NIOS BEd Bridge Course 2026: प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) जल्द ही ऐसे शिक्षकों के लिए 6 महीने का विशेष ब्रिज कोर्स शुरू करने जा रहा है। यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया जाएगा।
एनआईओएस की ओर से इस ब्रिज कोर्स को ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा माध्यम से संचालित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक, कोर्स का विस्तृत शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से मान्यता प्राप्त है।
6 महीने का होगा NIOS BEd Bridge Course
एनआईओएस मुख्यालय, नोएडा में सक्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के उपनिदेशक आलोक कुमार गुप्ता के अनुसार, ब्रिज कोर्स को ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग मोड में संचालित करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब संस्थान की ओर से जल्द ही इसकी तारीखों और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों की घोषणा की जा सकती है।
इस कोर्स का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर पढ़ा रहे उन बीएड शिक्षकों को जरूरी प्रशिक्षण देना है, जिनकी नियुक्ति निर्धारित अवधि के दौरान हुई है।
ब्रिज कोर्स के लिए 66,154 शिक्षकों ने कराया रजिस्ट्रेशन
देशभर में इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कुल 66,154 बीएड शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
आवेदकों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। इसके बाद मध्य प्रदेश और बिहार का नंबर आता है।
राज्यवार आवेदकों की संख्या
| राज्य | आवेदकों की संख्या |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 33,640 |
| मध्य प्रदेश | 10,650 |
| बिहार | 7,569 |
| पश्चिम बंगाल | 6,627 |
| असम | 1,376 |
| छत्तीसगढ़ | 1,208 |
आंकड़ों से पता चलता है कि अकेले उत्तर प्रदेश से 33 हजार से अधिक शिक्षकों ने इस कोर्स के लिए आवेदन किया है।
किन बीएड शिक्षकों को करना होगा ब्रिज कोर्स?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, 28 जून 2018 के बाद और 11 अगस्त 2023 से पहले प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त किए गए बीएड अर्हताधारी सहायक अध्यापकों के लिए यह ब्रिज कोर्स महत्वपूर्ण है।
ऐसे शिक्षकों को निर्धारित नियमों के अनुसार यह विशेष प्रशिक्षण पूरा करना होगा। यानी संबंधित अवधि के बीच नियुक्त हुए पात्र बीएड शिक्षकों को कोर्स की शर्तों का पालन करना जरूरी होगा।
कोर्स पूरा करने के लिए मिलेगा एक साल का समय
NIOS BEd Bridge Course की अवधि भले ही 6 महीने होगी, लेकिन इसे पूरा करने के लिए शिक्षकों को आधिकारिक तौर पर कोर्स शुरू होने की तारीख से एक साल तक का समय दिया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पात्र शिक्षक को निर्धारित अवधि के भीतर यह कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करना होगा। निर्धारित समय में कोर्स पूरा नहीं करने पर नियुक्ति को लेकर गंभीर कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।
राज्य सरकारों से पहले ही मिल चुकी है मंजूरी
इस ब्रिज कोर्स को लेकर विभिन्न राज्य सरकारों से करीब चार महीने पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। हालांकि, कुछ शिक्षकों की ओर से इस प्रशिक्षण से छूट देने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
अब इन याचिकाओं का निपटारा हो चुका है। इसके बाद एनआईओएस के लिए ब्रिज कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
ऑनलाइन और डिस्टेंस मोड में होगा प्रशिक्षण
NIOS की ओर से इस विशेष ब्रिज कोर्स को ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा माध्यम से संचालित करने की तैयारी की गई है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यरत शिक्षक अपने कार्य के साथ इस प्रशिक्षण को पूरा कर सकेंगे।
अब शिक्षकों को संस्थान की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक शेड्यूल का इंतजार है। शेड्यूल जारी होने के बाद कोर्स की शुरुआत, अध्ययन सामग्री, परीक्षा और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी स्पष्ट हो जाएगी।
66 हजार से ज्यादा शिक्षकों पर पड़ेगा सीधा असर
66,154 से अधिक आवेदन इस बात को दर्शाते हैं कि इस ब्रिज कोर्स का असर देशभर में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों पर पड़ेगा। खासतौर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के शिक्षकों की संख्या काफी अधिक है।
पात्र शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे एनआईओएस की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना पर नजर रखें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोर्स से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करें।
नोट: ब्रिज कोर्स की शुरुआत की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, फीस, परीक्षा और अन्य नियमों के संबंध में अंतिम जानकारी एनआईओएस की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मान्य होगी।


