Quant Small Cap Fund Portfolio: क्वांट म्यूचुअल फंड के चर्चित स्मॉल कैप फंड Quant Small Cap Fund के पोर्टफोलियो में जुलाई 2026 के दौरान बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले हैं। फंड मैनेजर्स ने एक तरफ जहां कई नए शेयरों में एंट्री की, वहीं कुछ कंपनियों में निवेश घटाया और चार शेयरों से पूरी तरह बाहर निकल गए। फंड की ओर से जारी जुलाई की मंथली पोर्टफोलियो रिपोर्ट के मुताबिक, महीने के अंत तक Quant Small Cap Fund के पोर्टफोलियो में कुल 106 शेयर थे, जबकि जून में इनकी संख्या 97 थी।
जुलाई के दौरान फंड ने SBI Funds Management, Caliber Mining & Logistics, Hexaware Technologies, Bandhan Bank, Mangalore Refinery & Petrochemicals और Redington समेत कुल 13 नए शेयर अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए। दूसरी ओर, IDFC First Bank, Anthem Biosciences, HDFC Life Insurance और EID Parry (India) से पूरी तरह बाहर निकल गया।
Quant Small Cap Fund ने जुलाई में क्या बदलाव किए?
जुलाई में क्वांट स्मॉल कैप फंड के पोर्टफोलियो में हुई गतिविधियों से पता चलता है कि फंड मैनेजर्स ने कई कंपनियों को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव किया। कुछ शेयरों में नई खरीदारी की गई, जबकि पहले से पोर्टफोलियो में मौजूद कुछ कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई गई।
मंथली पोर्टफोलियो के अनुसार, जुलाई के दौरान फंड ने 13 नए शेयरों में एंट्री की। इनमें SBI Funds Management के 22,792 शेयर और Caliber Mining & Logistics के 44,988 शेयर शामिल हैं। हालांकि संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी नई खरीदारी Hexaware Technologies में देखने को मिली।
फंड ने जुलाई में Hexaware Technologies के करीब 65.93 लाख शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़े। इसके बाद Bandhan Bank के करीब 46.26 लाख शेयर और Mangalore Refinery & Petrochemicals के लगभग 41.18 लाख शेयर खरीदे गए।
इसके अलावा Redington के करीब 18.93 लाख शेयर भी पोर्टफोलियो में शामिल किए गए।
इन 13 शेयरों में हुई नई एंट्री
जुलाई में Quant Small Cap Fund की नई खरीदारी वाली सूची में कई अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल रहीं। इससे फंड के पोर्टफोलियो में सेक्टर स्तर पर भी बदलाव देखने को मिला।
नई एंट्री वाले प्रमुख शेयरों में शामिल हैं:
- SBI Funds Management
- Caliber Mining & Logistics
- Hexaware Technologies
- Bandhan Bank
- Mangalore Refinery & Petrochemicals
- Redington
- Bharat Heavy Electricals (BHEL)
- Delhivery
- Gabriel India
- Jubilant FoodWorks
- KPIT Technologies
- Sonata Software
- Sumitomo Chemical India
इनमें Hexaware Technologies में सबसे ज्यादा संख्या में शेयर जोड़े गए। वहीं Bandhan Bank और Mangalore Refinery & Petrochemicals में भी फंड की नई खरीदारी काफी बड़ी रही।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी म्यूचुअल फंड की ओर से किसी शेयर को पोर्टफोलियो में शामिल किया जाना अपने आप में उस शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं है। फंड मैनेजर कई अलग-अलग कारकों को ध्यान में रखकर पोर्टफोलियो में बदलाव करते हैं।
चार कंपनियों से Quant Small Cap Fund पूरी तरह बाहर
जुलाई में फंड के पोर्टफोलियो में केवल नई खरीदारी ही नहीं हुई, बल्कि चार कंपनियों से पूरी तरह एग्जिट भी किया गया। इसका मतलब है कि महीने के अंत तक इन कंपनियों के शेयर फंड के पोर्टफोलियो में नहीं रहे।
फंड ने करीब 1.49 करोड़ IDFC First Bank के शेयर बेच दिए। इसके अलावा लगभग 33.10 लाख Anthem Biosciences, 23.23 लाख HDFC Life Insurance और करीब 1.83 लाख EID Parry (India) के शेयरों से भी पूरी तरह बाहर निकल गया।
इन चार कंपनियों से एग्जिट जुलाई के पोर्टफोलियो बदलावों का एक अहम हिस्सा रहा। हालांकि, केवल पोर्टफोलियो से किसी शेयर के बाहर होने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि फंड मैनेजर उस कंपनी को खराब निवेश मानते हैं। पोर्टफोलियो में बदलाव कई रणनीतिक, वैल्यूएशन और जोखिम से जुड़े कारणों से हो सकते हैं।
7 शेयरों में घटाया निवेश
Quant Small Cap Fund ने जुलाई में सात कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की। इनमें RBL Bank, SMS Pharmaceuticals, National Building Construction, Rishabh Instruments, Sula Vineyards, Man Infraconstruction और Apollo Tyres शामिल हैं।
इनमें RBL Bank में की गई बिकवाली खास तौर पर उल्लेखनीय रही। फंड ने जुलाई में RBL Bank के करीब 78.03 लाख शेयर बेचे। इसके बाद बैंक में फंड की कुल हिस्सेदारी जून के करीब 4.99 करोड़ शेयर से घटकर जुलाई में लगभग 4.21 करोड़ शेयर रह गई।
इसी तरह SMS Pharmaceuticals के करीब 11 लाख शेयर बेचे गए। National Building Construction के लगभग 7.80 लाख शेयर और Rishabh Instruments के करीब 6.44 लाख शेयर भी पोर्टफोलियो से कम किए गए।
Sula Vineyards में भी फंड ने लगभग 5.23 लाख शेयर बेचे। इसके बाद कंपनी में फंड की हिस्सेदारी घटकर करीब 27.86 लाख शेयर रह गई।
इसके अलावा Man Infraconstruction के करीब 3.21 लाख शेयर और Apollo Tyres के लगभग 2.99 लाख शेयर भी जुलाई के दौरान बेचे गए।
इन 10 शेयरों में बढ़ाया निवेश
जहां कुछ कंपनियों में हिस्सेदारी कम की गई, वहीं Quant Small Cap Fund ने 10 शेयरों में अपनी खरीदारी बढ़ाई। इस सूची में Manappuram Finance सबसे प्रमुख रहा।
फंड ने Manappuram Finance के करीब 87.90 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदे। इसके बाद जुलाई में कंपनी में फंड की कुल हिस्सेदारी बढ़कर करीब 2.56 करोड़ शेयर हो गई।
इसके अलावा Welspun Living के करीब 38.55 लाख शेयर और Sona BLW Precision Forgings के लगभग 35.49 लाख शेयर अतिरिक्त खरीदे गए।
Capri Global Capital में भी फंड ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और करीब 13.27 लाख शेयर और जोड़े।
इसके अलावा Adani Enterprises, Aegis Logistics, Alivus Life Sciences, BlackBuck और Ethos में भी Quant Small Cap Fund की ओर से निवेश बढ़ाया गया।
इस तरह जुलाई में फंड की रणनीति दोतरफा रही। कुछ शेयरों में लगातार खरीदारी बढ़ाई गई, जबकि कुछ कंपनियों में निवेश घटाया गया या पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया गया।
करीब 76 शेयरों में नहीं हुआ कोई बदलाव
जुलाई के दौरान Quant Small Cap Fund ने अपने पोर्टफोलियो के अधिकांश हिस्से में कोई बदलाव नहीं किया। करीब 76 शेयर ऐसे रहे, जिनमें फंड की हिस्सेदारी जून की तुलना में जुलाई में नहीं बदली।
इन कंपनियों में Adani Green Energy, Adani Power, Bharti Airtel, ICICI Bank, Juniper Hotels, Piramal Finance और Welspun Enterprises जैसे नाम शामिल हैं।
इससे पता चलता है कि पोर्टफोलियो में कुछ बड़े बदलावों के बावजूद फंड ने बड़ी संख्या में कंपनियों में अपनी मौजूदा पोजिशन बरकरार रखी।
जून के मुकाबले बढ़ी पोर्टफोलियो में शेयरों की संख्या
Quant Small Cap Fund के पोर्टफोलियो में जुलाई के अंत तक कुल 106 शेयर थे। जून में यह संख्या 97 थी। यानी एक महीने में पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों की संख्या में 9 शेयरों की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, केवल शेयरों की संख्या बढ़ने से यह जरूरी नहीं है कि फंड का जोखिम भी उसी अनुपात में बढ़ा हो। किसी म्यूचुअल फंड के पोर्टफोलियो को समझने के लिए शेयरों की संख्या के साथ-साथ कंपनियों में निवेश का वजन, सेक्टर एलोकेशन और कुल AUM में उनकी हिस्सेदारी को देखना भी जरूरी होता है।
31 जुलाई को 34,069 करोड़ रुपये था AUM
आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक Quant Small Cap Fund का कुल AUM करीब 34,069 करोड़ रुपये था। यह एक स्मॉल कैप कैटेगरी का फंड है और इसका प्रदर्शन Nifty Smallcap250 TRI के मुकाबले मापा जाता है।
फंड को संदीप टंडन, अंकित पांडे, वरुण पट्टानी, आयुषा कुंभट, युग तिबरेवाल, समीर काटे और संजीव शर्मा मैनेज करते हैं।
फंड मैनेजरों की ओर से समय-समय पर पोर्टफोलियो में कंपनियों की खरीद-बिक्री की जाती है। इसलिए किसी एक महीने के पोर्टफोलियो बदलाव को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को फंड के लंबे समय के प्रदर्शन, जोखिम, खर्च, पोर्टफोलियो की सेक्टर संरचना और अपनी जोखिम क्षमता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
जुलाई के पोर्टफोलियो बदलावों पर नजर डालें तो Quant Small Cap Fund ने एक साथ कई स्तरों पर बदलाव किया है। 13 नए शेयरों की एंट्री, चार कंपनियों से पूरी तरह एग्जिट, सात शेयरों में निवेश कम करना और 10 कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाना यह बताता है कि पोर्टफोलियो में एक्टिव री-बैलेंसिंग की गई है।
नई खरीदारी में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, केमिकल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। वहीं कुछ मौजूदा निवेशों में कटौती की गई है।
खास तौर पर SBI Funds Management और Caliber Mining & Logistics जैसे नए नामों की एंट्री और Hexaware Technologies, Bandhan Bank तथा Mangalore Refinery & Petrochemicals में नई खरीदारी निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो बदलाव का प्रमुख हिस्सा है।
हालांकि, म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में किसी शेयर की खरीदारी या बिकवाली को सीधे तौर पर खरीदने या बेचने का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। फंड की रणनीति निवेशक की व्यक्तिगत रणनीति से अलग हो सकती है।
निष्कर्ष
जुलाई 2026 में Quant Small Cap Fund के पोर्टफोलियो में काफी हलचल देखने को मिली। फंड ने 13 नए शेयर जोड़े, जबकि चार कंपनियों से पूरी तरह बाहर निकल गया। इसके अलावा सात शेयरों में निवेश घटाया और 10 कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई गई।
महीने के अंत में फंड के पोर्टफोलियो में कुल 106 शेयर थे और AUM करीब 34,069 करोड़ रुपये था। जुलाई के ये बदलाव बताते हैं कि फंड मैनेजर्स ने कुछ नई कंपनियों में अवसर तलाशने के साथ-साथ मौजूदा पोर्टफोलियो को भी री-बैलेंस किया है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे किसी भी म्यूचुअल फंड, शेयर या अन्य वित्तीय उत्पाद में निवेश अथवा निकासी की सलाह न समझें। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


