PMRC Scheme 2026: भारत सरकार ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम 2026 के तहत आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक उम्मीदवार 15 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत चयनित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को 5 करोड़ रुपये तक की रिसर्च ग्रांट, आकर्षक फेलोशिप और देश के प्रमुख संस्थानों में हाई-इम्पैक्ट रिसर्च करने का अवसर मिलेगा।
यह योजना खासतौर पर विदेशों में कार्यरत भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को भारत में शोध के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, PMRC Scheme 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू हुई थी। पहले आवेदन की अंतिम तिथि जल्द समाप्त होने वाली थी, लेकिन अधिक योग्य उम्मीदवारों को मौका देने के लिए इसे बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि इससे दुनियाभर में कार्यरत भारतीय मूल के अधिक वैज्ञानिक इस योजना से जुड़ सकेंगे और देश के अनुसंधान तंत्र को मजबूत बनाने में योगदान देंगे।
क्या है प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना?
प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना का उद्देश्य भारत में रिसर्च, इनोवेशन और अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है। इसके तहत विदेशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, रिसर्च लैब और उद्योगों में कार्यरत भारतीय मूल के वैज्ञानिकों को भारत बुलाकर प्रमुख शिक्षण संस्थानों और राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं में शोध कार्य का अवसर दिया जाएगा।
इस पहल से भारत को वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय वैज्ञानिकों के अनुभव, विशेषज्ञता और नवीन शोध का लाभ मिलेगा।
तीन श्रेणियों में होगा चयन
उम्मीदवारों का चयन पीएचडी के बाद के अनुभव के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में किया जाएगा।
1. यंग रिसर्च फेलो (Young Research Fellow – YRF)
- पीएचडी के बाद 5 वर्ष तक का अनुभव
- शुरुआती स्तर के प्रतिभाशाली शोधकर्ताओं के लिए
2. सीनियर फेलो (Senior Fellow – SF)
- पीएचडी के बाद 5 से 10 वर्ष का अनुभव
- अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए
3. रिसर्च चेयर (Research Chair – RC)
- 10 वर्ष या उससे अधिक का अनुभव
- वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित शोधकर्ताओं के लिए
इन सभी श्रेणियों में उम्मीदवारों के पास शोध प्रकाशन, पेटेंट, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, सिटेशन और अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियों का मजबूत रिकॉर्ड होना आवश्यक होगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
PMRC Scheme 2026 में आवेदन करते समय उम्मीदवारों को आधिकारिक पोर्टल पर निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- विस्तृत बायोडाटा (CV)
- सभी शोध प्रकाशनों की सूची
- पेटेंट और पुरस्कारों का विवरण
- नागरिकता, वीजा या निवास संबंधी दस्तावेज
- शोध उपलब्धियों के प्रमाण
- पसंदीदा होस्ट संस्थान का नाम और उसे चुनने का कारण
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
PMRC Scheme के तहत चयनित उम्मीदवारों को फेलोशिप के अलावा रिसर्च के लिए करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
यंग रिसर्च फेलो (YRF)
- सालाना फेलोशिप: 15 से 20 लाख रुपये
- एकमुश्त रिसर्च ग्रांट: 1 से 1.5 करोड़ रुपये
- आवास एवं चिकित्सा सहायता: 5 लाख रुपये प्रति वर्ष
सीनियर फेलो (SF)
- सालाना फेलोशिप: 20 से 40 लाख रुपये
- रिसर्च ग्रांट: 1.5 से 2.5 करोड़ रुपये
- आवास एवं चिकित्सा सहायता: 9 लाख रुपये प्रति वर्ष
- स्थानांतरण सहायता: 40 लाख रुपये
- संस्थागत ओवरहेड: 30 लाख रुपये प्रति वर्ष
रिसर्च चेयर (RC)
- सालाना फेलोशिप: 40 से 60 लाख रुपये
- एकमुश्त रिसर्च ग्रांट: 3 से 5 करोड़ रुपये
- आवास एवं चिकित्सा सहायता: 15 लाख रुपये प्रति वर्ष
- स्थानांतरण सहायता: 50 लाख रुपये
- संस्थागत ओवरहेड: 1 करोड़ रुपये प्रति वर्ष
देश के अनुसंधान तंत्र को मिलेगा बड़ा लाभ
सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विदेशों में कार्यरत भारतीय मूल के उत्कृष्ट वैज्ञानिकों को भारत में शोध के लिए आकर्षित करना है। इससे भारतीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों में विश्वस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, नई तकनीकों का विकास होगा और भारत का वैज्ञानिक एवं नवाचार इकोसिस्टम और मजबूत बनेगा।
यदि आप भारतीय मूल के वैज्ञानिक हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्य कर रहे हैं, तो PMRC Scheme 2026 आपके लिए भारत में उच्चस्तरीय रिसर्च करने और करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।


