Vedanta Aluminium Metal Share: वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड का शेयर लिस्टिंग के बाद दबाव में जरूर आया है, लेकिन दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स अभी भी इस स्टॉक को लेकर काफी आशावादी हैं। कंपनी के शेयर अपनी लिस्टिंग कीमत से करीब 14 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं, जबकि कई विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन कंपनी की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह नहीं दर्शाता।
Highlights
- लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 14% टूटकर ₹453 पर पहुंचा
- CLSA, कोटक और सिटी ने दी BUY रेटिंग
- सबसे बड़ा टार्गेट ₹600, यानी 33% तक संभावित अपसाइड
- मजबूत कैश फ्लो और लागत में कमी से बढ़ सकती है कमाई
- एल्युमीनियम सेक्टर में सप्लाई की कमी से मिल सकता है फायदा
नई दिल्ली। अनिल अग्रवाल समूह की वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड का शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद दबाव का सामना कर रहा है। कंपनी का शेयर 527 रुपये की लिस्टिंग कीमत से गिरकर लगभग 453 रुपये पर आ गया है। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद कई बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स को कंपनी के भविष्य पर भरोसा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एल्युमीनियम इंडस्ट्री में मजबूत मांग, सीमित सप्लाई और कंपनी की विस्तार योजनाएं आने वाले वर्षों में शेयरधारकों के लिए बेहतर रिटर्न का आधार बन सकती हैं।
CLSA ने दिया ₹540 का टार्गेट
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने वेदांता एल्युमीनियम पर अपनी “Outperform” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने शेयर के लिए ₹540 का टार्गेट प्राइस तय किया है।
मौजूदा स्तर के मुकाबले यह लगभग 19 फीसदी की संभावित बढ़त को दर्शाता है। CLSA का मानना है कि कंपनी की मजबूत ग्रोथ संभावनाएं, बेहतर कैश जनरेशन और ऑपरेशनल विस्तार को देखते हुए मौजूदा वैल्यूएशन काफी आकर्षक है।
ब्रोकरेज के अनुसार मजबूत फ्री कैश फ्लो कंपनी को कर्ज कम करने और निवेशकों को डिविडेंड के रूप में बेहतर रिटर्न देने में मदद कर सकता है।
कोटक ने दिया सबसे बड़ा ₹600 का लक्ष्य
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज इस स्टॉक को लेकर सबसे ज्यादा बुलिश नजर आ रही है। ब्रोकरेज ने वेदांता एल्युमीनियम पर “BUY” रेटिंग के साथ ₹600 का टार्गेट प्राइस दिया है।
यदि यह लक्ष्य हासिल होता है तो मौजूदा स्तर से निवेशकों को करीब 33 फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है।
कोटक का मानना है कि कंपनी के पास:
- मजबूत फ्री कैश फ्लो प्रोफाइल
- इंडस्ट्री में सबसे तेज वॉल्यूम ग्रोथ
- उत्पादन लागत घटाने की क्षमता
- आकर्षक ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजनाएं
जैसे कई सकारात्मक कारक मौजूद हैं।
ब्रोकरेज के अनुसार FY26 से FY29 के बीच कंपनी की एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता बढ़ने से वॉल्यूम CAGR लगभग 6 फीसदी तक पहुंच सकता है। वहीं बॉक्साइट और कोयला परिसंपत्तियों के बेहतर एकीकरण से उत्पादन लागत में लगभग 150 डॉलर प्रति टन तक की कमी संभव है।
सिटी को भी दिख रही मजबूत तेजी
अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म सिटी ने भी स्टॉक पर “BUY” रेटिंग बनाए रखी है और ₹560 का टार्गेट प्राइस दिया है।
सिटी का मानना है कि वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की सप्लाई अभी भी सीमित बनी हुई है। यही वजह है कि कीमतों को मजबूत समर्थन मिल सकता है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि:
- वर्ष 2027 में एल्युमीनियम की औसत कीमत 3,700 डॉलर प्रति टन रह सकती है।
- वर्ष 2028 में यह बढ़कर 3,800 डॉलर प्रति टन तक पहुंच सकती है।
- सप्लाई की स्थिति सामान्य होने में 6 से 18 महीने लग सकते हैं।
- अनुकूल परिस्थितियों में एल्युमीनियम की कीमतें 4,000 डॉलर प्रति टन तक जा सकती हैं।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमीनियम लगभग 3,400 डॉलर प्रति टन के आसपास कारोबार कर रहा है।
क्यों आकर्षक दिख रहा है स्टॉक?
विश्लेषकों के अनुसार वेदांता एल्युमीनियम के पक्ष में कई मजबूत कारक हैं:
- एल्युमीनियम सेक्टर में मांग मजबूत बनी हुई है।
- वैश्विक सप्लाई अभी भी सीमित है।
- कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है।
- लागत घटाने के बड़े अवसर मौजूद हैं।
- मजबूत कैश फ्लो भविष्य में डिविडेंड को समर्थन दे सकता है।
इन्हीं कारणों से कई ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि शेयर वर्तमान स्तरों पर डिस्काउंट वैल्यूएशन में उपलब्ध है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


