Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से भारत को वैश्विक आर्थिक ताकत बनाने का विजन सामने रखा। उन्होंने बैंकिंग, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और डिफेंस समेत कई क्षेत्रों में भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत करने के लक्ष्य गिनाए।
भारत की 50 कंपनियां हों फॉर्च्यून 500 में शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दशक में भारत की कम से कम 50 कंपनियां फॉर्च्यून 500 की सूची में शामिल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत को अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बजाय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली बड़ी कंपनियां तैयार करनी होंगी। इसके लिए देश में कारोबार, निवेश, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग को और बढ़ावा देने की जरूरत है।
टॉप-5 बैंकों में हो कम से कम एक भारतीय बैंक
पीएम मोदी ने अपने भाषण में बैंकिंग सेक्टर को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य होना चाहिए कि दुनिया के टॉप-5 बैंकों में कम से कम एक भारतीय बैंक शामिल हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर ने पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति की है। अब जरूरत है कि देश का कोई बैंक वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाए और दुनिया के सबसे बड़े बैंकों की सूची में जगह हासिल करे।
टॉप-5 फार्मा कंपनियों में भारतीय कंपनी का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने फार्मास्युटिकल सेक्टर को भी भारत की वैश्विक ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की टॉप-5 फार्मास्युटिकल कंपनियों में कम से कम एक भारतीय कंपनी होनी चाहिए।
भारत पहले से ही जेनेरिक दवाओं और फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पीएम मोदी ने संकेत दिया कि अब देश को इस क्षमता को और आगे बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर बड़ी फार्मा कंपनियां तैयार करने पर ध्यान देना होगा।
‘शक्ति की सप्त धारा’ पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की विकास यात्रा को गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का भी जिक्र किया। इसके तहत सात प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
इनमें शामिल हैं:
- मैन्युफैक्चरिंग
- कृषि और फूड प्रोसेसिंग
- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
- गति शक्ति
- रक्षा शक्ति
- ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी
- सॉफ्ट पावर
पीएम मोदी के मुताबिक, इन क्षेत्रों में भारत की क्षमता को बढ़ाकर देश को आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक रूप से और मजबूत किया जा सकता है।
भारत को वैश्विक ताकत बनाने का रोडमैप
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत के लिए बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखे। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत को आने वाले वर्षों में सिर्फ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसी वैश्विक ताकत बनना चाहिए जिसकी कंपनियां, बैंक, दवा उद्योग, तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाए।
फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियां, टॉप-5 बैंकों में भारतीय बैंक और दुनिया की टॉप-5 फार्मा कंपनियों में भारतीय कंपनी का लक्ष्य इसी व्यापक विजन का हिस्सा है।


