Market Next Week: भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह मिलाजुला रहा। जहां सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड स्तर बनाए। ऐसे में अब निवेशकों की नजर अगले सप्ताह बाजार की दिशा और खासकर निफ्टी के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर रहेगी।
इस सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 276.32 अंक यानी 0.35% की गिरावट के साथ 77,264.51 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 76.35 अंक यानी 0.31% की गिरावट रही और यह 24,175.65 के स्तर पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख इंडेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह कमजोरी देखने को मिली।
मिडकैप इंडेक्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
बेंचमार्क इंडेक्स में कमजोरी के बावजूद मिडकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 Index करीब 0.5% बढ़कर 64,450.90 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL), ग्लेनमार्क फार्मा, LIC हाउसिंग फाइनेंस और लॉरस लैब्स जैसे शेयरों में तेजी ने मिडकैप इंडेक्स को मजबूती दी। दूसरी तरफ रेल विकास निगम (RVNL), फेडरल बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, कोरोमंडल इंटरनेशनल और ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट दबाव में रहे।
यह संकेत देता है कि बाजार में चुनिंदा मिडकैप शेयरों के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी अभी बनी हुई है, भले ही बड़े बेंचमार्क इंडेक्स दबाव में हों।
स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती
स्मॉलकैप सेगमेंट ने भी सप्ताह के दौरान अच्छी मजबूती दिखाई। Nifty Smallcap 100 Index करीब 0.5% चढ़कर 20,143.55 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
कैपरी ग्लोबल कैपिटल, IDBI बैंक, IFCI और एथर एनर्जी में दोहरे अंकों की तेजी ने इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की।
हालांकि सभी स्मॉलकैप शेयरों में तेजी नहीं रही। BLS इंटरनेशनल सर्विसेज, एजिस लॉजिस्टिक्स, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, हिंदुस्तान कॉपर और टेनेको क्लीन एयर इंडिया जैसे शेयरों में सप्ताह के दौरान करीब 6% से 12% तक की गिरावट देखने को मिली।
इन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टर के लिहाज से बाजार का प्रदर्शन भी एक जैसा नहीं रहा। सप्ताह के दौरान निफ्टी मेटल, IT, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में करीब 1.5% की तेजी रही।
वहीं दूसरी ओर FMCG, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल एंड गैस इंडेक्स करीब 1% नीचे रहे। निफ्टी ऑटो और डिफेंस इंडेक्स में भी लगभग 1% की गिरावट देखने को मिली।
इससे साफ है कि बाजार में व्यापक तेजी के बजाय फिलहाल स्टॉक और सेक्टर आधारित खरीदारी देखने को मिल रही है।
FII की बिकवाली जारी, DII ने संभाला मोर्चा
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। Foreign Institutional Investors (FIIs) ने लगातार दूसरे सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली की और इस दौरान करीब ₹20,260 करोड़ के शेयर बेचे।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने खरीदारी के जरिए बाजार को सहारा दिया। इस सप्ताह DIIs ने भारतीय इक्विटी में करीब ₹19,309.93 करोड़ का निवेश किया।
यानी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार में बड़ी गिरावट को सीमित करने में मदद की।
इस दौरान BSE में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी करीब ₹1 लाख करोड़ से कुछ ज्यादा की कमी आई।
अगले सप्ताह निफ्टी की चाल कैसी रह सकती है?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगले सप्ताह निफ्टी किस दिशा में जा सकता है। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक फिलहाल बाजार एक सीमित दायरे में नजर आ रहा है और कुछ अहम स्तर आने वाले दिनों में दिशा तय कर सकते हैं।
24,000 के आसपास निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट
SBI Securities के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी के लिए 24,000-23,970 का जोन अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।
अगर निफ्टी 23,970 के नीचे टिकता है तो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,820 के आसपास तक फिसल सकता है।
वहीं ऊपर की ओर 24,300-24,330 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी में मजबूत तेजी के लिए इस जोन के ऊपर टिकना महत्वपूर्ण होगा।
24,400 तक पहुंचने की संभावना
HDFC Securities के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक गुरुवार को निफ्टी 24,150 के आसपास मौजूद ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के सपोर्ट से नीचे आया था। हालांकि शुक्रवार को इंडेक्स में ज्यादा कमजोरी नहीं आई।
उनके अनुसार यह एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। कई बार फॉल्स ब्रेकडाउन के बाद बाजार में तेजी से रिकवरी देखने को मिलती है।
तकनीकी तस्वीर को देखते हुए निफ्टी का ट्रेंड फिलहाल सकारात्मक रुख के साथ 24,000 से 24,400 के दायरे में रहने की संभावना है।
अगर इंडेक्स 24,000 के आसपास से टिकाऊ उछाल दिखाता है तो आने वाले समय में 24,300-24,400 तक तेजी की गुंजाइश बन सकती है। हालांकि 24,000 का सपोर्ट टूटने पर तस्वीर कमजोर हो सकती है।
24,200 के ऊपर तेजी जरूरी
LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार उतार-चढ़ाव वाले कारोबारी सत्र के बाद निफ्टी दोबारा ‘राइजिंग चैनल’ में आया है। हालांकि इंडेक्स अभी भी 50EMA के नीचे कारोबार कर रहा है, इसलिए इसे पूरी तरह बुलिश ट्रेंड में नहीं माना जा सकता।
उनके मुताबिक बाजार में फिलहाल मोमेंटम की कमी है और निफ्टी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
ऊपर की तरफ 24,200 निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के नीचे रहता है, तब तक बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना रह सकता है और निफ्टी के 23,900 तक फिसलने की आशंका बनी रहेगी।
अगर निफ्टी 23,900 के नीचे जाता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। इसके उलट 24,200 के ऊपर मजबूती के साथ टिकना बाजार के सेंटीमेंट में सुधार का संकेत होगा और इससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड मजबूत हो सकता है।
निवेशकों को किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए?
अगले सप्ताह निफ्टी के लिए मोटे तौर पर ये स्तर महत्वपूर्ण रह सकते हैं:
| स्तर | महत्व |
|---|---|
| 24,330-24,400 | मजबूत रेजिस्टेंस जोन |
| 24,200 | तत्काल रेजिस्टेंस |
| 24,000-23,970 | अहम सपोर्ट जोन |
| 23,900 | अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट |
| 23,820 | सपोर्ट टूटने पर संभावित अगला स्तर |
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती दिखाई दे रही है, लेकिन सेंसेक्स और निफ्टी पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना हुआ है। अगले सप्ताह निफ्टी के लिए 24,000-23,970 का सपोर्ट जोन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं 24,200 के ऊपर मजबूती और उसके बाद 24,300-24,400 की ओर बढ़त बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर कर सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में बाजार विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त विचार और तकनीकी स्तर केवल जानकारी के उद्देश्य से दिए गए हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय से होने वाले लाभ या नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं है।


