PM Modi Independence Day Speech 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। करीब 75 मिनट के इस भाषण में उन्होंने भारत के विकास, आत्मनिर्भरता, युवाओं, तकनीक, रक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर दिया। इस साल का संबोधन पिछले कुछ वर्षों की तुलना में छोटा रहा, लेकिन इसमें कई बड़े ऐलान और भविष्य की दिशा को लेकर अहम संकेत देखने को मिले।
75 मिनट का रहा पीएम मोदी का भाषण
इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से करीब 75 मिनट तक देश को संबोधित किया। यह पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा।
साल 2025 में पीएम मोदी ने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनका अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन था। इससे पहले 2024 में उनका भाषण करीब 98 मिनट और 2023 में 90 मिनट का रहा था। 2022 में उन्होंने 74 मिनट तक देश को संबोधित किया था।
पीएम मोदी ने 2014 में पहली बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस का भाषण दिया था। उस समय उनका संबोधन करीब 65 मिनट का था। इसके बाद 2015 में 88 मिनट, 2016 में 96 मिनट, 2017 में 56 मिनट, 2018 में 83 मिनट, 2019 में करीब 92 मिनट और 2020 में 90 मिनट का भाषण रहा। 2021 में 88 मिनट और 2023 में करीब 90 मिनट तक उन्होंने देश को संबोधित किया था।
लगातार 13वीं बार लाल किले से संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 में लगातार 13वीं बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। इस मामले में वह जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर हैं।
पिछले साल 12वीं बार लगातार भाषण देने के साथ ही पीएम मोदी ने इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया था। जवाहरलाल नेहरू ने लगातार 17 बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था।
वंदे मातरम् और तिरंगे से शुरुआत
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् और तिरंगे का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश उन वीरों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के सपने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया और कहा कि यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं, किसानों, महिलाओं, उद्यमियों और देश के हर वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
12 साल की उपलब्धियों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने करीब 12 साल के कार्यकाल में देश में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत ने कई क्षेत्रों में अपनी क्षमता को साबित किया है।
उन्होंने रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे, खादी, डिजिटल पेमेंट और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब कई ऐसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, जहां पहले देश को बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहना पड़ता था।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और लोकल फॉर लोकल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी क्षमता और उत्पादन को मजबूत करना होगा।
सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, रक्षा और नई तकनीक जैसे क्षेत्रों को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए पीएम मोदी ने देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
सप्तधारा के जरिए विकास का विजन
पीएम मोदी ने विकास के लिए सप्तधारा का भी जिक्र किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री का संदेश साफ रहा कि भारत की विकास यात्रा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हो सकती। देश को एक साथ कई क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी, ताकि आर्थिक विकास के साथ रोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी भारत मजबूत हो सके।
युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान
स्वतंत्रता दिवस के भाषण में युवाओं और छात्रों पर खास फोकस देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की पहल का ऐलान किया।
इसका उद्देश्य देश के उन छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, जो संसाधनों की कमी के कारण महंगी कोचिंग का लाभ नहीं उठा पाते। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों और तकनीक का इस्तेमाल करके युवाओं तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को भारत के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं की स्किलिंग पर जोर दिया। उन्होंने एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने के लक्ष्य की बात कही।
AI और नई तकनीक के दौर में युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ-साथ भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक ताकत बनाने का संदेश भी भाषण में प्रमुख रहा।
क्या रहा भाषण का सबसे बड़ा संदेश?
इस साल पीएम मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण भले ही पिछले कुछ वर्षों की तुलना में छोटा रहा, लेकिन इसका फोकस काफी व्यापक रहा। विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवाओं की स्किलिंग, AI, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और ग्रीन इकोनॉमी जैसे मुद्दे भाषण के केंद्र में रहे।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री ने देश को यह संदेश देने की कोशिश की कि आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा का आधार बड़े लक्ष्य, आधुनिक तकनीक, आत्मनिर्भर उत्पादन और युवा शक्ति होगी।


