Asian Stocks Today: गुरुवार को लगातार तीन कारोबारी सत्रों की कमजोरी के बाद एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार वापसी देखने को मिली। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में आई तेज खरीदारी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी शुरुआती कारोबार में करीब 3% तक उछल गया, जबकि जापान का निक्केई 225 भी 2% से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में दबाव में रहा।
सेमीकंडक्टर शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
एशियाई बाजारों में तेजी की सबसे बड़ी वजह सेमीकंडक्टर सेक्टर रहा। जानकारी के मुताबिक, SK Hynix Inc. की अमेरिकी लिस्टिंग को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह सात गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब हुई। वहीं, Bain Capital ने फ्लैश मेमोरी चिप निर्माता Kioxia Holdings में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचकर निवेश से बाहर निकलने का फैसला किया। इन घटनाओं ने पूरे चिप सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
कोस्पी और निक्केई में शानदार रिकवरी
पिछले कारोबारी सत्र में बेयर मार्केट टेरिटरी में फिसलने के बाद दक्षिण कोरिया का Kospi Index 3% तक चढ़ गया। वहीं, स्मॉल-कैप Kosdaq इंडेक्स में भी 1.28% की बढ़त दर्ज की गई।
जापान का Nikkei 225 2.04% से अधिक मजबूत हुआ, जबकि Topix Index में 0.20% की बढ़त देखने को मिली। हालांकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में 0.83% फिसल गया।
कच्चे तेल में लगातार तीसरे दिन तेजी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड लगातार तीसरे सत्र में बढ़कर लगभग 78.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। निवेशकों को आशंका है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक तेल सप्लाई को प्रभावित कर सकती है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में भी हलचल रही। दो वर्षीय US Treasury Yield बढ़कर 4.23% पर पहुंच गया, जो पिछले महीने के उच्चतम स्तर के बेहद करीब है। वहीं, 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.59% पर पहुंच गया, जो मई के अंत के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
सोने की कीमतों में लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद स्थिरता देखने को मिली।
महंगाई और फेड की चिंता फिर बढ़ी
तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी वजह से मनी मार्केट अब पहले की तुलना में जल्द ब्याज दर बढ़ने की संभावना देख रहा है। जहां पहले दिसंबर में फेड रेट हाइक की उम्मीद थी, अब बाजार अक्टूबर में ही दरें बढ़ने की संभावना मान रहा है।
इससे निवेशकों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अमेरिकी शेयर बाजार पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रैली के चलते ऊंचे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं।
फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स में क्या मिला?
फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स से पता चला कि कुछ अधिकारियों ने ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में तर्क दिए थे। हालांकि अंततः सभी ने दरों को फिलहाल स्थिर रखने का समर्थन किया। बैठक में महंगाई के जोखिम को लेकर चिंता जताई गई, जबकि रोजगार बाजार को लेकर पहले की तुलना में कम चिंता दिखाई दी।
अमेरिकी शेयर बाजार का हाल
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान संघर्ष को लेकर दिए गए बयान के बाद निवेशकों का रुख सतर्क हो गया।
- S&P 500 0.28% गिरकर 7,482.71 पर बंद हुआ।
- Nasdaq Composite 0.20% बढ़कर 25,870.65 पर पहुंच गया।
- Dow Jones Industrial Average 1.09% टूटकर 52,348.39 पर बंद हुआ।
हालांकि सेमीकंडक्टर कंपनी Broadcom समेत कई चिप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे टेक सेक्टर को सहारा मिला।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
फिलहाल वैश्विक बाजारों की दिशा तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर रहेगी—
- मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतें
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
- सेमीकंडक्टर और AI सेक्टर में निवेशकों की धारणा
यदि तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और फेड सख्त रुख अपनाता है, तो वैश्विक इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। वहीं, टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में मजबूती बाजार को सहारा देती रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


