NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    elon-musk-5-minute-rule-14-bachchon-ke-pita-ke-paas-apna-ghar-nahi
    दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर का सीक्रेट! Elon Musk का ‘5 मिनट रूल’ जानकर रह जाएंगे हैरान, 14 बच्चों के पिता के पास खुद का घर भी नहीं
    13 जून 2026
    8th-pay-commission-tor-approved-salary-hike-update-hindi
    8th Pay Commission: 55 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग के नियमों को मंजूरी, सैलरी में कितना होगा इजाफा?
    13 जून 2026
    maggi-me-keede-wala-dava-janch-report-nestle-india-5-badi-batein
    Maggi खाने वालों के लिए बड़ा अपडेट! ‘कीड़े’ वाले वायरल दावे पर नेस्ले इंडिया ने जारी की जांच रिपोर्ट, बताईं 5 अहम बातें
    13 जून 2026
    ather-energy-fund-raise-rs-2500-crore-hero-backed-company-ola-electric-ev-market
    Hero की निवेश वाली Ather Energy जुटाएगी ₹2,500 करोड़ का फंड, EV बाजार में बढ़ेगी ताकत; क्या Ola Electric की बढ़ेगी मुश्किल?
    13 जून 2026
    hul-aur-nestle-ke-naye-md-ko-mili-bumper-salary-priya-nair-manish-tiwary-package-fy26
    HUL और नेस्ले के नए MDs पर पैसों की बारिश! एक को ₹26 करोड़, दूसरे को पुराने बॉस से 44% ज्यादा सैलरी
    13 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-today-crude-oil-falls-petrol-diesel-rate-13-june-2026
    Petrol Price Today: क्रूड ऑयल 2 महीने के निचले स्तर पर, फिर भी नहीं मिली राहत! जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    13 जून 2026
    gold-silver-price-today-12-june-2026-gold-rate-silver-price-india
    Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के दामों में फिर मची हलचल! जानिए आज कितने बदले आपके शहर के भाव
    12 जून 2026
    gold-silver-price-crash-gold-falls-rs-15765-silver-rs-53810-in-one-month
    Gold Silver Price Crash: फिर औंधे मुंह गिरी कीमतें! सोना एक महीने में ₹15,765 टूटा, चांदी ₹53,810 सस्ती; जानिए कहां पहुंच गए भाव
    11 जून 2026
    gold-silver-price-today-10-june-2026-gold-falls-rs4300-silver-drops-rs10000
    Gold Silver Price Today: सोना ₹4,300 लुढ़का, चांदी ₹10,000 टूटी, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेंगे भाव?
    10 जून 2026
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    vedanta-bond-buyback-rs-34000-crore-anil-agarwal-big-move-before-demerger-listing
    Vedanta Demerger से पहले बड़ा दांव! लंदन में ₹34,000 करोड़ का बॉन्ड बायबैक, कर्ज घटाने की तैयारी तेज
    13 जून 2026
    india-steel-works-share-ne-5-saal-mein-16-guna-return-diya
    TATA Steel नहीं, ₹22 के इस ‘छुटकू’ स्टील शेयर ने किया कमाल; 5 साल में निवेशकों का पैसा 16 गुना बढ़ाया
    13 जून 2026
    vedanta-demerger-4-new-companies-listing-best-stock-to-buy
    Vedanta Demerger: सोमवार को लिस्ट होंगी 4 नई कंपनियां, किस शेयर में है सबसे ज्यादा कमाई का मौका? एक्सपर्ट ने दी सलाह
    12 जून 2026
    maggi-controversy-fssai-notice-nestle-india-shares
    Maggi Controversy: मैगी में कीड़े मिलने की शिकायत पर FSSAI का एक्शन, Nestle India के शेयर 3% लुढ़के
    12 जून 2026
    tryfacta-inc-us-ai-company-files-ipo-documents-in-gift-city-india
    भारत में IPO ला रही अमेरिकी AI कंपनी! 150 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी, GIFT City में दाखिल किए दस्तावेज
    12 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: India Energy Import: तेल, LPG-LNG में क्या रूस की जगह ले सकता है अमेरिका? भारत की ऊर्जा रणनीति में वेनेजुएला भी बन रहा बड़ा फैक्टर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

India Energy Import: तेल, LPG-LNG में क्या रूस की जगह ले सकता है अमेरिका? भारत की ऊर्जा रणनीति में वेनेजुएला भी बन रहा बड़ा फैक्टर

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/10 at 12:02 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
11 Min Read
india-energy-import-russia-vs-us-oil-lpg-lng-india-energy-security
SHARE

नई दिल्ली। दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, पश्चिम एशिया में अस्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत की ऊर्जा आयात रणनीति एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में दावा किया था कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद कम करेगा और अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाएगा। हालांकि, चार महीने बाद सामने आए आंकड़े बिल्कुल अलग तस्वीर दिखाते हैं। रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जबकि अमेरिका शीर्ष पांच सप्लायरों में भी जगह नहीं बना पाया है।

Contents
क्या भारत की ऊर्जा जरूरतों में रूस अभी भी सबसे अहम है?भारत के टॉप सप्लायरों की सूची में क्या बदला?भारत का रुख हमेशा ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित रहाक्या अमेरिका वास्तव में रूस की जगह ले सकता है?वेनेजुएला क्यों बन रहा है बड़ा फैक्टर?असली कहानी LPG और LNG की हैअमेरिका से LNG खरीदना क्यों फायदेमंद हो सकता है?होर्मुज स्ट्रेट क्यों बना हुआ है सबसे बड़ा जोखिम?भारत की ऊर्जा रणनीति का अगला चरण क्या होगा?

इसके बावजूद भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा संबंध कमजोर नहीं हुए हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि यह साझेदारी अब कच्चे तेल से हटकर LPG, LNG और अन्य गैस आधारित ईंधन की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी दौरान वेनेजुएला भी भारत के लिए एक अहम ऊर्जा स्रोत बनकर उभरा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अमेरिका वास्तव में रूस की जगह ले सकता है या भारत की ऊर्जा रणनीति का भविष्य कुछ और कहानी बयां कर रहा है?

क्या भारत की ऊर्जा जरूरतों में रूस अभी भी सबसे अहम है?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है और अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में सस्ती और भरोसेमंद सप्लाई भारत की प्राथमिकता रहती है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए, लेकिन भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रूसी तेल की खरीद जारी रखी।

ग्लोबल डेटा और एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार मई 2026 में भी रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बना रहा। भारतीय रिफाइनरियों ने अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली छूट का लाभ उठाते हुए रूसी तेल की खरीद बढ़ाई, जिससे आयात का स्तर फिर से 2023 के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया। उस समय भारत प्रतिदिन लगभग 20 लाख बैरल रूसी तेल आयात कर रहा था।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी तेल भारत के लिए सिर्फ सस्ता विकल्प नहीं है बल्कि भारतीय रिफाइनिंग सिस्टम के लिए तकनीकी रूप से भी अधिक उपयुक्त है। यही वजह है कि रूस की हिस्सेदारी अभी भी मजबूत बनी हुई है।

भारत के टॉप सप्लायरों की सूची में क्या बदला?

मई महीने में एक बड़ा बदलाव यह देखने को मिला कि संयुक्त अरब अमीरात भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया। यूएई से औसतन 5.61 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात हुआ। दूसरी ओर सऊदी अरब तीसरे स्थान पर खिसक गया, जहां से भारत ने लगभग 3.50 लाख बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा।

इस दौरान वेनेजुएला ने भी तेजी से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। पिछले कुछ महीनों में यह भारत के शीर्ष पांच कच्चे तेल सप्लायरों में शामिल हो गया है। ऊर्जा बाजार के जानकार मानते हैं कि वेनेजुएला की बढ़ती भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है।

इसके पीछे एक वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भी है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली सप्लाई पर दबाव बढ़ने के कारण भारत को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ रही है। ऐसे में वेनेजुएला जैसे देशों की भूमिका बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।

भारत का रुख हमेशा ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित रहा

भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि तेल खरीद का फैसला किसी राजनीतिक दबाव के आधार पर नहीं बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के कच्चे तेल पर प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं हैं। प्रतिबंध मुख्य रूप से कुछ रूसी कंपनियों और शिपिंग नेटवर्क पर लगाए गए हैं। इसलिए जिन रूसी तेल ग्रेड पर प्रतिबंध लागू नहीं हैं, उनका आयात आगे भी जारी रह सकता है।

यही कारण है कि भारत रूस के साथ अपने ऊर्जा संबंधों को पूरी तरह खत्म करने के मूड में दिखाई नहीं देता। जब तक रूसी तेल प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध रहेगा, भारतीय रिफाइनरियां उसकी खरीद जारी रख सकती हैं।

क्या अमेरिका वास्तव में रूस की जगह ले सकता है?

ऊर्जा बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब फिलहाल “नहीं” है।

वोर्टेक्स के एपीएसी एनालिसिस प्रमुख इवान मैथ्यूज का कहना है कि अमेरिका से कच्चा तेल खरीदना भारत के लिए अपेक्षाकृत महंगा पड़ता है। अमेरिकी खाड़ी तट से भारत तक तेल पहुंचाने की परिवहन लागत काफी अधिक होती है। इसके अलावा अमेरिकी तेल मुख्य रूप से हल्का और कम सल्फर वाला होता है, जबकि भारत की अधिकांश रिफाइनरियां मध्यम और भारी ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए डिजाइन की गई हैं।

रूसी यूराल्स क्रूड न केवल सस्ता पड़ता है बल्कि भारतीय रिफाइनिंग सिस्टम के लिए बेहतर विकल्प भी माना जाता है। यही वजह है कि अमेरिकी तेल के लिए रूस को पूरी तरह रिप्लेस करना आसान नहीं है।

आईसीआरए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत वशिष्ठ भी मानते हैं कि दूरी और परिवहन लागत अमेरिका की सबसे बड़ी चुनौती है। भारत के लिए पश्चिम एशिया और रूस जैसे स्रोत अभी भी अधिक आर्थिक रूप से व्यवहार्य बने हुए हैं।

वेनेजुएला क्यों बन रहा है बड़ा फैक्टर?

भारत की ऊर्जा रणनीति में वेनेजुएला का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला का कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए उपयुक्त है क्योंकि यह भारी और उच्च सल्फर वाला क्रूड है।

ऐसे तेल की कीमत आमतौर पर कम होती है, जिससे भारतीय रिफाइनरों को बेहतर मार्जिन मिलता है। यदि होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई प्रभावित होती है और कीमतें अनुकूल रहती हैं तो भारत वेनेजुएला से और अधिक तेल खरीद सकता है।

हाल ही में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज की भारत यात्रा भी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि दोनों देश ऊर्जा सहयोग बढ़ाने में रुचि रखते हैं।

असली कहानी LPG और LNG की है

हालांकि सुर्खियों में हमेशा कच्चा तेल रहता है, लेकिन ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों का भविष्य वास्तव में LPG और LNG में छिपा है।

भारत तेजी से प्राकृतिक गैस आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है। घरेलू गैस उत्पादन मांग के मुकाबले कम है, इसलिए आयात की जरूरत लगातार बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भारत को गैस आपूर्ति के नए स्रोत तलाशने के लिए प्रेरित किया है।

यहीं अमेरिका की भूमिका मजबूत होती दिखाई देती है।

केप्लर के विश्लेषक सुमित रिटोलिया के अनुसार एलएनजी, एलपीजी और ईथेन जैसे उत्पादों में भारत-अमेरिका ऊर्जा व्यापार तेजी से बढ़ सकता है। हाल के वर्षों में अमेरिका से इन उत्पादों का आयात लगातार बढ़ा है।

अमेरिका से LNG खरीदना क्यों फायदेमंद हो सकता है?

ऊर्जा बाजार में एलएनजी की कीमत अक्सर दो प्रमुख बेंचमार्क से जुड़ी होती है—ब्रेंट और हेनरी हब। अमेरिका से निर्यात होने वाली एलएनजी आमतौर पर हेनरी हब से जुड़ी होती है, जो कई बार ब्रेंट आधारित गैस से सस्ती पड़ती है।

आईसीआरए के प्रशांत वशिष्ठ का मानना है कि अमेरिका से एलएनजी आयात आर्थिक रूप से व्यवहार्य साबित हो सकता है। इससे भारत को गैस आपूर्ति में विविधता मिलेगी और पश्चिम एशिया पर निर्भरता कम होगी।

भारत सरकार भी गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, पेट्रोकेमिकल और उर्वरक क्षेत्रों में बड़े निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। ऐसे में अमेरिकी एलएनजी की भूमिका और बढ़ सकती है।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों बना हुआ है सबसे बड़ा जोखिम?

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारत की सबसे बड़ी चिंता रूस या अमेरिका नहीं बल्कि होर्मुज स्ट्रेट है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।

यदि यहां लंबे समय तक व्यवधान बना रहता है तो भारत को तेल, एलपीजी और एलएनजी तीनों मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि भारत अपनी ऊर्जा खरीद टोकरी को लगातार विविध बना रहा है।

वर्तमान में भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है। इसका उद्देश्य किसी एक क्षेत्र या देश पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है।

भारत की ऊर्जा रणनीति का अगला चरण क्या होगा?

विशेषज्ञों की राय में आने वाले वर्षों में रूस भारत के लिए कच्चे तेल का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बना रह सकता है। हालांकि उसकी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम हो सकती है क्योंकि भारत सप्लाई स्रोतों में विविधता बढ़ा रहा है।

दूसरी ओर अमेरिका के साथ ऊर्जा संबंध तेजी से मजबूत हो सकते हैं, लेकिन यह बढ़ोतरी कच्चे तेल के बजाय LNG, LPG और ईथेन जैसे गैस आधारित उत्पादों में अधिक दिखाई देगी।

यानी भारत की ऊर्जा कहानी में रूस और अमेरिका दोनों की भूमिका रहेगी, लेकिन दोनों की जिम्मेदारियां अलग-अलग होंगी। रूस जहां कच्चे तेल का प्रमुख स्रोत बना रहेगा, वहीं अमेरिका भारत की गैस सुरक्षा और ऊर्जा ट्रांजिशन में महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है।

You Might Also Like

दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर का सीक्रेट! Elon Musk का ‘5 मिनट रूल’ जानकर रह जाएंगे हैरान, 14 बच्चों के पिता के पास खुद का घर भी नहीं

8th Pay Commission: 55 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग के नियमों को मंजूरी, सैलरी में कितना होगा इजाफा?

Maggi खाने वालों के लिए बड़ा अपडेट! ‘कीड़े’ वाले वायरल दावे पर नेस्ले इंडिया ने जारी की जांच रिपोर्ट, बताईं 5 अहम बातें

Hero की निवेश वाली Ather Energy जुटाएगी ₹2,500 करोड़ का फंड, EV बाजार में बढ़ेगी ताकत; क्या Ola Electric की बढ़ेगी मुश्किल?

HUL और नेस्ले के नए MDs पर पैसों की बारिश! एक को ₹26 करोड़, दूसरे को पुराने बॉस से 44% ज्यादा सैलरी

TAGGED: America Oil Export, Crude Oil, donald trump, Energy Security, India Energy Import, LNG Import, LPG Import, Narendra Modi, Oil Market, Russia Oil, Venezuela Oil
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article starlink-india-launch-approval-delayed-security-concerns Starlink India Launch: भारत ने स्टारलिंक की लॉन्च मंजूरी पर लगाई रोक, एलन मस्क की कंपनी के लिए क्यों बढ़ी मुश्किलें?
Next Article irctc-bans-14-fake-train-food-delivery-apps-websites IRCTC का बड़ा एक्शन: ट्रेन में फर्जी फूड डिलीवरी करने वाली 14 ऐप्स-वेबसाइट्स पर लगा बैन, यात्रियों को दी गई बड़ी चेतावनी

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

fd-vs-ppf-vs-ssy-vs-nsc-interest-rate-tax-benefits-lockin-period
FD vs PPF, SSY: ब्याज दर, टैक्स छूट और लॉक-इन पीरियड; जानिए एफडी या सरकारी स्कीम्स, दोनों में से किसमें होता ज्यादा फायदा?
फाइनेंस
income-tax-notice-bank-cash-deposit-rs-1-28-crore-itat-relief-case
Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत
फाइनेंस
success-story-dr-himanshu-gandhi-mother-sparsh-150-crore-brand
Success Story: शॉर्टकट नहीं, बरगद जैसा बनने की चाहत थी, छोड़ दी सरकारी नौकरी, बना डाला ₹150 करोड़ का ब्रांड
फाइनेंस
ravi-modi-success-story-manyavar-founder-vedant-fashions-net-worth
Success Story: पिता की 10×14 फीट की दुकान से शुरू हुआ सफर, मां से लिए थे ₹10 हजार; आज ₹10,000 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं रवि मोदी
फाइनेंस
plastic-notes-in-india-fact-check-rbi-clarification
Fact Check: प्लास्टिक के नोट भारत में भी चलेंगे? सोशल मीडिया से शुरू हुई इस कहानी को मिल गया विराम
फाइनेंस
merritronix-share-gives-over-120-percent-return-after-ipo-listing-hits-upper-circuit
₹149 का IPO अब ₹361 के पार, Merritronix ने दिया 142% से ज्यादा रिटर्न, लगातार लग रहा अपर सर्किट
फाइनेंस
petrol-diesel-bulk-sale-rule-2026-retail-pump-ban-90-days
Petrol-Diesel पर सरकार का बड़ा फैसला: 90 दिन तक रिटेल पंप से तेल नहीं खरीद सकेंगे ये ग्राहक, आम लोगों पर क्या होगा असर?
फाइनेंस
vedanta-demerger-four-new-companies-listing-date-15-june-2026
Vedanta Demerger: वेदांता की 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग 15 जून को, निवेशकों के लिए क्या होगा बड़ा बदलाव?
फाइनेंस
virat-kohli-most-valuable-celebrity-india-brand-value-top-10-list
विराट कोहली बने भारत के सबसे मूल्यवान सेलिब्रिटी, ब्रांड वैल्यू ₹3542 करोड़; शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा को छोड़ा पीछे
फाइनेंस
pm-kisan-23rd-installment-date-18-june-fact-check
PM Kisan 23rd Installment Date: क्या 18 जून को आएंगे ₹2000? सरकार ने अभी तक क्या कहा
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?