका मानना है कि फिलहाल शेयर में तेजी का बड़ा कारण नजर नहीं आता, लेकिन मजबूत वैल्युएशन इसे ज्यादा नीचे भी नहीं जाने देगा।
आशीष कुमार दास बने नए CEO
इन्फोसिस ने बड़ा नेतृत्व परिवर्तन करते हुए आशीष कुमार दास को कंपनी का नया CEO नियुक्त कर दिया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
आशीष कुमार दास:
- कंपनी के साथ 30 वर्ष से अधिक समय से जुड़े हैं।
- पहली बार कंपनी के 45 साल के इतिहास में किसी इन-हाउस (Internal) और Non-Founder प्रोफेशनल को CEO बनाया गया है।
- उन्होंने पहले EURS वर्टिकल की जिम्मेदारी संभाली थी।
कंपनी के चेयरमैन नंदन निलेकणी ने कहा कि बोर्ड ऐसे CEO की तलाश में था जो AI के दौर में कंपनी को नए स्तर पर ले जाने के लिए साहसिक फैसले लेने की क्षमता रखता हो।
ब्रोकरेज हाउस का क्या कहना है?
कमजोर नतीजों के बाद कई विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने अपने लक्ष्य मूल्य में बदलाव किया है।
| ब्रोकरेज | रेटिंग | नया टारगेट |
|---|---|---|
| CLSA | Outperform | ₹1,109 |
| HSBC | Hold | ₹1,110 (पहले ₹1,340) |
| JPMorgan | Neutral | ₹1,050 |
| Nomura | Buy | ₹1,290 |
CLSA की राय
CLSA का कहना है कि:
- रेवेन्यू ग्रोथ निराशाजनक रही।
- FY27 गाइडेंस में कटौती चिंता का विषय है।
- EBIT मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहा।
- ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है।
- नए CEO की नियुक्ति AI ट्रांजिशन के लिहाज से सकारात्मक कदम है।
शेयर की आगे की चाल कैसी रह सकती है?
अनुज सिंघल के अनुसार,
- इस सप्ताह शेयर पहले ही करीब 4.5% गिर चुका है।
- इसके बावजूद जुलाई महीने में यह अब भी लगभग 4.7% की बढ़त पर है।
- फिलहाल शेयर कुछ समय तक रेंज-बाउंड (Range Bound) रह सकता है।
- ऊपर जाने के लिए कोई बड़ा ट्रिगर नहीं दिख रहा।
- लेकिन मौजूदा वैल्युएशन नीचे मजबूत सपोर्ट प्रदान कर सकता है।
यानी निकट अवधि में शेयर में तेज उछाल की संभावना सीमित दिख रही है, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों की नजर नए CEO की रणनीति, AI बिजनेस की ग्रोथ और आने वाली तिमाहियों की ऑर्गेनिक ग्रोथ पर रहेगी।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


