देहरादून में दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनकी 135वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने सरकार की पिछले दशक की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन फैसलों ने संविधान की भावना को और मजबूत किया है।
यह कार्यक्रम उत्तराखंड में हुए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर उद्घाटन से जुड़ा था, लेकिन प्रधानमंत्री का संबोधन राजनीतिक, संवैधानिक और विकास—तीनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा।
देहरादून में हुआ बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन
Narendra Modi ने इसी कार्यक्रम में ₹12,000 करोड़ से अधिक लागत से बने दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन किया।
यह 213 किलोमीटर लंबा, 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है। इस प्रोजेक्ट से यात्रा समय 6 घंटे से घटकर लगभग 2.5 घंटे रह जाएगा।
अंबेडकर जयंती पर संविधान और सामाजिक न्याय पर बयान
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरित हैं, खासकर सामाजिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांतों से।
उन्होंने कहा कि सरकार पिछले 10 वर्षों में संविधान की गरिमा को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और देश को एक समान कानूनी ढांचे की ओर आगे बढ़ाया जा रहा है।
अनुच्छेद 370 पर सरकार का रुख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद अब संविधान पूरी तरह देशभर में लागू है।
Abrogation of Article 370 को उन्होंने एक ऐतिहासिक कदम बताया, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर को भारत के संवैधानिक ढांचे में पूरी तरह एकीकृत किया गया।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर बड़ा बयान
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने को भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
Uniform Civil Code को लेकर उन्होंने कहा कि संविधान भी समान नागरिक संहिता की परिकल्पना करता है और उत्तराखंड ने इसे लागू कर देश के लिए एक उदाहरण पेश किया है।
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस दिशा में कदम बढ़ाया है।
दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर और विकास पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक गलियारा उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा।
इस परियोजना से:
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- व्यापार और लॉजिस्टिक्स तेज होंगे
- रोजगार के नए अवसर बनेंगे
- पहाड़ी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी
रोड शो में देरी पर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देरी के लिए माफी भी मांगी। उन्होंने बताया कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का उत्साह इतना अधिक था कि आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता का यह प्यार उनके लिए नई प्रेरणा है।
त्योहारों की शुभकामनाएं और सांस्कृतिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देशवासियों को बैसाखी, पुथंडु और बोहाग बिहू की शुभकामनाएं भी दीं।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा शुरू होने वाली है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
दात काली मंदिर का जिक्र
प्रधानमंत्री ने देहरादून के पास स्थित दात काली मंदिर में पूजा-अर्चना का भी उल्लेख किया और कहा कि इस क्षेत्र की आध्यात्मिक ऊर्जा परियोजना के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
विकास बनाम नीति: बड़ा राजनीतिक संदेश
इस पूरे भाषण का सबसे बड़ा संदेश विकास और संवैधानिक बदलावों को जोड़कर देखा जा रहा है।
एक तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन, और दूसरी तरफ अनुच्छेद 370 व UCC जैसे मुद्दों पर बयान — यह दर्शाता है कि सरकार विकास और नीति दोनों मोर्चों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
निष्कर्ष
देहरादून में हुआ यह कार्यक्रम केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर उद्घाटन नहीं था, बल्कि यह एक व्यापक राजनीतिक और विकासात्मक संदेश भी था।
Narendra Modi ने अपने संबोधन में जहां एक ओर अंबेडकर की विरासत को याद किया, वहीं दूसरी ओर अनुच्छेद 370 और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे मुद्दों को भारत के भविष्य से जोड़ा।
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम भारत के विकास, संविधान और नीति—तीनों का एक साथ प्रतिनिधित्व करता है।
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