Infosys CEO Salil Parekh News: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) में बड़ा नेतृत्व बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के मौजूदा सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख अपने कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ देंगे। उनकी जगह आशीष कुमार दास (Ashish Kumar Das) को नया सीईओ नियुक्त किया गया है। इंफोसिस ने 23 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों के साथ यह बड़ा ऐलान किया।
सलील पारेख जनवरी 2018 से इंफोसिस का नेतृत्व कर रहे हैं। करीब 9 साल के कार्यकाल में उन्होंने कंपनी को कई चुनौतियों से बाहर निकालते हुए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में मजबूत स्थिति दिलाई।
आशीष कुमार दास की नियुक्ति को बोर्ड की मंजूरी
इंफोसिस ने बताया कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने आशीष कुमार दास को नए सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद के लिए मंजूरी दे दी है। दास मौजूदा सीईओ सलील पारेख के बाद कंपनी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कंपनी ने कहा कि सलील पारेख अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ेंगे। उनका 5 साल का वर्तमान कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक है। इसके बाद आशीष कुमार दास इंफोसिस की कमान संभालेंगे।
लंबे समय से चल रही थी नए CEO की तलाश
इंफोसिस में नए सीईओ को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चा चल रही थी। कंपनी की एनुअल रिपोर्ट और एजीएम नोटिस जारी होने के बाद निवेशकों की नजर इस बात पर थी कि क्या बोर्ड सलील पारेख का कार्यकाल आगे बढ़ाएगा या नए नेतृत्व को मौका देगा।
अब कंपनी ने साफ कर दिया है कि मार्च 2027 के बाद इंफोसिस का नेतृत्व आशीष कुमार दास करेंगे।
इंफोसिस को नए CEO से क्या उम्मीदें हैं?
इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि कंपनी ऐसे समय में नए सीईओ का चयन कर रही है जब आईटी इंडस्ट्री बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।
उन्होंने कहा कि नए सीईओ के पास कंपनी की वैल्यू, ग्राहकों का भरोसा और भविष्य की ग्रोथ को बनाए रखने के साथ-साथ बड़े बदलावों को आगे बढ़ाने की क्षमता होनी चाहिए।
नंदन नीलेकणी ने कहा कि आशीष कुमार दास कंपनी के अंदर से आने वाले अगले सीईओ होंगे, जो इंफोसिस की संस्कृति और बिजनेस को अच्छी तरह समझते हैं।
सलील पारेख के कार्यकाल में इंफोसिस की बड़ी उपलब्धियां
सलील पारेख के नेतृत्व में इंफोसिस ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उनके कार्यकाल में कंपनी ने डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की।
उनके नेतृत्व में:
- इंफोसिस का रेवेन्यू 20 अरब डॉलर के पार पहुंचा।
- कंपनी ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज में अपनी वैश्विक पहचान मजबूत की।
- क्लाउड कंप्यूटिंग और AI आधारित सेवाओं में निवेश बढ़ाया।
- बड़े वैश्विक ग्राहकों के साथ कंपनी के संबंध और मजबूत हुए।
हाल के वर्षों में सलील पारेख ने जेनेरेटिव AI को लेकर इंफोसिस की रणनीति को आगे बढ़ाया। कंपनी AI प्लेटफॉर्म, एंटरप्राइज AI सॉल्यूशन और कर्मचारियों की नई तकनीकों में ट्रेनिंग पर लगातार निवेश कर रही है।
नंदन नीलेकणी ने सलील पारेख को दिया धन्यवाद
इंफोसिस चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने सलील पारेख की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कंपनी की स्थिति को और मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि पारेख के नेतृत्व में इंफोसिस ने अपनी क्षमताओं का विस्तार किया, शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न दिया और भविष्य की ग्रोथ के लिए मजबूत आधार तैयार किया।
नीलेकणी ने कहा कि 31 मार्च 2027 तक सलील पारेख कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे।
Infosys के शेयर पर नजर
सीईओ बदलाव की खबर ऐसे समय आई है जब इंफोसिस ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के प्रदर्शन और नए नेतृत्व को लेकर निवेशकों की नजर अब आने वाले समय में शेयर की चाल पर रहेगी।
आईटी सेक्टर में AI और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के बीच आशीष कुमार दास के सामने इंफोसिस की ग्रोथ को बनाए रखने और नई तकनीकों में कंपनी को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।


