पिछले हफ्ते सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, फिर भी कुछ शेयरों ने चौंकाया
पिछला कारोबारी सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और निवेशकों की सतर्कता के बीच प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। बीएसई सेंसेक्स सप्ताह के अंत में 532.40 अंक या 0.71 प्रतिशत गिरकर 74,243.34 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 181.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत फिसलकर 23,366.70 के स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि बाजार की इस कमजोरी के बीच कुछ छोटे और माइक्रो-कैप शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर सबको चौंका दिया। इनमें एसबीईसी शुगर, रिलायबल वेंचर्स, ट्रायो मर्केंटाइल, प्राइम प्रॉपर्टी और सेनलब इंडस्ट्रीज प्रमुख रहे। इन कंपनियों के शेयरों ने सिर्फ एक सप्ताह में 40 प्रतिशत से लेकर 82 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की।
ऐसे समय में जब अधिकांश निवेशक बाजार की दिशा को लेकर असमंजस में थे, इन शेयरों की तेजी ने एक बार फिर दिखाया कि छोटे शेयरों में असाधारण रिटर्न की संभावना मौजूद रहती है, हालांकि इनके साथ जोखिम भी उतना ही अधिक होता है।
सबसे ज्यादा चमका SBEC Sugar का शेयर
पिछले सप्ताह सबसे शानदार प्रदर्शन एसबीईसी शुगर ने किया। कंपनी का शेयर 29.95 रुपये से बढ़कर 54.59 रुपये पर पहुंच गया। इस तरह निवेशकों को मात्र एक सप्ताह में 82.27 प्रतिशत का रिटर्न मिला।
शुक्रवार को भी शेयर 10 प्रतिशत के अपर सर्किट पर बंद हुआ। इस तेजी के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 260 करोड़ रुपये हो गया। छोटे निवेशकों के बीच यह शेयर चर्चा का विषय बना रहा।
शुगर सेक्टर में हाल के दिनों में बढ़ती रुचि, एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम और ग्रामीण मांग में सुधार की उम्मीदों ने भी निवेशकों का ध्यान इस क्षेत्र की कंपनियों की ओर आकर्षित किया है।
Reliable Ventures ने दिया 70 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न
रिलायबल वेंचर्स का शेयर भी पिछले सप्ताह निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ। शेयर का भाव 19.74 रुपये से बढ़कर 33.69 रुपये तक पहुंच गया।
इस दौरान निवेशकों को 70.67 प्रतिशत का रिटर्न मिला। शुक्रवार को शेयर 20 प्रतिशत के अपर सर्किट पर बंद हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण अब 37 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
हालांकि ऐसी तेजी वाले शेयरों में तरलता (Liquidity) कम होने के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अधिक देखा जाता है। इसलिए निवेशकों को केवल तेजी देखकर निवेश करने से बचना चाहिए।
Trio Mercantile में भी जोरदार उछाल
ट्रायो मर्केंटाइल का शेयर एक सप्ताह पहले 1.51 रुपये पर था, जो बढ़कर 2.17 रुपये तक पहुंच गया। इससे निवेशकों को 43.71 प्रतिशत का रिटर्न मिला।
दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और यह 4.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके बावजूद सप्ताह भर का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा।
कंपनी का बाजार पूंजीकरण अभी भी बहुत छोटा है, इसलिए ऐसे शेयरों में निवेश से पहले कारोबार, वित्तीय स्थिति और प्रमोटर होल्डिंग जैसी बातों की जांच करना जरूरी माना जाता है।
Prime Property ने भी बनाया निवेशकों को मालामाल
रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी प्राइम प्रॉपर्टी का शेयर भी पिछले सप्ताह टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहा। इसका भाव 23.74 रुपये से बढ़कर 33.90 रुपये पर पहुंच गया।
इस दौरान निवेशकों को 42.80 प्रतिशत का रिटर्न मिला। कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर करीब 57.53 करोड़ रुपये हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट सेक्टर में ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक उम्मीदें और आवासीय मांग में सुधार से जुड़े संकेत कई छोटे रियल एस्टेट शेयरों में रुचि बढ़ा रहे हैं।
Cenlub Industries ने भी दिया शानदार रिटर्न
सप्ताह के दौरान सेनलब इंडस्ट्रीज का शेयर 186.85 रुपये से बढ़कर 260.80 रुपये तक पहुंच गया। इस तेजी से निवेशकों को 39.58 प्रतिशत का रिटर्न मिला।
शुक्रवार को शेयर 5 प्रतिशत के अपर सर्किट पर बंद हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 121 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
यह प्रदर्शन दिखाता है कि बाजार की समग्र दिशा कमजोर होने के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयर अपने सेक्टर या कंपनी-विशेष कारणों से तेजी दिखा सकते हैं।
बाजार गिरने पर भी क्यों दौड़ते हैं कुछ शेयर?
शेयर बाजार में अक्सर यह देखा जाता है कि जब प्रमुख सूचकांक गिर रहे होते हैं, तब भी कुछ छोटे शेयर शानदार प्रदर्शन करते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
पहला कारण कंपनी से जुड़ी कोई सकारात्मक खबर हो सकती है। दूसरा कारण कम फ्री-फ्लोट और कम शेयर उपलब्ध होना हो सकता है। तीसरा कारण निवेशकों की सट्टा गतिविधियां भी हो सकती हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि माइक्रो-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में कम पूंजी लगने से भी कीमतों में बड़ी तेजी या गिरावट आ सकती है। इसलिए केवल रिटर्न देखकर निवेश का निर्णय लेना सही रणनीति नहीं माना जाता।
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
ऐसे शेयरों की तेजी आकर्षक जरूर लगती है, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। कई बार तेजी के बाद इनमें तेज गिरावट भी देखने को मिलती है।
निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय परिणाम, कर्ज, प्रमोटर हिस्सेदारी, कारोबार की स्थिति और शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम की जांच करना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए केवल तेजी के आधार पर निर्णय लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
बाजार विशेषज्ञ हमेशा विविधीकृत पोर्टफोलियो और जोखिम प्रबंधन की सलाह देते हैं। यदि किसी शेयर में असामान्य तेजी दिखाई दे रही हो तो उसके पीछे के कारणों को समझना आवश्यक है।
निष्कर्ष
पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी रही, लेकिन कुछ चुनिंदा शेयरों ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया। एसबीईसी शुगर ने 82 प्रतिशत से अधिक, रिलायबल वेंचर्स ने 70 प्रतिशत से ज्यादा और अन्य तीन शेयरों ने भी 40 प्रतिशत के आसपास रिटर्न देकर बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा।
हालांकि ऐसे शेयरों में निवेश करने से पहले पूरी रिसर्च और जोखिम का आकलन करना बेहद जरूरी है। बाजार में तेजी जितनी तेज होती है, गिरावट भी उतनी ही तेज हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


