आज के समय में एक व्यक्ति के पास एक नहीं बल्कि कई क्रेडिट कार्ड होना आम बात है। अलग-अलग बैंकों के ऑफर, कैशबैक, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवॉर्ड पॉइंट्स और ऑनलाइन शॉपिंग बेनिफिट्स के कारण लोग समय-समय पर नए क्रेडिट कार्ड लेते रहते हैं। लेकिन कुछ साल बाद स्थिति ऐसी हो जाती है कि वॉलेट में कई ऐसे कार्ड पड़े रहते हैं जिनका इस्तेमाल लगभग बंद हो चुका होता है।
ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि क्या इन अनयूज्ड क्रेडिट कार्ड्स को बंद करवा देना चाहिए या उन्हें चालू रखना बेहतर है? पहली नजर में लगता है कि कम कार्ड रखना ज्यादा सुविधाजनक होगा, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार हर कार्ड बंद करना समझदारी नहीं होती। कई मामलों में गलत कार्ड बंद करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
क्रेडिट कार्ड और क्रेडिट स्कोर का क्या संबंध है?
क्रेडिट कार्ड केवल खर्च करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आपकी क्रेडिट प्रोफाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा भी होता है। भारत में क्रेडिट स्कोर तैयार करने वाली एजेंसियां जैसे CIBIL, Experian और CRIF High Mark आपकी भुगतान आदतों, क्रेडिट उपयोग और लोन इतिहास के आधार पर स्कोर तैयार करती हैं।
जब भी आप क्रेडिट कार्ड का जिम्मेदारी से उपयोग करते हैं और समय पर बिल भुगतान करते हैं, तो यह आपके क्रेडिट इतिहास को मजबूत बनाता है। यही कारण है कि कार्ड बंद करने का फैसला केवल सुविधा के आधार पर नहीं लेना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड बंद करने से सबसे पहले क्या बदलता है?
किसी भी कार्ड को बंद करने का सबसे बड़ा प्रभाव आपकी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट पर पड़ता है।
मान लीजिए आपके पास तीन क्रेडिट कार्ड हैं और तीनों की कुल लिमिट 6 लाख रुपये है। यदि आप उनमें से एक कार्ड बंद कर देते हैं जिसकी लिमिट 2 लाख रुपये थी, तो आपकी कुल उपलब्ध लिमिट घटकर 4 लाख रुपये रह जाएगी।
यदि आपका मासिक खर्च पहले जैसा ही बना रहता है, तो आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ जाएगा।
क्या होता है Credit Utilization Ratio?
क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो का मतलब है कि आप अपनी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं।
विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि यह अनुपात 30% से कम रहना चाहिए।
उदाहरण के लिए:
- कुल क्रेडिट लिमिट: 4 लाख रुपये
- मासिक उपयोग: 60,000 रुपये
- यूटिलाइजेशन रेशियो: 15%
अब यदि आप एक कार्ड बंद कर देते हैं और कुल लिमिट 2 लाख रुपये रह जाती है, तो वही 60,000 रुपये खर्च 30% यूटिलाइजेशन में बदल जाएगा।
यानी आपकी खर्च करने की आदत नहीं बदली, लेकिन क्रेडिट प्रोफाइल पहले की तुलना में ज्यादा जोखिमपूर्ण दिखाई दे सकती है।
सबसे पुराना क्रेडिट कार्ड क्यों होता है खास?
क्रेडिट स्कोर में केवल भुगतान इतिहास ही नहीं बल्कि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की उम्र भी महत्वपूर्ण होती है।
यदि कोई कार्ड 8-10 साल पुराना है और आपने उसे हमेशा जिम्मेदारी से चलाया है, तो वह आपके क्रेडिट रिकॉर्ड को मजबूत बनाता है।
ऐसे कार्ड को बंद करने से:
- औसत क्रेडिट एज घट सकती है
- लंबी क्रेडिट हिस्ट्री का फायदा कम हो सकता है
- स्कोर पर हल्का नकारात्मक असर पड़ सकता है
यही वजह है कि वित्तीय सलाहकार आमतौर पर सबसे पुराने कार्ड को बंद न करने की सलाह देते हैं, खासकर तब जब उस पर कोई वार्षिक शुल्क नहीं लगता हो।
कब बंद कर देना चाहिए क्रेडिट कार्ड?
हर स्थिति में कार्ड चालू रखना जरूरी नहीं होता। कुछ परिस्थितियों में कार्ड बंद करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
1. भारी Annual Fee वाला कार्ड
यदि किसी कार्ड के लिए हर साल 2,000 से 10,000 रुपये तक फीस देनी पड़ रही है और उसके बदले मिलने वाले लाभों का आप उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो ऐसे कार्ड को बनाए रखना समझदारी नहीं है।
2. कार्ड का उपयोग बिल्कुल नहीं होता
यदि कार्ड कई वर्षों से निष्क्रिय पड़ा है और उसके लाभ भी विशेष नहीं हैं, तो उसका मूल्यांकन करना चाहिए।
3. सुरक्षा संबंधी चिंता
जितने ज्यादा कार्ड होंगे, धोखाधड़ी या अनधिकृत लेनदेन का जोखिम भी उतना बढ़ सकता है। ऐसे में गैर-जरूरी कार्ड हटाए जा सकते हैं।
4. वित्तीय अनुशासन बनाए रखना
कुछ लोग ज्यादा क्रेडिट लिमिट देखकर अधिक खर्च करने लगते हैं। यदि कार्ड आपकी खर्च करने की आदत को प्रभावित कर रहा है, तो उसे बंद करना सही निर्णय हो सकता है।
अगर होम लोन या कार लोन लेने वाले हैं तो क्या करें?
यदि आप अगले कुछ महीनों में:
- होम लोन
- कार लोन
- पर्सनल लोन
के लिए आवेदन करने वाले हैं, तो इस दौरान किसी बड़े क्रेडिट बदलाव से बचना बेहतर माना जाता है।
लोन आवेदन से ठीक पहले कार्ड बंद करने पर:
- क्रेडिट स्कोर में अस्थायी उतार-चढ़ाव आ सकता है
- बैंक आपकी प्रोफाइल का दोबारा मूल्यांकन कर सकते हैं
इसलिए बड़े लोन आवेदन से पहले क्रेडिट प्रोफाइल को स्थिर रखना अधिक सुरक्षित रणनीति मानी जाती है।
Lifetime Free Credit Card का क्या करें?
कई लोगों के पास ऐसे लाइफटाइम-फ्री कार्ड होते हैं जिन पर कोई वार्षिक शुल्क नहीं लगता।
ऐसे कार्ड के मामले में अक्सर सबसे अच्छा विकल्प उसे खुला रखना होता है।
आप निम्न कदम अपना सकते हैं:
- कार्ड को मोबाइल ऐप में लॉक रखें
- इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन बंद कर दें
- ऑनलाइन ट्रांजेक्शन Disable कर दें
- हर कुछ महीनों में छोटा ट्रांजेक्शन करें
- बिल का पूरा भुगतान समय पर करें
इससे अकाउंट सक्रिय भी रहेगा और आपकी कुल क्रेडिट लिमिट भी बनी रहेगी।
क्रेडिट कार्ड बंद करने से पहले चेकलिस्ट
कार्ड बंद करने का निर्णय लेने से पहले इन सवालों के जवाब जरूर दें:
- क्या यह मेरा सबसे पुराना कार्ड है?
- क्या इस पर वार्षिक शुल्क लगता है?
- क्या इससे मेरी कुल क्रेडिट लिमिट काफी कम हो जाएगी?
- क्या मैं जल्द किसी लोन के लिए आवेदन करने वाला हूं?
- क्या यह लाइफटाइम-फ्री कार्ड है?
- क्या इसके लाभ मेरी जरूरतों के अनुसार हैं?
यदि अधिकांश जवाब कार्ड बनाए रखने के पक्ष में हैं, तो उसे बंद करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष
क्रेडिट कार्ड बंद करना हमेशा अच्छा या हमेशा बुरा फैसला नहीं होता। सही निर्णय इस बात पर निर्भर करता है कि कार्ड कितना पुराना है, उसकी फीस कितनी है, आपकी कुल क्रेडिट लिमिट पर उसका कितना असर पड़ता है और भविष्य में आपको किसी बड़े लोन की जरूरत है या नहीं।
यदि कार्ड लाइफटाइम-फ्री है, पुराना है और आपकी कुल क्रेडिट लिमिट को मजबूत बनाता है, तो उसे खुला रखना अक्सर बेहतर विकल्प होता है। वहीं यदि कार्ड महंगा है और उसके लाभ आपके किसी काम नहीं आ रहे, तो उसे बंद करना वित्तीय रूप से समझदारी भरा कदम हो सकता है।
आखिरकार लक्ष्य सिर्फ कम कार्ड रखना नहीं, बल्कि एक मजबूत और स्वस्थ क्रेडिट प्रोफाइल बनाए रखना होना चाहिए।


