FII DII Data: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 517 अंक टूट गया। हालांकि, इस तेज गिरावट के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बिकवाली के बजाय खरीदारी जारी रखी। दोनों ने मिलकर कुल ₹2,753 करोड़ के शेयर खरीदे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बाजार में इतनी भारी बिकवाली किसने की?
बाजार गिरा, लेकिन FII-DII रहे खरीदार
एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹1,962.80 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹790.16 करोड़ के शेयर खरीदे। इस तरह दोनों संस्थागत निवेशकों की कुल नेट खरीदारी ₹2,753 करोड़ रही।
इससे संकेत मिलता है कि बाजार में आई भारी गिरावट की वजह मुख्य रूप से अन्य निवेशक वर्गों, खासकर रिटेल निवेशकों और हाई-नेटवर्थ निवेशकों (HNI) की घबराहट में की गई बिकवाली हो सकती है।
FII और DII ने कितना खरीदा और कितना बेचा?
बुधवार के कारोबार के दौरान संस्थागत निवेशकों की कुल खरीद और बिक्री इस प्रकार रही—
| निवेशक | कुल खरीद | कुल बिक्री | नेट फ्लो |
|---|---|---|---|
| FII | ₹17,463.95 करोड़ | ₹15,501.15 करोड़ | ₹1,962.80 करोड़ |
| DII | ₹19,165.13 करोड़ | ₹18,374.97 करोड़ | ₹790.16 करोड़ |
इस सप्ताह कैसा रहा FII-DII का रुख?
इस सप्ताह अब तक विदेशी निवेशकों ने लगातार चारों कारोबारी सत्रों में खरीदारी की है। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी चार में से तीन कारोबारी सत्रों में खरीदारी की। यह दर्शाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर बना हुआ है।
| तारीख | FII नेट फ्लो | DII नेट फ्लो |
|---|---|---|
| 9 जुलाई 2026 | ₹1,962.80 करोड़ | ₹790.16 करोड़ |
| 8 जुलाई 2026 | ₹393.19 करोड़ | -₹383.43 करोड़ |
| 7 जुलाई 2026 | ₹243.03 करोड़ | ₹3,791.42 करोड़ |
| 6 जुलाई 2026 | ₹1,355.33 करोड़ | -₹1,953.89 करोड़ |
बाजार में भारी गिरावट की वजह क्या रही?
बुधवार की तेज गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब प्रभावी नहीं रहा। इसके बाद वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ा और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर की मजबूती ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाया।
शेयर बाजार का क्या रहा हाल?
- BSE Sensex 1,677 अंक गिरकर 76,504 पर बंद हुआ।
- Nifty 50 517 अंक टूटकर 23,882 पर आ गया और 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया।
- निफ्टी 50 के 50 में से 46 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
- Nifty PSU Bank और Nifty Chemicals सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर रहे।
- Nifty Bank 1,458 अंक गिरकर 56,743 पर बंद हुआ।
- Nifty Midcap 963 अंक टूटकर 61,323 पर आ गया।
रुपये पर भी बढ़ा दबाव
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दिया। रुपया 59 पैसे कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 95.55 पर बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और तेल की ऊंची कीमतों ने रुपये पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी इस बात का संकेत है कि वे भारतीय बाजार की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर अभी भी सकारात्मक हैं। हालांकि, वैश्विक घटनाक्रम और भू-राजनीतिक जोखिमों के चलते निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने के बजाय अपने निवेश लक्ष्यों और जोखिम क्षमता के आधार पर रणनीति बनानी चाहिए।
Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल समाचार और सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
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