Multibagger Stock Return: शेयर बाजार में अक्सर निवेशक ऐसे शेयरों की तलाश करते हैं जो लंबे समय में उनकी छोटी पूंजी को बड़े धन में बदल सकें। हालांकि ऐसे मौके कम ही देखने को मिलते हैं, लेकिन कुछ कंपनियां निवेशकों को हैरान कर देने वाला रिटर्न देने में सफल रहती हैं। ऐसा ही एक शेयर है वन ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर लिमिटेड, जिसने पिछले पांच वर्षों में निवेशकों को लगभग 5,945 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है।
5 साल में 60 गुना बढ़ा निवेश
पांच साल पहले जून 2021 में वन ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर के शेयर की कीमत करीब 9 रुपये थी। वहीं 5 जून 2026 को यह शेयर 544 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान शेयर में करीब 5,945 फीसदी की उछाल दर्ज की गई।
अगर किसी निवेशक ने पांच साल पहले इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते और निवेश को बनाए रखा होता, तो उसकी राशि आज करीब 60 लाख रुपये तक पहुंच जाती। यही वजह है कि बाजार विशेषज्ञ इस शेयर को सामान्य मल्टीबैगर नहीं बल्कि “महामल्टीबैगर” रिटर्न देने वाले शेयरों की सूची में रख रहे हैं।
क्या करती है कंपनी?
1992 में स्थापित वन ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर लिमिटेड मुख्य रूप से लाइफ साइंस और हेल्थकेयर सेक्टर में सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी हेल्थकेयर सॉल्यूशंस, मेडिकल डिवाइस और हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स से जुड़े कारोबार में सक्रिय है।
हाल के वर्षों में कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए सॉफ्टवेयर और आईटी कंसल्टेंसी सेक्टर में भी कदम रखा है। इसके अलावा कंपनी हेल्थकेयर उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी संचालित करती है। यही विविध कारोबार मॉडल निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
वैल्यूएशन अभी भी इंडस्ट्री से कम
कंपनी के शेयर की तेजी के बावजूद इसका वैल्यूएशन अभी भी उद्योग औसत से कम बताया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (PE) अनुपात लगभग 15 गुना है, जबकि संबंधित उद्योग का औसत पीई करीब 47 गुना है।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का 10 वर्षों का औसत पीई लगभग 16 गुना रहा है, जबकि इसी अवधि में उद्योग का औसत 26 गुना के आसपास रहा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की नजर में शेयर की कीमत में तेजी आने के बावजूद यह पूरी तरह से अत्यधिक मूल्यांकन वाला स्टॉक नहीं माना जा रहा।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में पिछले एक साल के दौरान महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है।
मार्च 2025 में प्रमोटरों की हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत के आसपास थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 68.4 प्रतिशत हो गई। कंपनी के अनुसार यह बदलाव मर्जर और नए प्रमोटर शेयर जारी होने की वजह से हुआ।
दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत से घटकर 5.4 प्रतिशत रह गई। वहीं रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी भी 70 प्रतिशत से घटकर लगभग 26 प्रतिशत पर आ गई। यह बदलाव बताता है कि कंपनी में प्रमोटर नियंत्रण पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है।
1100 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनी
वन ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर का बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) लगभग 1,100 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुका है। स्मॉल कैप श्रेणी की यह कंपनी हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी दोनों क्षेत्रों में मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे आकार की कंपनियों में तेजी से वृद्धि की संभावना होती है, लेकिन इनके साथ जोखिम भी अधिक जुड़ा रहता है। इसलिए निवेशकों को केवल पिछले रिटर्न देखकर निवेश का निर्णय नहीं लेना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
शेयर बाजार का इतिहास बताता है कि लंबी अवधि में मजबूत कारोबार मॉडल और लगातार विस्तार करने वाली कंपनियां निवेशकों को असाधारण रिटर्न दे सकती हैं। वन ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर इसका ताजा उदाहरण है।
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाएं, जोखिम और वैल्यूएशन का विस्तृत विश्लेषण करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।


