CCPA Action: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के 41 रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इन रेस्टोरेंट पर आरोप है कि वे ग्राहकों की अनुमति के बिना खाने के बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जोड़ रहे थे। कार्रवाई की सूची में चायोस (Chaayos), बार्बेक्यू नेशन (Barbeque Nation), ल’ओपेरा फ्रेंच बेकरी प्राइवेट लिमिटेड समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि CCPA ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है और नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्टोरेंट के खिलाफ जुर्माना लगाया गया है।
ग्राहकों की शिकायतों के बाद CCPA ने लिया एक्शन
The Central Consumer Protection Authority (CCPA) has initiated suo motu action against 41 restaurants for levying service charge by default, based on complaints received through the National Consumer Helpline (NCH).
Reaffirming that service charge is voluntary and entirely at… pic.twitter.com/bESSxvTX4U
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) July 19, 2026 CCPA की यह कार्रवाई नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर मिली शिकायतों के आधार पर की गई है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि कई रेस्टोरेंट उनके बिल में बिना जानकारी और सहमति के सर्विस चार्ज जोड़ रहे हैं।
शिकायतों के साथ जमा किए गए बिलों में भी यह सामने आया कि ग्राहकों से बिना पूछे सर्विस चार्ज वसूला गया। CCPA ने जांच के बाद पाया कि इस तरह से शुल्क लगाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है और यह गलत व्यापारिक प्रक्रिया के दायरे में आता है।
सर्विस चार्ज को लेकर गाइडलाइंस का उल्लंघन
CCPA ने कहा कि रेस्टोरेंट द्वारा बिल में अपने आप सर्विस चार्ज जोड़ना “होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज लगाने से संबंधित गलत व्यापारिक तरीकों को रोकने और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए जारी गाइडलाइंस” का उल्लंघन है।
अथॉरिटी के अनुसार, इस तरह की गतिविधि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 की धारा 2(47) के तहत गलत व्यापारिक तरीका मानी जाती है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी माना था CCPA की गाइडलाइंस को सही
सर्विस चार्ज को लेकर विवाद के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने भी CCPA की गाइडलाइंस को बरकरार रखा है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य मामले में 28 मार्च 2025 को दिए फैसले में कोर्ट ने कहा था कि रेस्टोरेंट ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते।
कोर्ट ने साफ किया कि सभी होटल और रेस्टोरेंट को CCPA की गाइडलाइंस का पालन करना होगा। CCPA को कानून के तहत इन नियमों को लागू कराने का अधिकार है।
CCPA की सर्विस चार्ज गाइडलाइंस में क्या हैं नियम?
CCPA ने 4 जुलाई 2022 को होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज को लेकर गाइडलाइंस जारी की थीं। इनके अनुसार:
- कोई भी होटल या रेस्टोरेंट खाने के बिल में अपने आप या डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता।
- सर्विस चार्ज को किसी दूसरे नाम से भी नहीं वसूला जा सकता।
- ग्राहक को सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
- रेस्टोरेंट को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि सर्विस चार्ज देना स्वैच्छिक और ग्राहक की इच्छा पर निर्भर है।
- अगर ग्राहक सर्विस चार्ज देने से मना करता है तो उसे सेवा देने से रोका नहीं जा सकता।
- खाने के बिल में सर्विस चार्ज जोड़कर उस पर GST भी नहीं लगाया जा सकता।
चायोस पर लगाया गया ₹50,000 का जुर्माना
CCPA ने एक मामले में चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किया है। कंपनी पर ग्राहकों के बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जोड़ने के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह ग्राहकों से वसूले गए सर्विस चार्ज की राशि वापस करे।
ग्राहकों के लिए क्या है राहत?
CCPA की इस कार्रवाई से ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब रेस्टोरेंट को बिल बनाते समय यह ध्यान रखना होगा कि सर्विस चार्ज को अनिवार्य शुल्क के तौर पर नहीं जोड़ा जा सकता।
अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उससे गलत तरीके से सर्विस चार्ज लिया गया है तो वह नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकता है।
CCPA की यह कार्रवाई रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि ग्राहकों की सहमति के बिना किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क वसूलना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।


