Minnu PM Joshy UPSC Story: यूपीएससी (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS अधिकारी मिन्नू पीएम जोशी की, जिन्होंने कम उम्र में शादी, मां बनने, सरकारी नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को जिंदा रखा। लगातार 6 असफल प्रयासों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार 32 साल की उम्र में AIR 150 हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जगह बनाई।
पिता का सपना बना जिंदगी का लक्ष्य
केरल के पठानमथिट्टा जिले की रहने वाली मिन्नू पीएम जोशी का बचपन आसान नहीं रहा। जब वह स्कूल में थीं, तभी उनके पुलिस अधिकारी पिता का निधन हो गया। पिता की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।
साल 2012 में उन्हें डाई-इन-हार्नेस (Die-in-Harness) योजना के तहत केरल पुलिस विभाग में क्लर्क की नौकरी मिली। यह योजना उन परिवारों के लिए होती है जिनके सरकारी कर्मचारी सदस्य का सेवा के दौरान निधन हो जाता है।
हालांकि नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और केरल यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। उनके पिता चाहते थे कि बेटी एक दिन सिविल सर्वेंट बने और यही सपना मिन्नू की जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया।
21 साल में शादी, 23 साल में मां बनीं
मिन्नू की जिंदगी में जिम्मेदारियां बहुत जल्दी आ गईं। उन्होंने 21 साल की उम्र में ISRO के अधिकारी जोशी डीजे से शादी की। इसके दो साल बाद, 23 वर्ष की उम्र में वह मां बन गईं।
एक तरफ सरकारी नौकरी, दूसरी तरफ छोटे बच्चे की जिम्मेदारी और परिवार का दायित्व—इन सबके बीच यूपीएससी की तैयारी शुरू करना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने कभी अपने सपने को खत्म नहीं होने दिया।
26 साल की उम्र में शुरू की UPSC की तैयारी
मिन्नू पीएम जोशी ने 26 वर्ष की उम्र में UPSC Civil Services Examination की तैयारी शुरू की। उनका उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी करना नहीं था, बल्कि अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर IAS अधिकारी बनना था।
उन्होंने अपने लिए बेहद अनुशासित दिनचर्या बनाई।
- सुबह लाइब्रेरी जाकर The Hindu अखबार पढ़ती थीं।
- करंट अफेयर्स और नोट्स तैयार करती थीं।
- बाद में Shankar IAS Academy से मार्गदर्शन लिया।
- दिनभर पुलिस विभाग में नौकरी करती थीं।
- रात को कई घंटे पढ़ाई करती थीं।
- साथ ही परिवार और बच्चे की जिम्मेदारियां भी निभाती थीं।
यही अनुशासन उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना।
6 बार असफल हुईं, लेकिन हार नहीं मानी
UPSC जैसी परीक्षा में असफलता कई उम्मीदवारों का आत्मविश्वास तोड़ देती है, लेकिन मिन्नू पीएम जोशी ने हर असफल प्रयास से सीख ली।
उन्होंने लगातार छह प्रयास किए, हर बार अपनी गलतियों में सुधार किया और आखिरकार 32 साल की उम्र में UPSC CSE में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 150 हासिल कर अपना सपना पूरा किया।
उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो उम्र, जिम्मेदारियां और असफलताएं भी रास्ता नहीं रोक सकतीं।
वर्तमान में कहां हैं IAS मिन्नू पीएम जोशी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IAS मिन्नू पीएम जोशी वर्तमान में महाराष्ट्र के अमरावती जिले के भटकुली-तिवसा सब-डिवीजन में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
एक पुलिस क्लर्क से भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।
मिन्नू पीएम जोशी प्रोफाइल (Minnu PM Joshy Biography)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | मिन्नू पीएम जोशी |
| गृह जिला | पठानमथिट्टा, केरल |
| शिक्षा | बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स, केरल यूनिवर्सिटी |
| पहली सरकारी नौकरी | केरल पुलिस विभाग में क्लर्क (2012) |
| शादी | 21 वर्ष की उम्र में |
| मां बनीं | 23 वर्ष की उम्र में |
| UPSC तैयारी शुरू | 26 वर्ष की उम्र में |
| कुल प्रयास | 6 |
| UPSC रैंक | AIR 150 |
| IAS बनीं | 32 वर्ष की उम्र में |
| वर्तमान पद | असिस्टेंट कलेक्टर, भटकुली-तिवसा, अमरावती (महाराष्ट्र) |
मिन्नू पीएम जोशी की कहानी से क्या सीख मिलती है?
मिन्नू पीएम जोशी की सफलता यह साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता बनी रहे तो सफलता जरूर मिलती है। शादी, मातृत्व, नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं, खासकर महिला अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है जो जीवन की चुनौतियों के बीच अपने करियर का सपना देख रहे हैं।


