NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    reliance-retail-jiomart-dark-stores-expansion-plan
    ईशा अंबानी की रिलायंस रिटेल का बड़ा प्लान, Blinkit और Flipkart को टक्कर देने के लिए बढ़ाएगी डार्क स्टोर्स; 3 साल में डबल होगा मुनाफा
    19 जुलाई 2026
    hormuz-strait-importance-declining-impact-on-india-energy-security
    Hormuz Importance: पहले जैसी नहीं रही होर्मुज की अहमियत, बदल गया पूरा एनर्जी गेम; भारत पर भी पड़ा असर
    19 जुलाई 2026
    ccpa-action-chaayos-barbeque-nation-41-restaurants-service-charge-fine
    CCPA Action: चायोस, बार्बेक्यू नेशन समेत 41 रेस्टोरेंट पर कार्रवाई, ग्राहकों के बिल में जोड़ रहे थे डिफॉल्ट सर्विस चार्ज
    19 जुलाई 2026
    delhi-uber-driver-viral-story-80-thousand-rent-still-drives-12-hours
    Video: फ्लैट से ₹80 हजार किराया फिर भी 12 घंटे चलाते हैं Uber, वजह जानकर लोग कर रहे सलाम
    19 जुलाई 2026
    train-woman-protests-molestation-accused-lipstick-bangles-video-viral-hindi
    ट्रेन में महिला का फूटा गुस्सा! छेड़छाड़ के आरोप के बाद युवक को पहनाईं चूड़ियां, लगाया लिपस्टिक; Video वायरल
    19 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-crude-oil-market-outlook-next-week-middle-east-tension-hindi
    गोल्ड से लेकर क्रूड ऑयल तक बड़ा अलर्ट! अगले सप्ताह मेटल मार्केट में आ सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव, जानिए किन स्तरों पर रहेगी नजर
    19 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-18-july-2026-wti-crude-brent-oil-price-india
    Petrol Diesel: WTI क्रूड एक हफ्ते में 11% से ज्यादा उछला, ब्रेंट फिर 88 डॉलर के पार, जानें आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट
    18 जुलाई 2026
    crude-oil-price-imf-three-shock-absorbers-prevented-global-oil-crisis
    Crude Oil Price: 1 या 2 नहीं, पूरे 3 ‘शॉक एब्जॉर्बर्स’ ने बचाई दुनिया! IMF ने बताया क्यों नहीं भड़की तेल की कीमतें
    17 जुलाई 2026
    petrol-price-today-16-july-2026-petrol-diesel-rate-crude-oil-inventory-us-eia-hindi
    Petrol Price Today: अमेरिका में क्रूड ऑयल स्टॉक घटने से फिर चढ़ा कच्चा तेल, जानिए आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का नया रेट
    16 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-hike-pakistan-daily-fuel-price-update-hindi
    Petrol Diesel Price Today: फिर 3% उछला क्रूड ऑयल, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए 15 जुलाई के नए रेट
    15 जुलाई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    upcoming-dividend-abbott-india-rs-525-dividend-airtel-hero-record-date-july-2026
    Upcoming Dividend: ₹525 तक का तगड़ा डिविडेंड! Abbott India, भारती एयरटेल समेत 20 शेयरों पर निवेशकों की नजर
    19 जुलाई 2026
    hdfc-bank-ntpc-mahindra-infosys-eternal-top-bluechip-stocks-buy-target
    HDFC Bank से लेकर NTPC तक, इन 5 ब्लूचिप शेयरों पर एक्सपर्ट्स हुए बेहद पॉजिटिव, जताई 30% तेज़ी की उम्मीद
    19 जुलाई 2026
    stocks-to-watch-reliance-hdfc-bank-axis-kotak-idbi-q1-results-monday-market-focus
    Stocks to Watch: Reliance, HDFC Bank समेत 5 दिग्गज कंपनियों के नतीजे, सोमवार को इन शेयरों में रह सकता है जोरदार एक्शन
    19 जुलाई 2026
    icici-bank-top-pick-nuvama-hdfc-axis-kotak-bank-target-price-raised
    ICICI Bank बना ब्रोकरेज की पहली पसंद, HDFC, Axis और Kotak के लिए बढ़ाए गए टारगेट, 28% तक तेजी की उम्मीद
    19 जुलाई 2026
    mutual-funds-exit-from-rossell-techsys-paramount-gocl-veranda-june-2026
    Mutual Funds Exit: जून में इन 4 शेयरों से म्यूचुअल फंड्स ने पूरी तरह बनाई दूरी, अब नहीं बची कोई हिस्सेदारी
    19 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: स्वामीनॉमिक्स: तेल के झटकों का दौर खत्म? अमेरिका की टैरिफ धमकी से भारत को क्यों नहीं घबराना चाहिए, 50 साल का इतिहास देता है जवाब
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

स्वामीनॉमिक्स: तेल के झटकों का दौर खत्म? अमेरिका की टैरिफ धमकी से भारत को क्यों नहीं घबराना चाहिए, 50 साल का इतिहास देता है जवाब

Namam Sharma
Last updated: 2026/07/19 at 11:16 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
swaminomics-oil-shock-us-tariff-threat-india-economy-history-analysis
SHARE

नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर असर और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने एक बार फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच अमेरिका के कुछ सीनेटरों द्वारा रूस से तेल खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर 100% आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव चर्चा में है। पहली नजर में यह स्थिति भारत के लिए चुनौतीपूर्ण दिखाई देती है, लेकिन यदि पिछले 50 वर्षों के इतिहास को देखें तो तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।

Contents
फिर बढ़ा पश्चिम एशिया में तनावइतिहास बताता है कि दुनिया इससे बड़े संकट झेल चुकी है1973-74 का अरब तेल संकट1980 का ईरान-इराक युद्धजापान और भारत के अनुभव भी देते हैं सीखतेल महंगा हुआ, फिर भी भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ती रहीआज का दौर पहले से अलग क्यों है?IMF और RBI भी अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्तक्या 100% अमेरिकी टैरिफ वास्तव में बड़ा खतरा है?भविष्य में तेल की भूमिका खत्म नहीं होगीनिष्कर्ष

विशेषज्ञों का मानना है कि आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक विविध, मजबूत और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर आधारित हो चुकी है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर पहले जितना व्यापक नहीं रह गया है।

फिर बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला।

युद्धविराम के बाद जहां ब्रेंट क्रूड करीब 72.6 डॉलर प्रति बैरल पर था, वहीं हाल के दिनों में इसकी कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। इसी दौरान अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देशों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

इतिहास बताता है कि दुनिया इससे बड़े संकट झेल चुकी है

हालांकि वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत इसलिए भी नहीं है क्योंकि दुनिया इससे कहीं बड़े तेल संकटों का सामना कर चुकी है।

1973-74 का अरब तेल संकट

1973 में अरब देशों द्वारा लगाए गए तेल प्रतिबंध के दौरान कच्चे तेल की कीमत करीब 2.7 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 10 डॉलर से ऊपर पहुंच गई थी। उस समय पूरी दुनिया में दोहरे अंक की महंगाई और आर्थिक मंदी देखने को मिली थी।

अमेरिका ने उस दौर में ‘प्रोजेक्ट इंडिपेंडेंस’ शुरू किया। इसका उद्देश्य मध्य-पूर्व के तेल पर निर्भरता खत्म करना था। सिंथेटिक ईंधन, शेल ऑयल, कोयला गैसीकरण, पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा जैसी कई तकनीकों पर अरबों डॉलर खर्च किए गए, लेकिन तत्काल कोई बड़ा विकल्प विकसित नहीं हो पाया।

1980 का ईरान-इराक युद्ध

1980 में ईरान-इराक युद्ध के दौरान तेल की कीमतें फिर बढ़कर करीब 30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इसके बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था ने खुद को संभाल लिया और बाजार ने धीरे-धीरे संतुलन बना लिया।

जापान और भारत के अनुभव भी देते हैं सीख

1974 के संकट के बाद जापान ने दुनिया भर में तेल के नए स्रोत खोजने और वैकल्पिक ऊर्जा में निवेश की कोशिश की, लेकिन उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद 1990 तक जापान दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा।

भारत ने भी ईरान के रोस्तम और रक्ष तेल क्षेत्रों में हिस्सेदारी लेकर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में ईरान ने इन परिसंपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया। इससे विदेशों में तेल क्षेत्र खरीदने की रणनीति काफी हद तक असफल साबित हुई।

तेल महंगा हुआ, फिर भी भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ती रही

1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान भारत को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेना पड़ा था। इसके बावजूद उस दशक में भारत की औसत GDP वृद्धि दर करीब 5.3% रही, जो उस समय तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

1990 में इराक द्वारा कुवैत पर कब्जे के बाद भी तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, लेकिन यह उछाल लंबे समय तक नहीं टिक सका।

इसके बाद 2003 से 2008 के बीच वैश्विक कमोडिटी बूम के दौरान ब्रेंट क्रूड 24 डॉलर से बढ़कर 144 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इसके बावजूद भारत ने कुछ वर्षों में करीब 10% आर्थिक वृद्धि दर्ज की और वैश्विक अर्थव्यवस्था भी चीन की अगुवाई में मजबूत बनी रही।

आज का दौर पहले से अलग क्यों है?

ऊर्जा बाजार में पिछले पांच दशकों में बड़ा बदलाव आया है।

  • 1975 में वैश्विक ऊर्जा खपत में तेल की हिस्सेदारी लगभग 46% थी।
  • अब यह घटकर 30% से भी कम रह गई है।
  • सौर और पवन ऊर्जा पहले की तुलना में काफी सस्ती हो चुकी हैं।
  • दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
  • नई बिजली परियोजनाओं में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान लगातार बढ़ रहा है।

यानी वैश्विक अर्थव्यवस्था अब केवल तेल पर निर्भर नहीं है।

IMF और RBI भी अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार वर्ष 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 3% की दर से बढ़ सकती है, जबकि 2027 में यह 3.4% तक पहुंचने का अनुमान है।

वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अनुमान है कि भारत की GDP वृद्धि दर इस वर्ष 6.6% रह सकती है। यह पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी कम जरूर है, लेकिन भारत की दीर्घकालिक औसत आर्थिक वृद्धि दर 6.5% से अब भी बेहतर मानी जा रही है।

क्या 100% अमेरिकी टैरिफ वास्तव में बड़ा खतरा है?

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव अभी केवल अमेरिकी सीनेट में पेश किया गया मसौदा है।

व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का प्रस्ताव पहले भी लंबे समय तक बिना किसी ठोस प्रगति के पड़ा रहा है। इसलिए इसे तत्काल लागू होने वाला फैसला मानना उचित नहीं होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका में ऐसे किसी कानून को लागू करने के लिए व्यापक राजनीतिक समर्थन और कई विधायी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

भविष्य में तेल की भूमिका खत्म नहीं होगी

हालांकि नवीकरणीय ऊर्जा तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन तेल की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।

विमानन, समुद्री परिवहन, पेट्रोकेमिकल उद्योग और भारी औद्योगिक क्षेत्रों में आने वाले वर्षों तक तेल की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी। इसलिए भारत सहित सभी देशों को ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और रणनीतिक तेल भंडार मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखना होगा।

निष्कर्ष

करीब पांच दशक पहले आए पहले वैश्विक तेल संकट की तुलना में आज दुनिया कहीं अधिक तैयार है। ऊर्जा के नए विकल्प, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं ने तेल पर निर्भरता को काफी हद तक कम कर दिया है।

ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी या अमेरिकी टैरिफ प्रस्ताव जैसी घटनाएं निश्चित रूप से बाजार में अस्थायी उतार-चढ़ाव ला सकती हैं, लेकिन इतिहास यह बताता है कि केवल इन कारणों से भारत जैसी बड़ी और विविध अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार थमने की संभावना बहुत कम है।

You Might Also Like

ईशा अंबानी की रिलायंस रिटेल का बड़ा प्लान, Blinkit और Flipkart को टक्कर देने के लिए बढ़ाएगी डार्क स्टोर्स; 3 साल में डबल होगा मुनाफा

Hormuz Importance: पहले जैसी नहीं रही होर्मुज की अहमियत, बदल गया पूरा एनर्जी गेम; भारत पर भी पड़ा असर

CCPA Action: चायोस, बार्बेक्यू नेशन समेत 41 रेस्टोरेंट पर कार्रवाई, ग्राहकों के बिल में जोड़ रहे थे डिफॉल्ट सर्विस चार्ज

Video: फ्लैट से ₹80 हजार किराया फिर भी 12 घंटे चलाते हैं Uber, वजह जानकर लोग कर रहे सलाम

ट्रेन में महिला का फूटा गुस्सा! छेड़छाड़ के आरोप के बाद युवक को पहनाईं चूड़ियां, लगाया लिपस्टिक; Video वायरल

TAGGED: Brent Crude, Crude Oil, Energy Security, Global economy, IMF, India Economy, indian economy, Iran US conflict, oil crisis, RBI, RENEWABLE ENERGY, Russia Oil, Swaminomics, US Tariff
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article tea-business-success-story-left-38000-job-earned-1-lakh-monthly-profit ₹38 हजार की नौकरी छोड़ खोली चाय की दुकान, लोगों ने कहा- बड़ी गलती कर रहे हो, आज हर महीने ₹1 लाख का शुद्ध मुनाफा
Next Article tata-power-seci-324mw-pump-storage-project-40-year-contract-351-crore-annual-revenue Tata Power को PSU SECI से मिला 40 साल का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, हर साल होगी करीब ₹351 करोड़ की तय कमाई, सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: Xtranet Technologies से Caliber Mining तक, इन 9 IPO का ताज़ा GMP अपडेट, किसमें है सबसे ज्यादा कमाई की उम्मीद?
शेयर बाज़ार फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
8th-pay-commission-railway-engineers-salary-revision-group-b-demand-hindi
8th Pay Commission: रेलवे इंजीनियरों की बड़ी मांगें, सैलरी रिवीजन से ग्रुप-B स्टेटस तक जानें पूरी डिटेल
बिजनेस न्यूज़ 8 वेतन आयोग
8th-pay-commission-hra-calculator-fitment-factor-level-1-to-10-salary-hike
8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 2.57 हुआ तो HRA में होगी बड़ी बढ़ोतरी, जानें लेवल 1 से 10 तक का पूरा कैलकुलेशन
8 वेतन आयोग बिजनेस न्यूज़

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?