Smartphone Sale: भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली बार पिछले एक दशक से अधिक समय में एंट्री-लेवल (बजट) स्मार्टफोन और छोटे आकार के टीवी की बिक्री में तेज गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, मिड-रेंज और प्रीमियम स्मार्टफोन के साथ बड़े स्क्रीन वाले टीवी की मांग लगातार बढ़ रही है। यह ट्रेंड बताता है कि अब उपभोक्ता बेहतर फीचर्स, लंबी लाइफ और प्रीमियम अनुभव के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं।
Highlights
- 10 साल में पहली बार बजट स्मार्टफोन की बिक्री में बड़ी गिरावट
- ₹12,000 से कम कीमत वाले फोन की बिक्री 54% घटी
- मिड-रेंज स्मार्टफोन की बिक्री 17% बढ़ी
- ₹30,000 से ऊपर के प्रीमियम फोन की मांग में 6% की बढ़ोतरी
- 32-इंच टीवी की बिक्री 35% से अधिक घटी
- बड़े स्क्रीन (43-इंच+) टीवी की मांग लगातार बढ़ रही
बजट स्मार्टफोन की मांग क्यों हुई कमजोर?
नई दिल्ली: भारतीय स्मार्टफोन बाजार तेजी से बदल रहा है। पहले जहां कम कीमत वाले स्मार्टफोन सबसे ज्यादा बिकते थे, वहीं अब उपभोक्ताओं की पसंद मिड-रेंज और प्रीमियम डिवाइस की ओर शिफ्ट हो रही है।
मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के दौरान ₹12,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री में 54% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत ₹12,000 से ₹30,000 के बीच आने वाले स्मार्टफोन की बिक्री 17% बढ़ी, जबकि ₹30,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री में 6% की वृद्धि हुई।
इस बदलाव का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया है। अब कुल स्मार्टफोन मार्केट में बजट सेगमेंट की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 14% रह गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है।
महंगे स्मार्टफोन की मांग क्यों बढ़ रही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि इन डिवाइसों की कुल निर्माण लागत में मेमोरी चिप की हिस्सेदारी कम होती है। ऐसे में उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद कंपनियों को कीमतों में बहुत अधिक वृद्धि नहीं करनी पड़ी।
इसके अलावा उपभोक्ता अब बेहतर कैमरा, AI फीचर्स, तेज प्रोसेसर, लंबे समय तक मिलने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट और 5G कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। आसान EMI और एक्सचेंज ऑफर भी प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं।
छोटे TV की बिक्री में भी आई बड़ी गिरावट
सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, टीवी बाजार में भी यही ट्रेंड देखने को मिला है।
जनवरी से जून के दौरान 32-इंच टीवी की बिक्री में 35% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। कुल टीवी बाजार में इनकी हिस्सेदारी पिछले साल के 45% से घटकर 38% रह गई है।
इसके विपरीत 43-इंच और उससे बड़े स्मार्ट टीवी की मांग में 8% से 15% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपभोक्ता अब बड़े डिस्प्ले, 4K क्वालिटी और बेहतर मनोरंजन अनुभव वाले टीवी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी का भी पड़ा असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, 32-इंच टीवी की औसत कीमत में करीब ₹3,000 से ₹3,500 तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे बजट ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हुई है।
वहीं दूसरी ओर, बड़ी स्क्रीन वाले टीवी पर कंपनियां आकर्षक ऑफर, कैशबैक, नो-कॉस्ट EMI और फेस्टिव डिस्काउंट दे रही हैं, जिससे उपभोक्ता थोड़ा अधिक खर्च कर बड़े मॉडल खरीदना पसंद कर रहे हैं।
बाजार के लिए क्या संकेत हैं?
यह ट्रेंड बताता है कि भारतीय उपभोक्ताओं की खरीदारी की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। अब केवल कम कीमत ही सबसे बड़ा फैक्टर नहीं रह गया है, बल्कि लोग बेहतर परफॉर्मेंस, लंबी अवधि तक उपयोग और प्रीमियम अनुभव के लिए ज्यादा निवेश करने को तैयार हैं।
आने वाले फेस्टिव सीजन में यदि यही रुझान जारी रहता है तो स्मार्टफोन और टीवी कंपनियां बजट सेगमेंट की तुलना में मिड-रेंज और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर अधिक फोकस कर सकती हैं।
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