Sell-off in Chip Stocks: अमेरिका में चिप शेयरों में तेज बिकवाली का असर अब वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर बाजार कोस्पी (KOSPI) भारी दबाव में है और इसमें करीब 11% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सिर्फ चिप कंपनियों के शेयरों में कमजोरी नहीं, बल्कि मार्जिन ट्रेडिंग (MTF) के जरिए बने रिकॉर्ड स्तर के लीवरेज्ड निवेश भी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दबाव बढ़ा तो इसका असर भारत समेत दुनिया के अन्य शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।
अमेरिका की चिप बिकवाली से क्यों हिला दक्षिण कोरिया?
हाल के दिनों में अमेरिकी टेक और AI चिप कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। इसका सीधा असर दक्षिण कोरिया की दो दिग्गज कंपनियों Samsung Electronics और SK Hynix पर पड़ा, जिनका कोस्पी इंडेक्स में 50% से अधिक वजन है।
इन दोनों शेयरों में भारी बिकवाली होने के बाद मार्जिन कॉल ट्रिगर हुए और ब्रोकर्स ने जबरन निवेशकों की पोजीशन काटनी शुरू कर दी। इससे गिरावट और तेज हो गई।
एक महीने के भीतर:
- Samsung Electronics का शेयर लगभग 38% टूटा।
- SK Hynix में करीब 42% की गिरावट आई।
- परिणामस्वरूप कोस्पी में भारी दबाव देखने को मिला।
दुनिया के बड़े बाजारों में कितनी है लीवरेज पोजीशन?
वर्तमान में विभिन्न देशों में मार्जिन ट्रेडिंग या लीवरेज्ड निवेश का स्तर काफी ऊंचा पहुंच चुका है।
| देश | लीवरेज पोजीशन |
|---|---|
| अमेरिका | 1.53 लाख करोड़ डॉलर |
| चीन | 3 लाख करोड़ युआन |
| दक्षिण कोरिया | 39 अरब डॉलर |
| भारत | ₹1.38 लाख करोड़ |
भारत में भी MTF लगातार बढ़ रहा है।
भारत में MTF का बढ़ता आंकड़ा
| अवधि | MTF पोजीशन |
|---|---|
| FY23 | ₹0.25 लाख करोड़ |
| FY24 | ₹0.47 लाख करोड़ |
| FY25 | ₹0.72 लाख करोड़ |
| सितंबर 2025 | ₹1 लाख करोड़ |
| दिसंबर 2025 | ₹1.16 लाख करोड़ |
| जुलाई 2026 | ₹1.38 लाख करोड़ |
मार्केट कैप के मुकाबले कितनी बड़ी है मार्जिन ट्रेडिंग?
सिर्फ कुल राशि ही नहीं बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि कुल बाजार पूंजीकरण में लीवरेज का हिस्सा कितना है।
| देश | मार्केट कैप में MTF का हिस्सा |
|---|---|
| चीन | 2.4% |
| अमेरिका | 2% |
| दक्षिण कोरिया | 0.8% |
| भारत | 0.34% |
यही वजह है कि विशेषज्ञ फिलहाल भारत को अपेक्षाकृत सुरक्षित मान रहे हैं।
कोरिया में क्यों बढ़ा संकट?
27 मई को दक्षिण कोरिया में Single Stock Leveraged ETF लॉन्च किया गया, जिसमें सिर्फ दो कंपनियां—Samsung और SK Hynix—शामिल थीं।
AI चिप्स की तेजी के दौरान रिटेल निवेशकों ने इसमें भारी निवेश किया।
मुख्य तथ्य:
- कुछ ही हफ्तों में 9.48 अरब डॉलर का निवेश हुआ।
- ETF के 92% निवेशक रिटेल हैं।
- मई के अंत तक रिटेल मार्जिन लोन 39 अरब डॉलर पहुंच गया।
जब चिप शेयर टूटे तो यही लीवरेज निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम बन गया।
क्या भारत के लिए भी है खतरा?
स्टॉकएज (StockEdge) के को-फाउंडर विवेक बजाज के अनुसार भारत में MTF तेजी से बढ़ जरूर रहा है, लेकिन इसकी संरचना दक्षिण कोरिया से काफी अलग है।
उनके अनुसार—
- भारत में MTF लगभग 2000 शेयरों में फैला हुआ है।
- दक्षिण कोरिया में लीवरेज मुख्य रूप से करीब 20 शेयरों में केंद्रित है।
- भारत में फ्री-फ्लोट मार्केट कैप के मुकाबले MTF का हिस्सा करीब 0.74% है, इसलिए फिलहाल बड़ा सिस्टमेटिक जोखिम नहीं दिखता।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि दक्षिण कोरिया में लीवरेज्ड बिकवाली और बढ़ती है तो इसका असर वैश्विक निवेशकों की धारणा पर पड़ेगा और भारत सहित अन्य बाजारों में भी दबाव देखने को मिल सकता है।
AI बबल पर क्या बोले विवेक बजाज?
विवेक बजाज का कहना है कि दुनिया में इस समय AI आधारित निवेश का एक बड़ा बबल बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इतिहास बताता है कि जब भी किसी सेक्टर में अत्यधिक लीवरेज के साथ बबल बनता है, उसके फूटने पर बाजार में तेज गिरावट आती है।
उन्होंने 2008 के रियल एस्टेट संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी अत्यधिक लीवरेज ने बाजार की गिरावट को और गंभीर बना दिया था। फिलहाल AI सेक्टर में भी वैसी ही स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
MTF क्या होता है?
मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) एक ऐसी सुविधा है जिसमें निवेशक पूरी राशि लगाए बिना शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुल निवेश का केवल एक हिस्सा देता है जबकि शेष राशि ब्रोकर लोन के रूप में उपलब्ध कराता है।
उदाहरण के लिए यदि किसी निवेशक को ₹1 लाख के शेयर खरीदने हैं तो वह केवल ₹30,000 स्वयं निवेश कर सकता है और बाकी ₹70,000 ब्रोकर से उधार लेकर ट्रेड कर सकता है।
यदि शेयरों में तेजी आती है तो मुनाफा कई गुना बढ़ सकता है, लेकिन गिरावट आने पर नुकसान भी उतनी ही तेजी से बढ़ता है। ऐसी स्थिति में यदि निवेशक अतिरिक्त मार्जिन नहीं जमा करता तो ब्रोकर उसकी पोजीशन जबरन बेच सकता है, जिसे मार्जिन कॉल या फोर्स्ड सेलिंग कहा जाता है।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
दक्षिण कोरिया की मौजूदा स्थिति यह बताती है कि अत्यधिक लीवरेज वाले बाजार में छोटी सी गिरावट भी बड़ी बिकवाली में बदल सकती है। भारत में फिलहाल MTF का स्तर अपेक्षाकृत नियंत्रित है, लेकिन लगातार बढ़ती मार्जिन ट्रेडिंग पर नजर रखना जरूरी होगा। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक केवल सीमित लीवरेज का उपयोग करें और जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता दें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


