Aurionpro Solutions Share Price: आईटी और सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनी Aurionpro Solutions के शेयरों में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। जून तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद निवेशकों की निराशा साफ दिखी और कंपनी का शेयर 12.10% टूटकर ₹735.40 पर बंद हुआ। यह शेयर 11 जून के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई और कई बड़े ऑर्डर भी मिले, लेकिन मुनाफे और मार्जिन में गिरावट ने बाजार की चिंता बढ़ा दी।
तिमाही नतीजों में रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन मुनाफा घटा
Aurionpro Solutions ने जून तिमाही में ₹358 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹337 करोड़ की तुलना में 6.3% अधिक है। वहीं पिछली तिमाही के ₹346 करोड़ के मुकाबले इसमें 3.6% की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, ऑपरेटिंग प्रदर्शन दबाव में रहा। कंपनी का EBITDA 9.1% घटकर ₹61 करोड़ रह गया। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन 17.2% पर आ गया, जो एक साल पहले की तुलना में 300 बेसिस पॉइंट्स कम है।
कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) भी कमजोर रहा। जून तिमाही में PAT ₹45 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹51 करोड़ के मुकाबले 12.6% कम है। वहीं PAT मार्जिन भी 15.3% से घटकर 12.6% पर आ गया।
23 नए ग्राहक जुड़े, बैंकिंग बिजनेस से मिला सहारा
मार्जिन पर दबाव के बावजूद कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार जारी रखा। तिमाही के दौरान 23 नए ग्राहक जुड़े।
- बैंकिंग और फिनटेक बिजनेस का रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹201 करोड़ रहा।
- टेक्नोलॉजी इनोवेशन ग्रुप का रेवेन्यू 8.4% बढ़कर ₹157 करोड़ पहुंच गया।
कंपनी का कहना है कि बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट्स से जुड़े कारोबार में लगातार मजबूत मांग देखने को मिल रही है।
अमेरिका से मिला सबसे बड़ा ऑर्डर
जून तिमाही के दौरान Aurionpro Solutions को अमेरिका से अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ। कंपनी ने एक प्रमुख डिजिटल इंश्योरेंस पेमेंट प्लेटफॉर्म के साथ 33 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का तीन साल का समझौता किया है।
इसके अलावा कंपनी को Ujjivan Small Finance Bank से भी बड़ा ऑर्डर मिला है। बैंक ने Aurionpro के iCashpro+ Integrated Transaction Banking Platform को लागू करने के लिए 6 साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
इन ऑर्डर्स से आने वाले वर्षों में कंपनी की आय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिकॉर्ड हाई से 62% नीचे आया शेयर
Aurionpro Solutions का शेयर कभी मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले शेयरों में शामिल रहा है। मार्च 2023 से सितंबर 2024 के बीच इसमें जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी और शेयर ₹1,975 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया था।
हालांकि, सितंबर 2024 के बाद से इसमें लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
- रिकॉर्ड हाई से शेयर करीब 62% टूट चुका है।
- सितंबर 2024 से अब तक इसमें 55% से अधिक की गिरावट आई है।
- पूरे 2025 में शेयर करीब 40% गिरा।
- 2026 में अब तक इसमें लगभग 29% की और कमजोरी आ चुकी है।
तिमाही नतीजों के बाद आई ताजा गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ, नए ग्राहकों और बड़े ऑर्डर्स जैसे सकारात्मक संकेत भविष्य के लिए उम्मीद जगाते हैं। लेकिन मौजूदा समय में मार्जिन में गिरावट, EBITDA और नेट प्रॉफिट में कमजोरी निवेशकों की चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी यदि लाभप्रदता सुधारने में सफल रहती है, तो शेयर की दिशा पर इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran अपने पाठकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह लेने की सलाह देता है।


