अगर आप सोच रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित है, तो यह खबर आपका नजरिया बदल सकती है।
भारत में पहली बार एक यूनिवर्सिटी ने ऐसा कदम उठाया है जो आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं के करियर को प्रभावित कर सकता है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने देश का पहला तीन दिवसीय AI Fest 2026 आयोजित किया और साथ ही लॉन्च किया CU AI Mission — जिसका लक्ष्य है 1.5 लाख युवाओं को AI में ट्रेनिंग देना।
आखिर क्यों इतना बड़ा माना जा रहा है यह कदम?
AI को भारत का अगला ट्रिलियन-डॉलर ग्रोथ इंजन कहा जा रहा है। ऐसे में यह पहल सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी मानी जा रही है।
AI Fest में:
- 35 से ज्यादा AI और डीप-टेक प्रतियोगिताएं
- 1,000+ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टीमें
- 10,000 से ज्यादा छात्र
- 1 करोड़ रुपये से अधिक का प्राइज पूल
यह आयोजन सीधे तौर पर युवाओं को AI-Ready बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
“AI आपकी नौकरी नहीं लेगा…”
इवेंट में मौजूद एंटरप्रेन्योर और मोटिवेशनल स्पीकर अंकुर वारिकू ने युवाओं को चेताया:
“AI आपकी नौकरी नहीं छीनेगा, लेकिन वह व्यक्ति जरूर ले लेगा जो AI का इस्तेमाल आपसे बेहतर जानता हो।”
उनका संदेश साफ था — जो टेक्नोलॉजी सीखेगा, वही आगे बढ़ेगा।
1.5 लाख युवाओं के लिए क्या बदलेगा?
CU AI Mission के तहत:
- हर स्ट्रीम में AI लिटरेसी
- स्टार्टअप और रिसर्च सपोर्ट
- इंडस्ट्री कनेक्शन
- बड़े पैमाने पर स्किल ट्रेनिंग
मतलब आने वाले समय में सिर्फ इंजीनियर ही नहीं, बल्कि हर फील्ड का छात्र AI सीख सकेगा।
क्वांटम टेक्नोलॉजी और महिलाओं के लिए खास पहल
यूनिवर्सिटी ने Bose-Einstein Quantum Center of Excellence की भी स्थापना की है, जिससे क्वांटम रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही ‘नारी’ पहल के जरिए महिलाओं को AI और टेक लीडरशिप में आगे लाने की शुरुआत की गई है।
आपको इससे क्या मतलब?
अगर आप छात्र हैं, जॉब की तैयारी कर रहे हैं या करियर बदलने का सोच रहे हैं — AI अब विकल्प नहीं, ज़रूरत बनता जा रहा है।
यह पहल साफ संकेत देती है कि आने वाला समय “AI जानने वालों” का होगा।


