इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का सीजन हर साल चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) और टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए सबसे व्यस्त समय होता है। लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर एक ऐसी कहानी वायरल हो रही है जिसने लोगों का ध्यान स्किल, नेटवर्किंग और प्रोफेशनल कमाई की संभावनाओं की ओर खींच लिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि पुणे के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने ITR फाइलिंग सीजन के दौरान करीब 400 क्लाइंट्स को सर्विस देकर सिर्फ कुछ ही दिनों में लगभग ₹12 लाख की कमाई की।
इस कहानी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोग अपने-अपने अनुभव और राय साझा कर रहे हैं। कोई इसे स्किल और भरोसे की ताकत बता रहा है तो कोई स्वतंत्र प्रैक्टिस की चुनौतियों पर चर्चा कर रहा है।
कैसे शुरू हुई पूरी कहानी?
Friend of mine in Pune is a CA who helps people in his network file their ITRs.
He started just three years ago. Today, he has around 400 clients.
He charges ₹3,000 per client during the ITR season, making around ₹12 lakh in just a few days. He has even hired two interns to…
— Paritsh Sharrma (🗣️Paritosh) (@Paritolkks) July 30, 2026 यह मामला तब चर्चा में आया जब यूट्यूबर पारितोष शर्मा ने X पर अपने एक दोस्त की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त पुणे में चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और शुरुआत में वे सिर्फ अपने जानने वालों तथा व्यक्तिगत नेटवर्क के लोगों की इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में मदद करते थे।
धीरे-धीरे उनके काम की गुणवत्ता और भरोसे के कारण क्लाइंट्स की संख्या बढ़ती गई। लगभग तीन साल के भीतर उनकी यह छोटी-सी साइड प्रैक्टिस एक सफल प्रोफेशनल बिजनेस में बदल गई।
400 क्लाइंट्स और ₹3,000 फीस से बनी लाखों की कमाई
पारितोष शर्मा के मुताबिक, आज यह CA ITR फाइलिंग सीजन के दौरान करीब 400 क्लाइंट्स को सेवाएं देते हैं। प्रत्येक क्लाइंट से वे लगभग ₹3,000 फीस लेते हैं।
सरल गणना के अनुसार:
- कुल क्लाइंट्स: 400
- प्रति क्लाइंट फीस: ₹3,000
- अनुमानित कुल कमाई: ₹12,00,000
यानी सिर्फ ITR सीजन में ही उनकी कमाई लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। बढ़ते काम को संभालने के लिए उन्होंने दो इंटर्न भी नियुक्त किए हैं, जो दस्तावेजों और प्रारंभिक प्रोसेसिंग में मदद करते हैं।
ITR से आगे भी बढ़ा कारोबार
वायरल पोस्ट के अनुसार, ITR फाइलिंग के जरिए बने भरोसे का फायदा पूरे साल मिलता है। टैक्स रिटर्न फाइल कराने वाले कई क्लाइंट बाद में अन्य प्रोफेशनल सेवाओं के लिए भी उसी CA से संपर्क करने लगे।
इन सेवाओं में शामिल हैं:
- बिजनेस रजिस्ट्रेशन
- GST और अन्य टैक्स संबंधी कार्य
- अकाउंटिंग सपोर्ट
- कंपनी कंप्लायंस
- वित्तीय सलाह
इस वजह से उनकी प्रैक्टिस केवल ITR सीजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे साल नियमित आय का स्रोत बन गई।
फुल-टाइम नौकरी से ज्यादा कमाई का दावा
पारितोष शर्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अब इस CA की निजी प्रैक्टिस से होने वाली आय उनकी फुल-टाइम नौकरी से भी अधिक हो गई है।
उन्होंने इस सफलता का श्रेय तीन बातों को दिया:
- मजबूत प्रोफेशनल स्किल
- लोगों के साथ भरोसेमंद संबंध
- लगातार अच्छी सेवा
उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास विशेषज्ञता और लोगों का विश्वास हो, तो वह अपनी स्किल के दम पर बेहतरीन आय अर्जित कर सकता है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
यह पोस्ट वायरल होने के बाद X पर हजारों लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
एक यूज़र ने कहा कि स्वतंत्र प्रैक्टिस में कमाई जरूर अच्छी होती है, लेकिन उसके साथ जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ जाती हैं। उनके अनुसार, अधिकतर क्लाइंट सीधे चार्टर्ड अकाउंटेंट से बात करना चाहते हैं और इंटर्न या स्टाफ पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते। ऐसे में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता।
वहीं दूसरे यूज़र ने इस सफलता की सराहना करते हुए लिखा कि यह कमाई किसी शॉर्टकट का परिणाम नहीं है, बल्कि वर्षों की पढ़ाई, मेहनत और अनुभव का फल है। उनके मुताबिक, सही स्किल और ईमानदारी से किया गया काम आखिरकार बेहतर आर्थिक अवसर जरूर देता है।
क्या सीख मिलती है?
यह वायरल कहानी बताती है कि किसी भी प्रोफेशन में विशेषज्ञता, भरोसा और लगातार अच्छी सेवा लंबे समय में बड़ी कमाई का आधार बन सकती है। हालांकि सोशल मीडिया पर साझा किए गए ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह उदाहरण इस बात पर जरूर चर्चा छेड़ता है कि स्किल आधारित प्रोफेशन में नेटवर्किंग और ग्राहक संतुष्टि कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


