Cable Stocks: केबल और वायर कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से तेज बिकवाली देखने को मिल रही है। RR Kabel, KEI Industries और Polycab India के शेयर एक हफ्ते में करीब 10% से 19% तक फिसल चुके हैं। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह UltraTech Cement की वायर और केबल कारोबार में एंट्री को माना जा रहा है।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि UltraTech के उतरने से इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। खासकर वायर कारोबार में मौजूदा कंपनियों के लिए चुनौती बढ़ने की आशंका है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या केबल स्टॉक्स में आई गिरावट आगे भी जारी रह सकती है या मौजूदा स्तरों पर खरीदारी का मौका बन रहा है।
एक हफ्ते में 19% तक टूटे केबल शेयर
सोमवार, 7 सितंबर 2026 को भी केबल और वायर कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा। पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रमुख कंपनियों में गिरावट का अनुमान इस तरह रहा:
| कंपनी | एक हफ्ते की गिरावट |
|---|---|
| RR Kabel | करीब 19% |
| KEI Industries | करीब 15% |
| Polycab India | करीब 10% |
31 अगस्त से शुरू हुआ कारोबारी सप्ताह केबल और वायर कंपनियों के लिए फरवरी 2025 के बाद सबसे कमजोर सप्ताहों में से एक रहा। UltraTech की एंट्री की खबर सामने आने के बाद इस सेक्टर में निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
UltraTech की एंट्री क्यों बनी चिंता?
ब्रोकरेज फर्म Citi के मुताबिक UltraTech की एंट्री का सबसे ज्यादा असर वायर कारोबार पर पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि केबल की तुलना में वायर कारोबार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।
Citi के आकलन के मुताबिक RR Kabel और Havells का वायर कारोबार पर निर्भरता अनुपात Polycab की तुलना में अधिक है। ऐसे में अगर नए खिलाड़ी की वजह से कीमतों और मार्जिन पर दबाव बढ़ता है तो इन कंपनियों पर इसका असर अपेक्षाकृत ज्यादा पड़ सकता है।
UltraTech ने गुजरात में अपनी वायर और केबल यूनिट को तय समय से पहले शुरू कर दिया। इसके बाद 2 सितंबर को पूरे सेक्टर के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
JM Financial ने घटाई इन शेयरों की रेटिंग
UltraTech की एंट्री को लेकर ब्रोकरेज हाउस JM Financial ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
2 सितंबर को ब्रोकरेज ने:
- Polycab India: Buy से घटाकर Add
- KEI Industries: Buy से घटाकर Add
- RR Kabel: Add से घटाकर Reduce
कर दिया।
JM Financial के मुताबिक फिलहाल सबसे बड़ा जोखिम नई प्रतिस्पर्धा को लेकर है। ब्रोकरेज का मानना है कि बाजार शायद इस नए मुकाबले से पैदा होने वाले संभावित असर को पूरी तरह कीमत में शामिल नहीं कर रहा है।
UltraTech और Diamond Power कितनी बड़ी चुनौती बन सकते हैं?
JM Financial के अनुमान के मुताबिक UltraTech और Diamond Power वित्त वर्ष 2029 तक मिलकर लगभग ₹17,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल कर सकते हैं। इससे दोनों कंपनियों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी करीब 11-12% तक पहुंचने का अनुमान है।
अगर दोनों कंपनियां आने वाले वर्षों में आक्रामक तरीके से क्षमता बढ़ाती हैं, तो मौजूदा दिग्गज कंपनियों को अपने मार्केट शेयर की रक्षा के लिए ज्यादा निवेश करना पड़ सकता है।
इसका असर केवल बिक्री पर ही नहीं, बल्कि प्राइसिंग पावर और ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी पड़ सकता है।
Polycab पर क्यों है ज्यादा दबाव का खतरा?
JM Financial के मुताबिक केबल और वायर सेक्टर के शेयर अपने पांच साल के औसत P/E के मुकाबले करीब 4-5% प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। लंबी अवधि के औसत की तुलना में यह प्रीमियम करीब 25% तक है।
ऐसे में अगर सेक्टर की ग्रोथ उम्मीद के मुताबिक नहीं रहती है, तो ऊंचे वैल्यूएशन के कारण शेयरों में करेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है।
ब्रोकरेज को ग्रोथ में संभावित सुस्ती और मार्जिन पर दबाव का जोखिम Polycab में सबसे ज्यादा दिखाई देता है। इसके बाद RR Kabel और KEI Industries का नंबर आता है।
क्या केबल स्टॉक्स से निकलने का समय आ गया?
यह कहना जल्दबाजी होगी कि UltraTech की एंट्री के कारण मौजूदा कंपनियों के लिए पूरी तस्वीर खराब हो गई है। केबल और वायर की मांग में अगर मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ बनी रहती है, तो बाजार में नए खिलाड़ियों के लिए भी जगह बन सकती है और मौजूदा कंपनियां भी अपनी स्थिति बनाए रख सकती हैं।
Equirus Securities का मानना है कि UltraTech की एंट्री को लेकर शुरुआती घबराहट कुछ कम हुई है। हालांकि, आगे की दिशा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि UltraTech इस कारोबार में कितना बड़ा निवेश करती है।
खासकर अगर कंपनी वायर के साथ-साथ केबल कारोबार में भी बड़े पैमाने पर क्षमता बढ़ाती है, तो प्रतिस्पर्धा का दबाव ज्यादा गंभीर हो सकता है।
Diamond Power की विस्तार योजना भी अहम
केवल UltraTech ही नहीं, बल्कि Diamond Power की विस्तार योजनाएं भी इस सेक्टर में मुकाबला बढ़ा सकती हैं।
अनुमानों के मुताबिक दोनों कंपनियां आने वाले वर्षों में मिलकर करीब ₹15,000-17,000 करोड़ की नई क्षमता जोड़ सकती हैं। इससे इंडस्ट्री में सप्लाई बढ़ने और कंपनियों के बीच बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की प्रतिस्पर्धा तेज होने की संभावना है।
इसलिए निवेशकों के लिए सिर्फ मौजूदा शेयर प्राइस देखना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें कंपनियों की वॉल्यूम ग्रोथ, EBITDA मार्जिन, कैपेक्स, मार्केट शेयर और वैल्यूएशन पर भी नजर रखनी होगी।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
केबल और वायर शेयरों में आगे की चाल के लिए मुख्य रूप से ये फैक्टर महत्वपूर्ण रहेंगे:
- UltraTech का निवेश प्लान कितना बड़ा होता है।
- कंपनी वायर के बाद केबल कारोबार में कितनी तेजी से विस्तार करती है।
- Diamond Power की क्षमता विस्तार योजना कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
- Polycab, RR Kabel और KEI की वॉल्यूम ग्रोथ कैसी रहती है।
- बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद कंपनियां अपने मार्जिन को कितना बचा पाती हैं।
- मौजूदा वैल्यूएशन के मुकाबले कंपनियों की कमाई कितनी तेजी से बढ़ती है।
Bottom Line
केबल और वायर सेक्टर में फिलहाल नई प्रतिस्पर्धा सबसे बड़ा जोखिम बनकर सामने आई है। UltraTech की एंट्री से बाजार में मुकाबला बढ़ने की आशंका ने RR Kabel, KEI Industries और Polycab जैसे शेयरों पर दबाव बढ़ाया है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन शेयरों से तुरंत बाहर निकलना ही सही रणनीति है। कंपनी की कमाई, मार्जिन, वैल्यूएशन और UltraTech की वास्तविक विस्तार योजना को देखते हुए ही निवेश का फैसला करना बेहतर होगा। खासकर ऊंचे वैल्यूएशन वाले शेयरों में किसी भी कमजोर नतीजे पर गिरावट तेज हो सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ब्रोकरेज फर्मों और उपलब्ध बाजार आकलनों पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


