Viral Video: क्या सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाकर करोड़ों की कमाई की जा सकती है? इस सवाल का जवाब कंटेंट क्रिएटर कपल मुस्कान और आशीष की कहानी देती है। दोनों ने अपनी अच्छी-खासी टेक सेक्टर की नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कंटेंट क्रिएशन को करियर बनाया और महज तीन साल में उनकी सालाना ग्रॉस कमाई ₹1 करोड़ से अधिक पहुंच गई। उन्होंने अपनी नई वीडियो सीरीज “कंटेंट मंडे” में अपनी पूरी इनकम जर्नी और बिजनेस मॉडल का खुलासा किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
टेक सेक्टर की नौकरी छोड़ शुरू किया नया सफर
मुस्कान और आशीष पहले कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करते थे।
- मुस्कान डेटा एनालिस्ट थीं और उनकी सालाना इन-हैंड सैलरी करीब ₹12 लाख थी।
- आशीष सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में काम करते थे और उनकी सालाना इन-हैंड सैलरी लगभग ₹23 लाख थी।
दोनों ने मई 2023 में अपनी नौकरी के साथ-साथ कंटेंट बनाना शुरू किया। शुरुआत में उनका मकसद केवल अतिरिक्त आय अर्जित करना था, लेकिन धीरे-धीरे यही उनका फुल-टाइम प्रोफेशन बन गया।
अक्टूबर 2023 में मिला पहला पेड ब्रांड प्रमोशन
कंटेंट बनाना शुरू करने के करीब पांच महीने बाद, अक्टूबर 2023 में उन्हें पहला पेड ब्रांड प्रमोशन मिला। इस एक प्रमोशनल वीडियो से उन्हें ₹15,000 की कमाई हुई।
इसके बाद ब्रांड्स का भरोसा बढ़ता गया और पहले ही साल कंटेंट क्रिएशन से उनकी कुल कमाई करीब ₹6.5 लाख तक पहुंच गई।
दूसरे साल कमाई में आया बड़ा उछाल
दूसरे साल मुस्कान और आशीष ने अपने काम को अधिक प्रोफेशनल तरीके से आगे बढ़ाया।
उन्होंने एक टैलेंट एजेंसी के साथ काम करना शुरू किया, जिससे उन्हें लगातार ब्रांड डील मिलने लगीं। इसके अलावा उन्होंने अपनी आय के कई नए स्रोत भी तैयार किए।
उनकी कमाई के प्रमुख स्रोत रहे—
- ब्रांड प्रमोशन
- एफिलिएट मार्केटिंग
- ग्रुप ट्रिप्स का आयोजन
- सोशल मीडिया कैंपेन
इन सभी माध्यमों की वजह से उनकी कुल वार्षिक कमाई बढ़कर करीब ₹45.3 लाख पहुंच गई।
तीसरे साल पार किया ₹1 करोड़ का आंकड़ा
तीसरे साल मुस्कान और आशीष ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने टैलेंट एजेंसी से अलग होकर अपने सभी ब्रांड डील और बिजनेस को खुद मैनेज करना शुरू किया।
इस दौरान उन्होंने अपनी कमाई के कई नए स्रोत जोड़े।
उनकी आय के प्रमुख स्रोत
- Instagram ब्रांड प्रमोशन
- YouTube एड रेवेन्यू
- Facebook मोनेटाइजेशन
- Affiliate Marketing
- Digital Products की बिक्री
- Group Trips
- अन्य कंटेंट आधारित प्रोजेक्ट्स
इन सभी स्रोतों से उनकी सालाना ग्रॉस इनकम लगभग ₹1.1 करोड़ तक पहुंच गई।
इस साल भी बनी हुई है कमाई की रफ्तार
मुस्कान और आशीष ने बताया कि कंटेंट क्रिएटर्स के लिए साल के शुरुआती तीन महीने आमतौर पर धीमे माने जाते हैं। इसके बावजूद उन्होंने इस वर्ष की पहली तिमाही में ही करीब ₹21 लाख की ग्रॉस कमाई कर ली।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह ग्रॉस इनकम है। इसमें कई तरह के खर्च शामिल नहीं हैं, जैसे—
- टैक्स
- वीडियो प्रोडक्शन
- कैमरा और अन्य उपकरण
- यात्रा खर्च
- एडिटिंग
- टीम और बिजनेस ऑपरेशन की लागत
यानी वास्तविक मुनाफा इन सभी खर्चों को घटाने के बाद तय होता है।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए दिया खास संदेश
वीडियो के आखिर में दोनों ने अन्य कंटेंट क्रिएटर्स और टैलेंट एजेंसियों के साथ काम करने वाले लोगों से भी अपने अनुभव साझा करने की अपील की।
उनका कहना था कि सोशल मीडिया इंडस्ट्री में कमाई को लेकर पारदर्शिता बहुत कम है। यदि ज्यादा क्रिएटर्स खुलकर अपनी आय और अनुभव साझा करें तो नए लोगों को इस क्षेत्र को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
कंटेंट क्रिएशन का बदलता बिजनेस मॉडल
आज कंटेंट क्रिएशन केवल सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने तक सीमित नहीं रह गया है। सफल क्रिएटर्स अब अपनी आय को कई अलग-अलग स्रोतों में बांट रहे हैं, जिनमें शामिल हैं—
- ब्रांड स्पॉन्सरशिप
- एफिलिएट मार्केटिंग
- YouTube और Facebook मोनेटाइजेशन
- डिजिटल कोर्स और ई-बुक्स
- ऑनलाइन कम्युनिटी
- पेड वर्कशॉप
- ग्रुप ट्रैवल और ऑफलाइन इवेंट्स
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ब्रांड डील पर निर्भर रहने के बजाय आय के कई स्रोत बनाना लंबे समय में अधिक स्थिर मॉडल साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
मुस्कान और आशीष की कहानी दिखाती है कि सही रणनीति, लगातार मेहनत और कई आय स्रोत विकसित करके कंटेंट क्रिएशन को एक सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। हालांकि उन्होंने खुद भी यह स्पष्ट किया है कि उनकी बताई गई राशि ग्रॉस इनकम है, जिसमें टैक्स और अन्य बिजनेस खर्च शामिल नहीं हैं। ऐसे में सोशल मीडिया से होने वाली कमाई को केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे बिजनेस मॉडल और लागत के साथ समझना जरूरी है।


