नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में एक और बड़ा आईपीओ दस्तक देने जा रहा है। देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Funds Management का बहुप्रतीक्षित IPO 14 जुलाई 2026 से निवेशकों के लिए खुलेगा और 16 जुलाई 2026 को बंद होगा। यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) आधारित इश्यू होगा, यानी कंपनी को इस IPO से कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी। मौजूदा प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे।
SBI Funds IPO Highlights
- IPO ओपनिंग डेट: 14 जुलाई 2026
- IPO क्लोजिंग डेट: 16 जुलाई 2026
- एंकर निवेशकों के लिए: 13 जुलाई 2026
- इश्यू टाइप: पूरी तरह Offer for Sale (OFS)
- कुल शेयर: 20.37 करोड़
- प्रमोटर्स: SBI और Amundi SA
कौन कितना शेयर बेचेगा?
SBI Funds Management, State Bank of India (SBI) और Amundi SA की संयुक्त स्वामित्व वाली कंपनी है।
IPO के तहत:
- SBI करीब 12.83 करोड़ शेयर (लगभग 6.3% हिस्सेदारी) बेचेगा।
- Amundi India करीब 7.54 करोड़ शेयर (लगभग 3.7% हिस्सेदारी) ऑफर करेगी।
कुल मिलाकर 20.37 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल बाजार में आएगा।
कितना हो सकता है कंपनी का वैल्यूएशन?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SBI Funds Management इस IPO के जरिए 1.15 ट्रिलियन रुपये से 1.20 ट्रिलियन रुपये (करीब 12.1 अरब डॉलर) के वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है।
हालांकि, यह पहले अनुमानित 14-15 अरब डॉलर के वैल्यूएशन से कुछ कम माना जा रहा है।
कौन संभालेगा IPO?
SBI Funds ने इस मेगा IPO के प्रबंधन के लिए नौ प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। इनमें शामिल हैं—
- Kotak Mahindra Capital
- Axis Capital
- SBI Capital Markets
- JM Financial
- HSBC Holdings PLC
- समेत अन्य मर्चेंट बैंकर्स
एंकर निवेशकों के लिए कब खुलेगा इश्यू?
IPO से पहले 13 जुलाई 2026 को एंकर निवेशकों के लिए बुक खुलेगी। आमतौर पर एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी किसी IPO के प्रति बाजार के भरोसे का संकेत मानी जाती है।
SBI शेयर का प्रदर्शन
बुधवार के कारोबारी सत्र में State Bank of India (SBI) का शेयर दबाव में रहा।
- क्लोजिंग प्राइस: ₹1,016.90
- दिनभर की गिरावट: 2.04%
- ओपनिंग प्राइस: ₹1,029.60
- दिन का हाई: ₹1,038.30
- दिन का लो: ₹1,011.70
फिलहाल SBI का मार्केट कैप ₹7.67 लाख करोड़ है, जबकि इसका P/E रेश्यो 11.18 है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
SBI Funds Management भारत के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड हाउसों में गिनी जाती है। ऐसे में इसका IPO बाजार का एक बड़ा इवेंट माना जा रहा है। हालांकि, चूंकि यह पूरी तरह OFS आधारित इश्यू है, इसलिए इससे कंपनी में नई पूंजी नहीं आएगी। निवेशकों को आवेदन से पहले प्राइस बैंड, GMP, वित्तीय प्रदर्शन, AUM ग्रोथ और वैल्यूएशन जैसे पहलुओं का अच्छी तरह मूल्यांकन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी IPO या शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


