Avalon Technologies Share Price: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनी एवलॉन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में सोमवार, 7 सितंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान स्टॉक 10 फीसदी से ज्यादा चढ़कर ₹2,422 के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और शेयर करीब 7 फीसदी की बढ़त के साथ ₹2,355.35 पर बंद हुआ।
शेयर में इस तेजी की बड़ी वजह ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस बढ़ाना माना जा रहा है। ब्रोकरेज ने एवलॉन टेक्नोलॉजीज पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹2,767 प्रति शेयर कर दिया है।
नोमुरा का मानना है कि जर्मनी की कंपनी Zollner Elektronik AG के साथ एवलॉन का हालिया जॉइंट वेंचर कंपनी के लिए लंबी अवधि में ग्रोथ का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है।
शेयर में क्यों आई तेज खरीदारी?
एवलॉन टेक्नोलॉजीज ने हाल ही में Zollner Elektronik AG के साथ भारत में एक जॉइंट वेंचर स्थापित किया है। इस साझेदारी के जरिए भारत में Printed Circuit Board Assembly (PCBA), बॉक्स-बिल्ड प्रोडक्ट्स और सिस्टम इंटीग्रेशन प्रोडक्ट्स का निर्माण किया जाएगा।
जॉइंट वेंचर का फोकस मुख्य रूप से हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज, टेस्ट एंड मेजरमेंट, रेलवे और दूसरे इंडस्ट्रियल सेक्टर्स के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने पर होगा।
ब्रोकरेज के मुताबिक, यह साझेदारी एवलॉन के लिए सिर्फ घरेलू कारोबार बढ़ाने का अवसर नहीं है, बल्कि कंपनी को ग्लोबल ग्राहकों और नए इंडस्ट्री सेगमेंट तक पहुंच बनाने में भी मदद कर सकती है।
जॉइंट वेंचर में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
शुरुआत में प्रस्तावित जॉइंट वेंचर में Zollner की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि Avalon Technologies के पास 49 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी।
हालांकि, कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने के तीन साल बाद एवलॉन के पास अतिरिक्त 2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प होगा। अगर कंपनी इस विकल्प का इस्तेमाल करती है, तो उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 51 फीसदी हो सकती है और वह जॉइंट वेंचर में मेजॉरिटी शेयरहोल्डर बन जाएगी।
शुरुआती चरण में जॉइंट वेंचर का उद्देश्य Zollner के मौजूदा ग्राहकों के भारतीय ऑपरेशंस को सपोर्ट करना और उन्हें लोकलाइजेशन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा।
एवलॉन की मौजूदा क्षमताओं का भी मिलेगा फायदा
इस साझेदारी में एवलॉन टेक्नोलॉजीज अपनी मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का इस्तेमाल कर सकती है। इनमें केबल वायरिंग और हार्नेस, मैग्नेटिक्स, प्लास्टिक, शीट मेटल और मशीनिंग जैसी क्षमताएं शामिल हैं।
इससे कंपनी को जॉइंट वेंचर के लिए अलग-अलग कंपोनेंट और मैन्युफैक्चरिंग जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। वहीं, Zollner की ग्लोबल मौजूदगी और ग्राहक नेटवर्क एवलॉन के लिए नए बिजनेस अवसर पैदा कर सकता है।
नोमुरा ने क्यों बढ़ाया टारगेट प्राइस?
नोमुरा के मुताबिक, Zollner के साथ यह साझेदारी एवलॉन टेक्नोलॉजीज को एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दे सकती है।
ब्रोकरेज का मानना है कि जॉइंट वेंचर के जरिए कंपनी को:
- ग्लोबल ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
- यूरोप में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
- हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज जैसे नए सेक्टर्स में प्रवेश मिल सकता है।
- टेस्ट एंड मेजरमेंट और इंडस्ट्रियल सेगमेंट में कारोबार बढ़ सकता है।
- एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी की क्षमता का विस्तार हो सकता है।
नोमुरा का अनुमान है कि इस जॉइंट वेंचर में करीब 3-5 करोड़ डॉलर का निवेश किया जा सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, अगर यह योजना उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ती है तो वित्त वर्ष 2028-29 में एवलॉन की EPS में करीब 21 फीसदी तक की बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है।
Zollner कौन-कौन से सेक्टर में करती है काम?
Zollner Elektronik AG एक ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनी है। यह सेमीकंडक्टर, रेलवे, एयरोस्पेस और ऑटोमोटिव जैसे कई महत्वपूर्ण सेक्टर्स के लिए कॉम्प्लेक्स EMS मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी सेवाएं देती है।
नोमुरा के अनुसार, Zollner के ग्राहकों में BMW, Bosch, Teradyne, Siemens और National Instruments जैसी कंपनियां शामिल हैं।
ऐसे में एवलॉन के लिए Zollner के साथ साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा ग्लोबल कस्टमर बेस और नई इंडस्ट्रीज तक पहुंच के रूप में सामने आ सकता है।
Avalon Technologies Share Performance
सोमवार की तेजी के बाद एवलॉन टेक्नोलॉजीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹15,700 करोड़ से ज्यादा हो गया है।
शेयर में हाल के महीनों में भी काफी मजबूत तेजी देखने को मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, स्टॉक ने करीब 6 महीने में 45 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की है। तेज रैली के चलते शेयर ने सोमवार को कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई भी बनाया।
हालांकि, इतनी तेजी के बाद निवेशकों को कंपनी के वैल्यूएशन, जॉइंट वेंचर के वास्तविक प्रदर्शन, निवेश की जरूरत और भविष्य की कमाई पर इसके असर जैसे पहलुओं पर भी नजर रखनी चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
नोमुरा द्वारा टारगेट प्राइस बढ़ाए जाने से एवलॉन टेक्नोलॉजीज के शेयर को लेकर बाजार का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है। खासतौर पर Zollner के साथ जॉइंट वेंचर को कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगर यह साझेदारी उम्मीद के मुताबिक सफल रहती है और नए ग्लोबल ग्राहक व ऑर्डर कंपनी के कारोबार में जुड़ते हैं, तो लंबे समय में एवलॉन को फायदा मिल सकता है। दूसरी ओर, जॉइंट वेंचर से जुड़े निवेश, प्रोडक्शन शुरू होने की टाइमलाइन और नए कारोबार से होने वाली कमाई पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
ध्यान दें: किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से आकलन करना जरूरी है।
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