नई दिल्ली: टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा स्टील की विदेशी इकाई टाटा स्टील इजमुइडेन (नीदरलैंड्स) कानूनी विवाद में घिर गई है। डच (नीदरलैंड्स) पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। आरोप है कि कंपनी ने जानबूझकर और गैर-कानूनी तरीके से पर्यावरण में हानिकारक पदार्थों का उत्सर्जन किया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा हुआ।
यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि टाटा स्टील की नींव 1907 में रखी गई थी, जब जमशेदजी टाटा के विजन को आगे बढ़ाते हुए कंपनी की स्थापना हुई। यह भारत की आजादी से करीब 40 साल पहले की बात है और आज यह दुनिया की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल है।
क्या हैं आरोप?
डच पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस के अनुसार, टाटा स्टील इजमुइडेन पर कई संभावित आपराधिक अपराधों का संदेह है। इनमें प्रमुख आरोप हैं—
- हवा में खतरनाक और प्रदूषणकारी पदार्थों का उत्सर्जन।
- पर्यावरणीय नियमों का कथित उल्लंघन।
- संयंत्रों के रखरखाव में लापरवाही।
- कुछ सुविधाओं को आवश्यक अनुमति के बिना संचालित करना।
- कोक उत्पादन से जुड़ी कई घटनाओं की समय पर सूचना अधिकारियों को न देना।
प्रॉसिक्यूटर का कहना है कि जांच में मिले साक्ष्य अदालत में मामला चलाने के लिए पर्याप्त हैं।
2022 में शुरू हुई थी जांच
यह पूरा मामला वर्ष 2022 में शुरू हुई आपराधिक जांच से जुड़ा है। उस समय 800 से अधिक स्थानीय निवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद अधिकारियों ने स्टील उत्पादन प्रक्रिया और कंपनी के कोक ओवन गैस प्लांट की विस्तृत जांच की।
जांच के दौरान कथित तौर पर कई ऐसी खामियां सामने आईं, जिनके आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामला ले जाने का फैसला किया।
टाटा स्टील इजमुइडेन ने क्या कहा?
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वह पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी चिंताओं को गंभीरता से लेती है तथा लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है।
कंपनी के अनुसार—
- कम पके हुए कोक (Undercooked Coke) के उत्पादन को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- कुछ तकनीकी परिस्थितियों में पूरी तरह पका हुआ कोक तैयार करना हमेशा संभव नहीं होता।
- जिन घटनाओं का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें से कई मामलों में तकनीकी सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं, इसलिए आपराधिक कार्रवाई उचित नहीं है।
अधिकारियों की नजर मैनेजमेंट पर भी
डच प्रॉसिक्यूटर ने संकेत दिया है कि केवल कंपनी ही नहीं, बल्कि यह भी जांच की जा रही है कि क्या वरिष्ठ प्रबंधन के कुछ अधिकारियों की व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
इस मामले की पहली सुनवाई 20 नवंबर को एम्स्टर्डम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में होगी।
शेयर पर रहेगा असर?
बुधवार के कारोबारी सत्र में टाटा स्टील का शेयर 0.70% यानी 1.32 रुपये की गिरावट के साथ 188.47 रुपये पर बंद हुआ। विदेशी इकाई के खिलाफ शुरू हुई इस कानूनी कार्रवाई के बाद गुरुवार के कारोबार में भी कंपनी के शेयर निवेशकों की निगाह में रह सकते हैं।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर की दिशा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कंपनी इस मामले पर आगे क्या प्रतिक्रिया देती है और अदालत की कार्यवाही किस दिशा में बढ़ती है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


