नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का कारोबारी सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक का फैसला है। बाजार की निगाहें सुबह 10 बजे होने वाली आरबीआई गवर्नर की घोषणा पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी फैसले से आने वाले महीनों में ब्याज दरों, महंगाई, आर्थिक वृद्धि और बैंकिंग सेक्टर की दिशा तय हो सकती है।
फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल दिखाई दे रहा है। निवेशक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और अधिकतर ट्रेडर्स आरबीआई के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इसी वजह से शुरुआती संकेत भी बेहद सीमित दायरे में कारोबार की ओर इशारा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरबीआई ब्याज दरों को स्थिर रखता है और भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत देता है तो बाजार को समर्थन मिल सकता है। वहीं महंगाई या वैश्विक जोखिमों को लेकर सख्त रुख बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।
RBI के फैसले से पहले बाजार क्यों है सतर्क?
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक सिर्फ ब्याज दरों का फैसला नहीं करती बल्कि यह पूरे वित्तीय बाजार के लिए दिशा तय करने का काम करती है। रेपो रेट में बदलाव होने पर बैंकों की उधारी लागत प्रभावित होती है, जिसका असर सीधे होम लोन, ऑटो लोन, बिजनेस लोन और निवेश गतिविधियों पर पड़ता है।
इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर चुनौतियों और अवसरों का सामना कर रही है। एक तरफ महंगाई पर नियंत्रण बना हुआ है तो दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव चिंता का विषय बने हुए हैं।
यही कारण है कि बाजार सहभागियों की नजर केवल रेपो रेट पर नहीं बल्कि आरबीआई के आर्थिक दृष्टिकोण, विकास दर के अनुमान और मुद्रास्फीति संबंधी टिप्पणियों पर भी रहेगी।
GIFT Nifty क्या संकेत दे रहा है?
आरबीआई के फैसले से पहले GIFT Nifty में ज्यादा उत्साह देखने को नहीं मिला। शुरुआती कारोबार में यह मामूली बढ़त के साथ 23,551 के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि इतनी सीमित बढ़त को बाजार विशेषज्ञ तटस्थ संकेत मान रहे हैं।
दूसरी ओर इंडिया VIX में गिरावट देखने को मिली है। इंडिया VIX को बाजार का ‘फियर इंडेक्स’ कहा जाता है। इसमें कमी का मतलब यह होता है कि निवेशक फिलहाल बहुत अधिक घबराए हुए नहीं हैं और बाजार में अनिश्चितता का स्तर कुछ कम हुआ है।
हालांकि आरबीआई की घोषणा के बाद यह स्थिति तेजी से बदल सकती है और बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
वैश्विक बाजारों से क्या मिल रहे संकेत?
अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम हो सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।
हालांकि तकनीकी क्षेत्र में दबाव भी देखा गया। विशेष रूप से चिप निर्माता कंपनियों के शेयरों में कमजोरी रही, जिसका असर नैस्डैक इंडेक्स पर पड़ा।
एशियाई बाजारों में शुक्रवार सुबह मिश्रित से नकारात्मक रुख दिखाई दिया। जापान का बाजार सपाट रहा जबकि ऑस्ट्रेलिया और कुछ अन्य एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। इससे भारतीय बाजार को मजबूत वैश्विक समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है।
कच्चे तेल की कीमतें क्यों महत्वपूर्ण हैं?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई दोनों को प्रभावित करती है।
हाल के दिनों में अमेरिका, ईरान और इजरायल से जुड़े घटनाक्रमों के कारण कच्चे तेल के बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो आरबीआई के लिए महंगाई को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इसी वजह से बाजार सहभागी कच्चे तेल के रुझानों पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।
आज इन शेयरों पर रहेगी विशेष नजर
Aurobindo Pharma
फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी Aurobindo Pharma को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) से महत्वपूर्ण मंजूरी मिली है। कंपनी को Tofacitinib Tablets के निर्माण और बिक्री की अंतिम अनुमति प्राप्त हुई है।
यह दवा रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में इस्तेमाल होती है। अमेरिकी बाजार में नई दवा लॉन्च होने से कंपनी की आय और निर्यात कारोबार को फायदा मिलने की संभावना है। इसी वजह से निवेशकों की नजर इस शेयर पर बनी रहेगी।
CG Power and Industrial Solutions
CG Power ने महाराष्ट्र के नासिक में अपनी नई एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज स्विचगियर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर दी है।
भारत में बिजली ढांचे के विस्तार और ट्रांसमिशन नेटवर्क में बढ़ते निवेश को देखते हुए यह विस्तार कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में ऑर्डर बुक मजबूत होने की संभावना बन सकती है।
HDFC AMC
HDFC AMC ने अपने Gold ETF और Gold ETF Fund of Fund में एकमुश्त निवेश पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और फंड प्रबंधन से जुड़ी रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस घोषणा का असर कंपनी के शेयर पर दिखाई दे सकता है।
InterGlobe Aviation (IndiGo)
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने जुलाई से सितंबर 2026 के बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानें अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है।
कमजोर मांग और बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाया है। हालांकि लंबी अवधि में यह लागत नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। निवेशक इस घोषणा के संभावित वित्तीय प्रभाव का आकलन करेंगे।
AvenuesAI
कंपनी की सहयोगी इकाई को संयुक्त अरब अमीरात के केंद्रीय बैंक से महत्वपूर्ण सैद्धांतिक मंजूरी मिली है।
फिनटेक और डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में विस्तार की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि अंतिम लाइसेंस भी मिल जाता है तो कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को नई गति मिल सकती है।
निवेशकों को आज क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई के फैसले से पहले अत्यधिक आक्रामक ट्रेडिंग से बचना बेहतर हो सकता है। बाजार फिलहाल एक बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है और नीति घोषणा के बाद सेक्टर आधारित तेज हलचल देखने को मिल सकती है।
बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर पर विशेष नजर रहेगी क्योंकि ब्याज दरों से सबसे ज्यादा असर इन्हीं क्षेत्रों पर पड़ता है। वहीं फार्मा और आईटी सेक्टर में कंपनी-विशिष्ट खबरों के चलते अलग तरह की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
कुल मिलाकर शुक्रवार का सत्र केवल RBI के फैसले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे आने वाले हफ्तों के लिए भारतीय शेयर बाजार की दिशा भी तय हो सकती है। निवेशकों की नजर अब आरबीआई गवर्नर की टिप्पणी और भविष्य के आर्थिक संकेतों पर टिकी हुई है।


