Tata Capital Q1 Results: टाटा ग्रुप की प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) टाटा कैपिटल ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में दमदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 56% बढ़कर ₹1,547 करोड़ पहुंच गया। वहीं, कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 22% की वृद्धि के साथ ₹2,90,502 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा, टाटा कैपिटल ने Yogloans का अधिग्रहण कर गोल्ड लोन कारोबार में भी एंट्री कर ली है, जिससे उसके रिटेल लेंडिंग बिजनेस को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जून तिमाही में शानदार रहा प्रदर्शन
टाटा कैपिटल ने जून 2026 तिमाही में मजबूत ग्रोथ दर्ज की। बढ़ती लोन डिमांड, बेहतर एसेट क्वालिटी और रिटेल लेंडिंग पर फोकस की वजह से कंपनी के वित्तीय नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे।
कंपनी के अनुसार, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 56% बढ़कर ₹1,547 करोड़ हो गया, जबकि कुल AUM बढ़कर ₹2.90 लाख करोड़ से अधिक हो गया। यह दिखाता है कि कंपनी का लोन पोर्टफोलियो लगातार मजबूत हो रहा है।
स्टैंडअलोन रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी
टाटा कैपिटल का स्टैंडअलोन रेवेन्यू तिमाही आधार पर 8.1% बढ़कर ₹8,822 करोड़ हो गया, जो पिछले क्वार्टर में ₹8,162 करोड़ था।
इसके अलावा,
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर ₹1,628 करोड़ रहा।
- मोटर फाइनेंस कारोबार को छोड़कर AUM 28% बढ़कर ₹2,66,057 करोड़ पहुंच गया।
- नेट टोटल इनकम 23% बढ़कर ₹4,455 करोड़ रही।
कंपनी के मुताबिक, रिटेल और SME लेंडिंग का नेट AUM में हिस्सा 85.4% रहा, जबकि अनसिक्योर्ड रिटेल लोन की हिस्सेदारी 10.3% रही। कंपनी ने यह भी बताया कि तिमाही के दौरान लोन डिस्बर्समेंट में लगातार अच्छी वृद्धि देखने को मिली।
एसेट क्वालिटी में आया सुधार
जून तिमाही में कंपनी की एसेट क्वालिटी भी पहले के मुकाबले बेहतर रही।
मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं—
- कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो: 36.8% से घटकर 36.4%
- क्रेडिट कॉस्ट: 1.6% से घटकर 1%
- रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA): 2.3%
- रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE): 13.7%
30 जून 2026 तक कंपनी का ग्रॉस स्टेज-3 एसेट 1.9% और नेट स्टेज-3 एसेट 0.8% रहा। वहीं, कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 18.5% दर्ज किया गया, जो नियामकीय आवश्यकताओं से काफी ऊपर है।
फिलहाल कंपनी की मौजूदगी 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में है और उसके 1,491 ब्रांच नेटवर्क के जरिए ग्राहकों को सेवाएं दी जा रही हैं।
हाउसिंग फाइनेंस कारोबार भी तेजी से बढ़ा
टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस ने भी पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया।
- AUM 24% बढ़कर ₹89,416 करोड़ पहुंच गया।
- नेट टोटल इनकम में 25% की वृद्धि हुई।
- टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) और टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोनों में 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह संकेत देता है कि कंपनी का हाउसिंग फाइनेंस पोर्टफोलियो भी लगातार विस्तार कर रहा है।
Yogloans के अधिग्रहण से गोल्ड लोन कारोबार में एंट्री
टाटा कैपिटल ने Yogloans का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिसके साथ कंपनी ने तेजी से बढ़ रहे गोल्ड लोन सेगमेंट में औपचारिक रूप से प्रवेश किया है।
कंपनी का मानना है कि भारत में सुरक्षित (Secured) लोन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गोल्ड लोन बिजनेस उसके रिटेल लेंडिंग पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा और आने वाले वर्षों में बेहतर ग्रोथ का नया अवसर देगा।
MD & CEO ने क्या कहा?
टाटा कैपिटल के MD और CEO राजीव सभरवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कंपनी के लिए काफी मजबूत रही है।
उन्होंने कहा कि Yogloans का अधिग्रहण कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। गोल्ड लोन कारोबार में प्रवेश से सुरक्षित कर्ज के क्षेत्र में कंपनी की पकड़ मजबूत होगी और इससे ग्राहकों को अधिक विविध वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
Tata Capital Q1 Results: प्रमुख आंकड़े
| पैरामीटर | जून 2026 |
|---|---|
| कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट | ₹1,547 करोड़ |
| AUM | ₹2,90,502 करोड़ |
| स्टैंडअलोन रेवेन्यू | ₹8,822 करोड़ |
| स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट | ₹1,628 करोड़ |
| नेट टोटल इनकम | ₹4,455 करोड़ |
| ROA | 2.3% |
| ROE | 13.7% |
| ग्रॉस स्टेज-3 एसेट | 1.9% |
| नेट स्टेज-3 एसेट | 0.8% |
| कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो | 18.5% |
शेयर का प्रदर्शन
मंगलवार के कारोबार में BSE पर टाटा कैपिटल का शेयर 1.21% की बढ़त के साथ ₹354.95 पर बंद हुआ। मजबूत तिमाही नतीजों और गोल्ड लोन कारोबार में एंट्री को निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


