देश के सबसे बड़े उद्योग समूहों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हरियाणा में बड़ा दांव खेला है। कंपनी की सहायक इकाई मॉडल इकॉनमिक टाउनशिप (MET) ने हरियाणा सरकार के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत झज्जर जिले में विकसित की जा रही रिलायंस मेट सिटी परियोजना में कुल 8,646 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है।
यह निवेश केवल एक औद्योगिक परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे हरियाणा को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कंपनी का दावा है कि इस निवेश से 33,250 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
क्या है रिलायंस मेट सिटी?
रिलायंस मेट सिटी हरियाणा के झज्जर जिले में विकसित की जा रही एक विशाल एकीकृत औद्योगिक और स्मार्ट टाउनशिप परियोजना है। करीब 8,250 एकड़ क्षेत्र में फैली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी निजी ग्रीनफील्ड औद्योगिक टाउनशिप में से एक मानी जाती है।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं है, बल्कि ऐसा आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है जहां उत्पादन इकाइयों के साथ-साथ आवास, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य शहरी सुविधाएं भी उपलब्ध हों।
रिलायंस का मानना है कि भविष्य में वैश्विक कंपनियां केवल फैक्ट्री लगाने के बजाय पूरी सप्लाई चेन और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की तलाश करती हैं। मेट सिटी इसी जरूरत को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है।
हरियाणा सरकार के साथ क्या हुआ समझौता?
हरियाणा सरकार ने हाल ही में ‘मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026’ लॉन्च की है। इस नीति का लक्ष्य राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है।
इसी कार्यक्रम के दौरान रिलायंस की मॉडल इकॉनमिक टाउनशिप लिमिटेड ने दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
पहला समझौता राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और मेट सिटी में नई कंपनियों को आकर्षित करने से जुड़ा है।
दूसरा समझौता उन कंपनियों के निवेश को एक मंच पर लाता है जिन्होंने पहले ही मेट सिटी में जमीन खरीद ली है और अपने उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं।
650 से अधिक कंपनियां पहले ही जुड़ चुकी हैं
रिलायंस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि जापान सहित 11 देशों की 650 से अधिक कंपनियां पहले ही इस परियोजना से जुड़ चुकी हैं।
इसमें कई वैश्विक और घरेलू कंपनियां शामिल हैं जो मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइस, रक्षा उत्पादन और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले वर्षों में यह परियोजना पूरी क्षमता से विकसित होती है तो यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन सकता है।
किन सेक्टरों पर रहेगा फोकस?
रिलायंस मेट सिटी में जिन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित किया जा रहा है उनमें शामिल हैं:
- ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
- मेडिकल डिवाइस उद्योग
- रक्षा उत्पादन
- फुटवियर उद्योग
- पैकेजिंग उद्योग
- लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग
भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसी योजनाओं के कारण इन सेक्टरों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
मुकेश अंबानी का बड़ा प्लान क्या है?
विश्लेषकों का मानना है कि रिलायंस का लक्ष्य केवल रियल एस्टेट डेवलपमेंट नहीं है। कंपनी भविष्य के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम पर दांव लगा रही है।
भारत वैश्विक कंपनियों के लिए चीन प्लस वन रणनीति का प्रमुख विकल्प बनकर उभरा है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब चीन के बाहर उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहती हैं। ऐसे में आधुनिक औद्योगिक शहरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
रिलायंस इसी अवसर को भुनाना चाहती है। मेट सिटी को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि विदेशी कंपनियों को भूमि, बिजली, सड़क, पानी, लॉजिस्टिक्स और श्रमशक्ति जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
कंपनी के अनुसार प्रस्तावित निवेश से 33,250 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
इसके अलावा निर्माण कार्य, परिवहन, होटल, रिटेल और अन्य सेवाओं में भी हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न हो सकते हैं।
स्थानीय व्यापारियों और छोटे उद्यमों को भी इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है क्योंकि बड़े उद्योगों के आने से सप्लाई चेन का विस्तार होगा।
हरियाणा क्यों बन रहा निवेशकों की पहली पसंद?
दिल्ली-एनसीआर से निकटता, बेहतर सड़क नेटवर्क, समर्पित माल गलियारा (DFC), कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तक आसान पहुंच हरियाणा को निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।
राज्य सरकार भी नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेशकों को कई तरह की सुविधाएं और प्रोत्साहन दे रही है।
इसी वजह से हरियाणा लगातार ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर रहा है।
आगे क्या?
रिलायंस मेट सिटी में 8,646 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश केवल एक परियोजना नहीं बल्कि हरियाणा के औद्योगिक भविष्य की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। यदि योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में झज्जर देश के प्रमुख औद्योगिक और रोजगार केंद्रों में शामिल हो सकता है।
मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस का यह कदम भारत के औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


